CAA Protest: अब जाफराबाद में सड़क पर उतरीं महिलाएं, मेट्रो स्टेशन बंद
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CAA Protest: अब जाफराबाद में सड़क पर उतरीं महिलाएं, मेट्रो स्टेशन बंद
जाफराबाद में विरोध प्रदर्शन करने पहुंचती महिलाएं. प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है. (ANI)

संशोधित नागरिकता कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) के खिलाफ जाफराबाद में प्रदर्शन को देखते हुए DMRC ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया है. 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली रोड को ब्लॉक कर दिया है.

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  • Last Updated: February 23, 2020, 10:33 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के एंट्री और एग्जिट गेट को बंद कर दिए हैं. इस स्टेशन पर मेट्रो ट्रेन रुकेगी भी नहीं. संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (National Register of Citizens) के खिलाफ राजधानी दिल्ली के जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास शनिवार रात को सैकड़ों की तादाद में महिलाएं विरोध में उतर आईं. वे लगातार प्रदर्शन कर रही हैं.

500 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली रोड को ब्लॉक कर दिया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब केंद्र सरकार सीएए कानून वापस नहीं लेगी, वे सड़क से नहीं हटेंगी. यह सड़क सीलमपुर को मिर्जापुर और यमुना विहार से जोड़ती है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है.





जाफराबाद मेट्रो के पास सीएए और एनआरसी के खिलाफ सैकड़ों की तादाद में महिलाएं मुख्य सड़क पर उतर गईं. इससे आवागमन भी ठप हो गया है. विरोध में उतरीं महिलाएं हाथों में तिरंगा लेकर 'आजादी' के नारे लगा रही हैं. प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वह यहां से तब तक नहीं हटेंगी, जब तक कि केंद्र सरकार सीएए को रद्द नहीं कर देती है. बता दें कि शाहीन बाग इलाके में भी महिलाएं हाइवे पर दो महीने से भी ज्‍यादा समय से धरना-प्रदर्शन कर रही हैं.



'जय भीम' के नारे भी लगाए
प्रदर्शनकारियों ने अपनी बांह पर नीली पट्टी बांधी और 'जय भीम' के नारे भी लगाए. इलाके में महिला पुलिसकर्मियों सहित बड़ी तादाद में सुरक्षा बल तैनात किया गया है. महिलाओं ने सीलमपुर को मौजपुर और यमुना विहार से जोड़ने वाली सड़क नंबर 66 को अवरुद्ध कर दिया है. अचानक विरोध-प्रदर्शन के कारण यातायात बाधित हो गया. सड़क को खाली कराने के लिए पुलिस प्रदर्शनकारियों से बात करने की कोशिश कर रही है.



क्या है सीएए?
संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण देश में शरण लेने आए हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के उन लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी, जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 तक भारत में प्रवेश कर लिया था. ऐसे सभी लोग भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेंगे. इस कानून के विरोधियों का कहना है कि इसमें सिर्फ गैरमुस्लिमों को ही नागरिकता देने की बात कही गई है. इसलिए यह कानून धार्मिक भेदभाव वाला है, जो कि संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है.

क्या है एनआरसी?
एनआरसी यानी नेशनल सिटिजन रजिस्टर के जरिए भारत में अवैध तरीके से रह रहे घुसपैठियों की पहचान की जाती है. अभी तक एनआरसी की प्रक्रिया सिर्फ असम में की गई है. असम में एनआरसी की फाइनल सूची जारी की जा चुकी है लेकिन असम में एनआरसी की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पूरी की गई है. केंद्र सरकार ने कहा है कि वह पूरे देश में NRC को लागू करेगी. साथ ही यह भी कहा था कि देश भर में लागू होने वाली एनआरसी के मानक असम की एनआरसी के मापदंड से अलग होगा.

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