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Delhi Government: चुनाव कार्यालयों के DEO को हाईकोर्ट से मिली राहत, 31 दिसंबर तक सेंट्रल लेबर कमीशन लेगा फैसला

चुनाव कार्यालय में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर्स की ओर से दिल्ली प्रशासन विकास विभाग इंडस्ट्रियल एंप्लाइज यूनियन ने द‍िल्‍ली हाईकोर्ट आदेश को चुनौती दी थी.  (फाइल फोटो )

चुनाव कार्यालय में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर्स की ओर से दिल्ली प्रशासन विकास विभाग इंडस्ट्रियल एंप्लाइज यूनियन ने द‍िल्‍ली हाईकोर्ट आदेश को चुनौती दी थी. (फाइल फोटो )

Delhi High Court: दिल्ली सरकार के IT विभाग की ओर से जारी सर्कुलर के बाद विभागों में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों पर तलवार लटकी हुई है. इस आर्डर को चुनाव कार्यालयों में कार्यरत Data Entry Operators की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. इस पर गंभीर संज्ञान लेते हुए सेंट्रल लेबर कमिश्नर को आदेशित किया गया है कि वह 31 दिसंबर तक कोई ठोस फैसला ले.

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    नई दिल्ली. दिल्ली सरकार (Delhi Government) एक तरफ तो बेरोजगार लोगों को जॉब पोर्टल (Job Portal) और जॉब फेयर (Job Fair) के जरिए रोजगार देती आ रही है. दूसरी तरफ दिल्ली सरकार का सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (Information Technology Department) तमाम विभागों में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों पर तलवार लटकाने वाले आर्डर जारी कर रहा है.

    इस तरह के आर्डर पर अब दिल्ली हाईकोर्ट ने गंभीर संज्ञान लेते हुए सेंट्रल लेबर कमिश्नर (Central Labor Commissioner) को आदेशित किया है कि वह इस मामले पर 31 दिसंबर तक कोई ठोस फैसला ले.

    बताते चलें कि दिल्ली सरकार के चुनाव विभाग में 15-16 सालों से डाटा एंट्री ऑपरेटर कॉन्ट्रेक्ट पर काम कर रहे हैं. इन सभी डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) को विभाग की ओर से वर्ष 2012 में डायरेक्ट भर्ती किया गया था. लेकिन बाद में उन्हें आउट सोर्स कर दिया गया था जिसका टेंडर मई 2012 में NIELIT को दे दिया गया था.

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    लेकिन अब दिल्ली सरकार के आईटी विभाग की ओर से 27 मई, 2021 को एक नया सर्कुलर जारी किया गया था. इस सर्कुलर में स्पष्ट किया कि 30 जून, 2021 के बाद कंप्यूटर, हार्डवेयर, डाटा एंट्री और सॉफ्टवेयर में जो कर्मचारियों की भर्ती होगी, वह गवर्नमेंट ई मार्केट (GeM) से की जाएगी. इस नए आदेश से करीब 508 कर्मचारियों को नौकरी जाने का डर सताने लगा है जोकि NIELIT के जरिये 38 विभागों में कार्यरत हैं.

    इस आदेश को चुनाव कार्यालय में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर्स की ओर से दिल्ली प्रशासन विकास विभाग इंडस्ट्रियल एंप्लाइज यूनियन ने सेंट्रल लेबर कमिश्नर में चुनौती दी थी. कर्मचारियों के हक में दिए गए आदेश को भी दिल्ली सरकार के आईटी विभाग, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय और अन्य की ओर से नहीं माना गया. जिसके बाद इन चुनाव कार्यालयों के डाटा एंट्री ऑपरेटर्स के मामले पर एंप्लाइज यूनियन ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

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    दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस जसमीत सिंह की सिंगल बेंच कोर्ट ने इस मामले पर 21 जून को पहली सुनवाई की थी. आज सोमवार को इस मामले पर दूसरी सुनवाई जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह की सिंगल बेंच कोर्ट में की गई. कोर्ट ने आज याचिकाकर्ता को बड़ी राहत देते हुए सेक्शन 33 लागू रखने के आदेश दिये है. इस आदेश के मतलब यह है कि जो भी डाटा एंट्री ऑपरेटर इस केस में शामिल है उनकी सर्विस कंडीशन चेंज नहीं की जाएगी.

    कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि इस मामले मेंसेंट्रल लेबर कमीशन 31 दिसंबर तक कोई फैसला ले. वहीं, सेंट्रल लेबर कमिश्नर ऑफिस में इस मामले पर समान काम-समान वेतन और नियमितीकरण की मांग आदि पर सुनवाई जारी रहेगी जिसकी मांग याचिकाकर्ता यूनियन की ओर से कोर्ट में की गई है.

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