Exclusive: जांच में मौलाना साद और तबलीगी जमात का सामने आया हैरान करने वाला 'फ्री कनेक्‍शन', जानिए पूरा मामला
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Exclusive: जांच में मौलाना साद और तबलीगी जमात का सामने आया हैरान करने वाला 'फ्री कनेक्‍शन', जानिए पूरा मामला
मौलाना साद पर मेहरबान हैं दिल्‍ली सरकार और विभाग.

तबलीगी जमात (Tablighi jamaat) के प्रमुख मौलाना साद (Maulana saad ) के मुख्यालय पर न सिर्फ करीब 27 लाख रुपये का बिजली का बिल जमा है बल्कि कई साल से पानी और प्रॉपर्टी बिल भी जमा नहीं किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 25, 2020, 4:22 PM IST
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नई दिल्‍ली. तबलीगी जमात (Tablighi jamaat) के प्रमुख मौलाना साद (Maulana saad ) के मुख्यालय से जुड़ी तफ्तीश रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण जानकारी जांचकर्ताओं के मार्फत न्यूज़ 18 के हाथ लगी है. जांचकर्ताओं के मुताबिक, दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित तबलीगी जमात के मुख्यालय का पिछले करीब पांच सालों से बिजली का बिल जमा नहीं किया गया है. यही नहीं, पानी के कई कनेक्शन का बिल भी जमा नहीं हुआ है. इसके साथ ही तबलीगी जमात के मुख्यालय का प्रोपर्टी बिल भी जमा नहीं किया गया है यानी इस बिल्डिंग में सारी सेटिंग फ्री है.

दिल्‍ली सरकार ने नहीं की कार्रवाई
इस मसले पर पिछले पांच सालों में दिल्ली सरकार की किसी भी एजेंसी ने कार्रवाई नहीं की है. यकीनन दिल्ली सरकार के बिजली विभाग (Electricity department​ ), दिल्ली जल बोर्ड (Delhi jal board), प्रोपर्टी टैक्स विभाग (Revenue department of Delhi) की लापरवाही साफ नजर आ रही है. तबलीगी जमात के इस मुख्यालय में करीब पांच हजार लोगों के खाने की व्यवस्था सहित सैकड़ों लोगों के रहने और सोने की भी व्यवस्था है, लिहाजा समझा जा सकता है कि इस बिल्डिंग में पानी और बिजली सहित अन्य चीजों की कितनी आवश्यकता पड़ती होगी.

तबलीगी जमात की बिल्डिंग के बारे में अब तक ये महत्वपूर्ण जानकारी मिली है कि बिल्डिंग का नक्शा भी ऑथोरिटी द्वारा पास करवाया गया था. हालांकि ये बहुत पुरानी जमीन है, लेकिन वक्त के साथ साथ न उससे जुड़े कागजात बनवाए गए. तबलीगी जमात का मुख्यालय देश में काफी प्रसिद्ध और ऐतिहासिक निजामुद्दीन दरगाह जाने वाले रास्त के बीच में ही स्थित है. निजामुद्दीन दरगाह देश में काफी चर्चित धर्मस्थल है, जहां देश से और विदेशों से रोजाना काफी लोग आते जाते हैं. लेकिन उसके बाद भी मरकज के अंदर यहां गलत तरीके से आठ फ्लोर की इमारत तैयार की गई. अब ये भी सवालों के घेरे में है कि इस मसले पर अब तक दिल्ली सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
बकाया 27 लाख, लेकिन कनेक्शन जारी है


जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, तबलीगी जमात के मुख्यालय का पिछले पांच सालों के दौरान बिजली का बिल करीब करीब 27 लाख रुपया बाकी है. इससे भी हैरान करने वाली बात ये है कि बिजली के कई कनेक्शन अलग -अलग नामों से लिए गए हैं, लेकिन ये सारे कनेक्शन उसी इमारत के पते पर लिए गए हैं. यही नहीं, इन चारों बिजली के कनेक्शन का प्रयोग तबलीगी जमात के मुख्यालय में होता है. कानून के मुताबिक, एक इमारत में अलग-अलग नाम से कैसे कोई भी कनेक्शन लिया जा सकता है? ये भी तफ्तीश का मसला है. अब आप भी अनुमान लगा सकते हैं कि अगर किसी शख्स या संस्था का बिजली का बिल करीब 27 लाख बकाया है, लेकिन अब तक दिल्ली सरकार के द्वारा कोई नोटिस दिया गया और न तो उसके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई की गई. जबकि समान्य तौर पर देखा जाता है कि हजार- पांच हजार रुपये के बकाया बिल पर ही कार्रवाई करते हुए विभाग उसका कनेक्शन ही काट देता है, लेकिन तबलीगी जमात के लिए ऐसी कोई भी कार्रवाई नहीं की गई.आखिर मौलाना साद और तबलीगी जमात के प्रति इतनी दरियादिली क्यों ?

तब्लीगी जमात के मुख्यालय में लगे बिजली के चार कनेक्शन का बकाया बिल
1. CA नंबर -- 100112847 -- 1 जुलाई 2020 तक इस बिल नंबर का बकाया राशि है - दो लाख 17 लाख 970 रूपये
2. CA नंबर -- 100118100 -- 30 जुलाई 2020 तक इस बिल का बकाया राशि है -- 10 लाख 29 हजार 880 रूपये
3. CA नंबर -- 100135930 -- 3 अगस्त 2020 तक इस बिल का बकाया राशि है -- 11 लाख 98 हजार 460 रूपये
4. CA नंबर - 100112829 -- 3 अगस्त 2020 तक इस बिल का बकाया राशि है -- एक लाख 98 हजार 280 रूपये

तबलीगी जमात और मौलाना साद से जुडे कई अलग-अलग मसले की तफ्तीश केन्द्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है. क्राइम ब्रांच की टीम को मौलाना साद के खिलाफ कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है लेकिन अभी तक बहुत ज्यादा कार्रवाई नहीं हुई है. कार्रवाई नहीं करने की वजह भी अभी तक साफ नहीं हुई है. क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, हम लोगों की तफ्तीश का दायरा एक स्थान तक सीमित है, इसलिए हम लोग सिर्फ क्राइम के एंगल से ही जांच कर रहे हैं. आने वाले वक्त में हम लोग कुछ बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाले हैं, लेकिन फिलहाल उसे बताया नहीं जा सकता है. ईडी की टीम भी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA ) के तहत मामला दर्ज करके मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है. हाल में ही ईडी की टीम कई शहरो में छापेमारी की थी.
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