2020 से देश में नहीं खुलेगा कोई इंजीनियरिंग कॉलेज!

प्रतीकात्मक फोटो.
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कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई के मौजूदा हालात को देखते हुए 2020 के बाद कोई इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं खोला जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 7, 2019, 2:25 PM IST
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प्रतिष्ठित मानी जानी वाली इंजीनियरिंग की पढ़ाई आजकल बुरे दौर में चल रही है. इंजीनियरिंग कॉलेजों को पढ़ाने के लिए छात्र नहीं मिल रहे हैं. दूसरी ओर जिन छात्रों के हाथ में डिग्री है उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है.

इंजीनियरिंग को लेकर कम होती दिलचस्पी और छात्रों को नौकरी मिलने में होने वाली दिक्कतों से खुद अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) भी परेशान है. एआईसीटीई देश में इंजीनियरिंग एजूकेशन के लिए नए कॉलेज खोलने इनके नियम तय करने और पाठ्यक्रम निर्धारित करने का काम करती है. इस तरह से एआईसीटीई तकनीकी शिक्षा में एक रेगुलेटर के तौर पर काम करने वाली संस्था है.

इंजीनियरिंग पढ़ाई की क्वालिटी सुधारने, कॉलेजों में घटते एडमिशन और खाली पड़ी सीटों की समस्या से निपटने और पाठ्यक्रम को नौकरियों की डिमांड के मुताबिक बनाने के मकसद से एआईसीटीई ने एक कमेटी का गठन किया. इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई के मौजूदा हालात को देखते हुए 2020 के बाद कोई इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं खोला जाए.



इस बारे में बिमटेक इंस्टीट्यूट के डॉयरेक्टर हरिवंश चतुर्वेदी का कहना है, “इंजीनियरिंग के मौजूदा कोर्स पुराने हैं. नए-नए कॉलेज खुल रहे हैं. सीट ज्यादा हैं. मार्केट में इंजीनियरों की डिमांड कम है और कॉलेजों से पास होकर निकलने वाले छात्रों की तादाद ज्यादा है. यहां तक कि सिविल और कंप्यूटर साइंस जैसी स्ट्रीम्स की हालत भी खराब हो गई है. इसी को देखते हुए वीआर मोहन रेड्डी कमेटी ने एआईसीटीई को अपनी रिपोर्ट सौंपी है. कमेटी ने सुझाव दिया है कि वर्ष 2020 के बाद कोई इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं खोला जाए और कोर्स को अपडेट किया जाए.”
इस बारे में एआईसीटीई में पॉलिसी एंड एकेडमिक प्लानिंग ब्यूरो के सहायक निदेशक मनोज सिंह का कहना है, “हाल ही में कुछ कोर्स को अपडेट किए जाने की प्रक्रिया चल रही है. कोर्स को इंडस्ट्री के हिसाब से अपडेट करने के लिए हम लगातार फिक्की, एस्सोचैम, सीआईआई आदि के साथ भी बात करके उनकी मांग पूछते हैं. वीआर मोहन रेड्डी कमेटी की रिपोर्ट के बारे में अभी मुझे जानकारी नहीं है.”

देश में इंजीनियरिंग कॉलेजों का हाल-

देश में इस वक्त हैं करीब 33 सौ इंजीनियरिंग कॉलेज हैं.

3300 इंजीनियरिंग कॉलेजों में 15 लाख से अधिक सीट हैं.

2016-17 में 7.85 लाख छात्रों ने लिया था दाखिला.

2016-17 में 7.81 लाख छात्र हुए थे पास.

2016-17 में 3.62 लाख छात्रों को मिला कैंपस प्लेसमेंट.

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इंजीनियरिंग कॉलेज और यूनीवर्सिटी

2014-15       2015-16    2016-17

यूपी में 303           301       296

एमपी 224       217       211

दिल्ली 16       18        16

हरियाणा 157     152       144

राजस्थान 142    138       130

पंजाब 111       109       103

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