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दिल्ली में चुनाव बाद लोगों को बिजली का झटका, अब भरना पड़ सकता है ज्यादा बिल
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Updated: February 29, 2020, 9:37 AM IST
दिल्ली में चुनाव बाद लोगों को बिजली का झटका, अब भरना पड़ सकता है ज्यादा बिल
दिल्ली में बिजली कर में बढ़ोतरी (फाइल फोटो)

दिल्ली में अगले कुछ ही दिनों में बिजली के बिलों (Electricity Bill) पर यह टैक्स लागू होगा. दरअसल निगम के वित्तीय भार को कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है.

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  • Last Updated: February 29, 2020, 9:37 AM IST
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नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव होते ही आम जनता को पहला बड़ा झटका लगने वाला है. दरअसल, दक्षिण दिल्ली नगर निगम (SDMC) की स्थायी समिति ने शुक्रवार को अपने अधिकार क्षेत्र के तहत 50,000 रुपए और उससे अधिक की मासिक सकल आय के साथ हर किसी पर एक पेशा कर यानी प्रोफेशनल टैक्स लगाने का फैसला किया है. साथ ही बिजली टैक्स पर एक प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है. बता दें कि साउथ दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों से फिलहाल 5 प्रतिशत बिजली कर (Electricity Tax) वसूला जाता है. लेकिन अब उन्हें 5 की जगह 6 प्रतिशत टैक्स देना पड़ सकता है.

जानकारी के अनुसार, कुछ ही दिनों में बिजली के बिलों पर यह कर लागू होगा. दरअसल निगम के वित्तीय भार को कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है. आपको बता दें कि दिल्ली में उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त दिए जाने का फैसला केजरीवाल सरकार ने कुछ ही महीने पहले लागू किया था. विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद एसडीएमसी द्वारा बिजली पर एक फीसदी टैक्स बढ़ाए जाने से इसका असर लोगों के बिजली बिल पर पड़ेगा.

वित्तीय सहायता में कमी
दिल्ली नगर निगम की धारा 150 (1) एवं धारा 109 (2) के तहत पांचवें वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए बिजली कर में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है. इसी के साथ कहा गया कि दिल्ली सरकार ने साल 2018-19 से SDMC को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में कमी कर दी.



व्यापारी रहेंगे कर के दायरे से बाहर


वहीं, दूसरी तरफ राजधानी दिल्ली में 50,000 रुपए तक की सकल आय वाले लोगों को पेशा कर यानी प्रोफेशनल टैक्स के रूप में प्रति वर्ष 1,800 रुपए या 150 रुपए का भुगतान करना होगा. 50,000 रुपए से अधिक की आय वालों को 2,400 रुपए सालाना या 200 रुपए मासिक शुल्क देना होगा. भले ही वह व्यक्ति SDMC क्षेत्रों में नहीं रहता है, लेकिन वहां काम करता है, तब भी कर लगाया जाएगा. जबकि व्यापारी इस कर के दायरे से बाहर रहेंगे.

चार करोड़ रुपए आय की उम्मीद
SDMC कमिश्नर ने पिछले चार दिसंबर में वर्तमान बजट सहित चार लगातार बजटों में कर का प्रस्ताव दिया था. लेकिन बीजेपी-प्रभुत्व वाले विचार-विमर्श विंग ने हर बार इसे खारिज कर दिया. शुक्रवार को, स्थायी समिति ने तर्क दिया कि दिल्ली सरकार द्वारा निगम के अनुदान में भारी कमी के बाद यह कदम आवश्यक हो गया, जिससे उसका वित्तीय बोझ बढ़ गया. एसडीएमसी इस कदम से 50 करोड़ रुपए कमाने की उम्मीद कर रही है.

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First published: February 29, 2020, 8:22 AM IST
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