खनन माफिया BSP नेता हाजी इकबाल पर ED ने कसा शिकंजा, कई ठिकानों पर छापेमारी

हाजी इक़बाल के कई ठिकानों  पर छापेमारी की गई है.
हाजी इक़बाल के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई है.

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने खनन माफिया हाजी इक़बाल के कई ठिकानों पर छापेमारी की है. लोकेशन से टीम को कई अहम दस्तावेज और सबूत मिले हैं. 

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 14, 2020, 8:25 PM IST
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दिल्ली. केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (Enforcement Directorate) की टीम ने यूपी के मेरठ, सहारनपुर में एक खनन माफिया हाजी इक़बाल के खिलाफ उसके कई लोकेशन पर छापेमारी के मामले को अंजाम दिया. इस छापेमारी के दौरान खनन माफिया इक़बाल जो बहुजन समाजवादी पार्टी से पूर्व एमएलसी (MLC ) भी रह चुके हैं. उसके लोकेशन से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूतों को जब्त करके ईडी की टीम अपने साथ लखनऊ लेकर गई, जहां उसे विस्तार से खंगालेगी. ईडी के सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को सुबह -सुबह ही मेरठ और सहारनपुर वाले लोकेशन पर ईडी की टीम पहुंच गई थी, हाजी इक़बाल मूल रूप से सहारनपुर के रहने वाले हैं.

क्या आरोप है हाजी इक़बाल के खिलाफ ?

ईडी के सूत्र अधिकारी के मुताबिक, हाजी इक़बाल के खिलाफ कई ऐसे मामले दर्ज हैं जिन मामलों की तफ्तीश केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी और इनकम टैक्स विभाग कर रही है. बुधवार को अवैध तौर पर बालू खनन और दूसरे अन्य खनन माफियाओं के साथ कनेक्शन के आरोप में उसके खिलाफ ये कार्रवाई चल रही है. ये अवैध बालू खनन से जुड़ा हुआ मामला कुछ समय पहले ही ईडी ने दर्ज किया था. इस मामले की तफ्तीश के बाद कई सबूतों और महत्वपूर्ण इनपुट्स को प्राप्त करने के बाद ही इस माफिया के खिलाफ ईडी ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है. हाल में ही इसी महीने 6 अक्टूबर को हाजी इक़बाल के भाई मेहबूब अली समेत उसकी कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एनजीटी कोर्ट  (NGT Court) ने सुनवाई के बाद 50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला सुनाया था. ये जुर्माना भी अवैध खनन की वजह से लगाई गई थी. उस कार्रवाई के एक सप्ताह के अंदर ही ईडी की कार्रवाई भी हो गयी है.



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हाजी इक़बाल के खिलाफ कुछ अन्य आरोप 

यूपी में चर्चित चीनी मिल घोटाले में भी हाजी इक़बाल के खिलाफ  बतौर आरोपी के तौर पर ईडी ने मामला दर्ज किया था. गलत तरीके से और अवैध तौर पर जमा की गई करोड़ों रूपये से करीब आठ से 10 चीनी मिल हाजी इक़बाल ने खरीदे थे जिसमें ये भी आरोप है कि कई नेताओं के संरक्षण में इसी चीनी मिल के नाम पर करोड़ों रुपये ब्लैक से व्हाइट किए गए हैं. लिहाजा उन मामलों में भी फिलहाल तफ्तीश जारी है.
हाजी इक़बाल के खिलाफ मामला इतना ही नहीं है बल्कि सहारनपुर इलाके में स्थित बदशाहीबाग इलाके में स्थित ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी ईडी (ED )के राडार पर है, क्योंकि ईडी के अधिकारियों के मुताबिक इस यूनिवर्सिटी को बनाने में काफी ऐसी संपत्ति का प्रयोग किया गया था, जो गलत तरीके से अर्जित किए गए थे. लिहाजा मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत कभी भी उस प्रोपर्टी और विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम देते हुए उसे अटेच किया जा सकता है. इस यूनिवर्सिटी की अगर बात करें तो ये करीब 700 एकड़ में बनी हुई है. इस यूनिवर्सिटी के बारे ऐसा भी कहा जाता है कि बहुजन समाजवादी पार्टी (BSP )के कई नेताओं की अवैध लाखों-करोड़ो रूपये इस यूनिवर्सिटी के नाम पर ब्लैक से व्हाइट किया जा चुका है, जिसमें एक नेता का  नाम बाबू सिंह कुशवाहा का भी है. लिहाजा इस मामले में विस्तार से इस आरोप को खंगालने का काम ईडी की टीम कर रही है.
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