ईस्टर संडे 2020: 'सरकार की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करेंगे, 4 से ज्यादा लोग चर्च के अंदर नहीं रहेंगे'
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ईस्टर संडे 2020: 'सरकार की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करेंगे, 4 से ज्यादा लोग चर्च के अंदर नहीं रहेंगे'
(सांकेतिक फोटो)

दिल्ली स्थित जसोला के रोमन कैथोलिक चर्च (Roman Catholic Church) के फादर जुलियस जोब न्यूज 18 हिंदी के साथ बातचीत में कहते हैं, 'हमलोग सरकार की ओर से जारी किए गए गाइडलाइन और लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करेंगे. हमने इसके लिए सिर्फ चार लोगों को ही चर्च के अंदर रहने की इजाजत दी है.'

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  • Last Updated: April 11, 2020, 5:19 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को देखते हुए इस साल ईस्टर पर्व (Easter Festival 2020) धूमधाम से नहीं मनाया जा रहा है. ईस्टर ईसाइयों (Christians) का सबसे बड़ा पर्व है. ईस्टर पर्व कल यानी 12 अप्रैल को मनाया जाना है. ईस्टर पर्व हर साल वसंत ऋतु में पड़ता है. प्रभु ईसा मसीह (Isa Masih) मृत्यु के तीन दिनों बाद इसी दिन फिर से जी उठे थे, जिससे लोग खुशी से झूम उठे थे. इसी की याद में यह पर्व हर साल बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. ईस्टर संडे के दिन बड़ी संख्या में ईसाई धर्म के लोग अपने परिवार संग चर्च में जुटते हैं और प्रार्थना में भाग लेते हैं. क्योंकि इस समय देशभर में लॉकडाउन (Lockdown) की स्थिति है. इसको देखते हुए ईसाई धर्मगुरुओं ने ईसाई समुदाय से अपील की है कि वह अपने-अपने घरों में रह कर ही पर्व मनाएं.

भक्त चर्च से ऑनलाइन जुड़ेंगे
बता दें कि यह पर्व हमेशा किसी एक तारीख को नहीं पड़ता है. 21 मार्च के बाद जब पहली बार चांद पूरा होता है, उसके बाद के पहले रविवार को ईस्टर का त्योहार मनाया जाता है. इस साल पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का खौफ है लिहाजा प्रोटेस्टेंट और कैथोलिक संप्रदाय के चर्च और उसके फादर अपने अनुयायियों को घर से ही पूजा और प्रार्थना करने की सलाह दे रहे हैं. कई चर्च कल यानी 12 अप्रैल को अपने अनुयायियों को फेसबुक लाइव, चर्च के लॉगइन आईडी और फादर के पर्सनल ट्वीटर और फेसबुक अकाउंट से लोगों को संदेश देंगे. कई चर्चों के फादर ने लोगों से अपील की है कि वह अपने सगे-संबंधियों और दोस्तों को फोन पर या मैसेज भेज कर इस त्योहार के महत्व को बताएं.

Coronavirus- world famous Rome Catholic Church closed until 3 April
ईसाई धर्मगुरुओं ने ईसाई समुदाय से अपील की है कि वह अपने-अपने घरों में रह कर ही पर्व मनाएं. (AP Photo)

दिल्ली-NCR के चर्चों में सुबह 8 बजे से होगा पूजा-पाठ


दिल्ली स्थित जसोला के रोमन कैथोलिक चर्च के फादर जुलियस जोब न्यूज18 हिंदी के साथ बातचीत में कहते हैं, 'हमलोग सरकार की ओर से जारी किए गए गाइडलाइन और लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करेंगे. हमने इसके लिए सिर्फ चार लोगों को ही चर्च के अंदर रहने की इजाजत दी है. कल सुबह आठ बजे इस पर्व को हमलोग मनाएंगे. चर्च के अंदर भी जो लोग रहेंगे वह मास्क और डिस्टेंस मैंटेन करेंगे. मेरा चर्च ही नहीं दूसरे चर्चों में भी बिशप और पादरी ऑनलाइन ही प्रभु का संदेश लोगों तक पहुंचाएंगे. हम अपने यूट्यूब चैनल के जरिए अपने लोगों तक संदेश पहुंचाएंगे. जो घर के अंदर होंगे वह चर्च के अंदर पूजा-पाठ को देख सकेंगे.'

भारत में ज्यादातर कैथोलिक ईसाई रहते हैं
फादर आगे कहते हैं, 'मैं आपको बताना चाहता हूं कि जसोला चर्च में लगभग 380 रोमन कैथोलिक अनुयायियों का परिवार आता है. ज्यादातर बैचलर लोग ही हैं, जो मलयालम बोलते हैं. हमने सभी से अपील की है कि वह अपने-अपने घरों से ही प्रभु को याद करें. हमारे चर्च में ज्यादातर केरला के लोग हैं. मेरे पर्सनल फेसबुक अकाउंट और अन्य सोशल साइट्स के जरिए भी ये लोग प्रभु का संदेश सुन पाएंगे. हमलोग 12 अप्रैल को कब्रिस्तानों में सन राइड सर्विस एवं ईस्टर की आराधना नहीं करेंगे.'

ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल के मुताबिक प्रभु यशु अपनी मौत के तीन बाद जीवित हो गए थे और वह दिन रविवार था. इस दिन को ईसाई धर्म के लोग ईस्टर पर्व के तौर पर मनाते हैं. जिस दिन ईसा मशीह को सूली पर लटकाया गया उस दिन को गुड फ्राइडे के तौर पर मनाया जाता है. इसे गुड फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे और ग्रेट फ्राइडे के नाम से भी जाना जाता है.

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