दिल्ली में लगातार 6 साल से नहीं बढ़ी बिजली की दर, मिलती रहेगी 24 घंटे लाइट
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दिल्ली में लगातार 6 साल से नहीं बढ़ी बिजली की दर, मिलती रहेगी 24 घंटे लाइट
दिल्ली में छठे साल भी बिजली की दरें न बढ़ाने की घोषणा के साथ दिल्ली वासियों को मुख्यमंत्री ने बधाई दी.

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली ने बिजली की दर छह साल तक बढ़ने नहीं दी और कुछ क्षेत्रों में दर में कमी भी की है. यह ऐतिहासिक है. यह इसलिए हो रहा है कि आपने दिल्ली में एक ईमानदार सरकार बनाई.

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  • Last Updated: August 29, 2020, 10:37 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) के नेतृत्व में AAP सरकार ने राज्य में लगातार छठे वर्ष बिजली दरों (Electricity rates) में वृद्धि नहीं करने का फैसला किया है. दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने 28 अगस्त को कोरोनो वायरस (Coronavirus) महामारी के मद्देनजर शहर में बिजली दरों में 2020-21 तक कोई बढ़ोतरी नहीं करने की घोषणा की थी. घोषणा के तुरंत बाद ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के नागरिकों को बधाई दी. उन्होंने कहा, “दिल्ली के लोगों को बधाई. एक तरफ जहां देश भर में बिजली की दरें साल-दर-साल बढ़ रही हैं, वहीं दिल्ली ने बिजली की दर छह साल तक बढ़ने नहीं दी है और कुछ क्षेत्रों में दर में कमी भी की है. यह ऐतिहासिक है. यह इसलिए हो रहा है कि आपने दिल्ली में एक ईमानदार सरकार बनाई. ”

201-400 यूनिट की खपत पर 50% सब्सिडी

यह भी उल्लेखनीय है कि 2013 में, अरविंद केजरीवाल उच्च बिजली दरों के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (बिजली - पानी सत्याग्रह) पर चले गए थे. उन्होंने देश में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने का वादा किया था. बहुत बड़ी जीत के साथ सत्ता में आने के बाद - अरविंद केजरीवाल ने टैरिफ को 50% घटा दिया. तब से AAP सरकार ने दिल्ली के लोगों को बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं करने के मामले में राहत प्रदान की है. अन्य राज्यों में प्रति-यूनिट बिजली की दर जैसे कि गुजरात में 100 यूनिट तक 3.5 रुपये, 101-200 यूनिट पर 4.15 रुपये, पंजाब में 100 यूनिट पर 4.49 रुपये और 101- 202 यूनिट पर 6.34 रुपये, गोवा में 100 यूनिट पर 1.5 रुपये और 101-200 यूनिट पर 2.25 रुपये लिया जाता है, जबकि दिल्ली में प्रति यूनिट बिजली की दर 200 यूनिट की खपत पर 0 रुपये है, और 201-400 यूनिट के बीच खपत के लिए 50% सब्सिडी प्रदान की जाती है.





पड़ोसी राज्य ने बढ़ाई दरें

हाल ही में दिल्ली के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) ने राज्य में बिजली दरों में वृद्धि की घोषणा की. नई दरों के अनुसार 150 यूनिट पर बिजली शुल्क 4.9 रुपये से 5.5 रुपये किया गया है, 151-300 यूनिट पर 5.4 रुपये से 6 रुपये तक, 301-500 यूनिट पर 6.2 रुपये से 6.5 रुपये और ऊपर की खपत के लिए 6.5 रुपये से 7 रुपये तक लिया जाता है.

दिल्ली के राजस्व में कमी, फिर भी नहीं बढ़ाईं दरें

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में कहा था कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के मद्देनजर, दिल्ली सरकार का राजस्व पिछले वर्षों के अप्रैल महीने में ₹3,500 करोड़ से घटकर 2020 में ₹300 करोड़ हो गया है. राज्य में राजस्व के गिरते स्तर के बावजूद बिजली की दरें नहीं बढ़ाने के फैसले का दिल्ली के लोगों ने स्वागत किया है और इससे 62 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी. कोरोना महामारी और इसके लगातार लॉकडाउन के कारण वेतन में कटौती हुई थी और लोगों ने घर से काम करना भी शुरू कर दिया था. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हमेशा दोहराया है कि AAP सरकार आम जनता का समर्थन करने वाली सरकार है. सितंबर 2019 में दिल्ली में लगभग 14 लाख उपभोक्ताओं को शून्य बिजली बिल मिला था. लगभग 26 लाख परिवारों को नवंबर-दिसंबर 2019 के महीने में भी शून्य बिजली बिल मिले हैं.

अन्य राज्यों में बिजली की दरें

राज्य : 0-100 यूनिट - 101-200 यूनिट
गुजरात : 3.5 रुपये - 4.15 रुपये
पंजाब : 4.49 रुपये - 6.34 रुपये
गोवा : 1.5 रुपये - 2.25 रुपये
उत्तराखंड : 2.80 रुपये - 3.75 रुपये
उत्तर प्रदेश 5.5 रुपये (0-150 यूनिट) और 6 रुपये (151-200 यूनिट)
दिल्ली - 0 रुपये 0 से 200 यूनिट तक
201 से 400 यूनिट तक 50% सब्सिडी
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