हाथरस केस: ED की जांच में अब भीम आर्मी नहीं सिर्फ PFI रहेगी

(फाइल फोटो)

पीएफआई के खिलाफ पहले से ही दिल्ली (Delhi) में केस दर्ज हैं. उसी केस के आधार पर मथुरा से पकड़े गए 4 पीएफआई (PFI) मेम्बर्स की फंडिग को लेकर क्या भूमिका थी उसकी जांच ईडी अभी कर रही है.

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नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार वह हाथरस केस में सिर्फ पीएफआई की जांच कर रही है. भीम आर्मी (Bhim Army) को लेकर किसी भी तरह की भूमिका की कोई जांच नही कर रही है. भीम आर्मी का पीएफआई के साथ कोई लिंक है इसे लेकर भी ईडी कोई जांच नहीं कर रही है. जल्द ही ईडी लखनऊ ज़ोन की टीम जल्द मथुरा जेल में बन्द PFI के चार मेम्बर्स से पूछताछ कर सकती है.

गौरतलब रहे कि पीएफआई के खिलाफ पहले से ही दिल्ली में केस दर्ज हैं. उसी केस के आधार पर मथुरा जेल (Mathura Jail) से पकड़े गए 4 पीएफ मेम्बर्स को लेकर क्या भूमिका थी उसकी जांच ईडी अभी कर रही है. क्योंकि फंडिंग केस में चारों युवकों की गिरफ्तारी हुई है इसलिए अभी इसे शुरुआती जांच में शामिल किया जा रहा है. भीम आर्मी का नाम एफआईआर में दर्ज नहीं है.

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यूपी पुलिस और एसआईटी ने यह किया था खुलासा

यूपी पुलिस और एसआईटी ने खुलासा करते हुए बताया था कि हाथरस केस में पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो पीएफआई के सदस्य बताए जा रहे हैं. गिरफ्तार सदस्यों में एक शख्स बहराइच के जरवल का रहने वाला है. इसके बाद से यूपी पुलिस सक्रिय हो गई है. बहराइच पुलिस का कहना है कि ये इलाका इंडो-नेपाल सीमा से सटा हुआ है और पिछले कुछ समय में पीएफआई से जुड़े कुछ अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. ऐसे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यूपी और देश के भीतर जातीय और सांप्रदायिक दंगे फैलाने के लिए भारत नेपाल सीमा पर पीएफआई की गतिविधियां क्या चल रही हैं?

इस्लामिक देशों से फंडिंग के भी आरोप!

जांच एजेंसियों के मुताबिक, वेबसाइट के जरिए विरोध प्रदर्शन की जानकारी दी जा रही थी. इतना ही नहीं इस वेबसाइट के तार इस्लामिक देशों से जुड़े होने के भी संकेत मिले हैं. इस्लामिक देशों से फंडिंग की भी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को मिली है. वेबसाइट में फर्ज़ी आईडी से सैकड़ों लोगों को जोड़ा गया और मदद के बहाने फंडिंग भी जुटाई गई. इतना ही नहीं कुछ नामचीन लोगों के सोशल मीडिया एकाउंट का भी इस्तेमाल किया गया. वेबसाइट बनाने में पीएफआई और एसडीपीआई की भूमिका भी सामने आ रही है.

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