दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले AAP नेता का अजीबोगरीब बयान, कहा- EVM अभी प्रेग्नेंट है

छत्तीसगढ़ में जेल में रहकर चुनाव जीतने का पहला मामला है. (सांकेतिक फोटो)
छत्तीसगढ़ में जेल में रहकर चुनाव जीतने का पहला मामला है. (सांकेतिक फोटो)

चुनाव (Election) के बाद लोगों में अब इस बात की चर्चा जोरों पर है कि दिल्ली (Delhi) में आखिर कौन सरकार बना रहा है? हालांकि, अब EVM का मुद्दा भी गरमाने लगा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 11, 2020, 6:54 AM IST
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नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में शनिवार को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गया है. अब सभी दलों को चुनाव परिणाम का इंतजार है. हालांकि, अब EVM को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है. आम आदमी पार्टी (AAP) के हरियाणा में प्रवक्ता और आईटी एवं सोशल मीडिया प्रमुख सुधीर यादव ने अजीबोगरीब बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'अभी ईवीएम (EVM) प्रेग्नेंट है. अगर नॉरमल डिलिवरी हुई तो आम आदमी पार्टी (AAP) पैदा होगी और अगर ऑपरेशन हुआ तो बीजेपी (BJP).'

बता दें कि चुनाव के बाद लोगों में अब इस बात की चर्चा जोरों पर है कि दिल्ली में आखिर कौन सरकार बना रहा है? दिल्ली चुनाव में मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच है. एक्जिट पोल में AAP की दोबारा से सरकार बनती दिख रही है. इस चुनावी रण में मुख्य तौर पर दो बातें सामने आई है. पहली यह कि इस बार के चुनाव में दिल्ली की जनता ने आम मुद्दे को ज्यादा तवज्जो दी है. दूसरी बात यह है कि जहां इस चुनावी जंग की शुरुआत में भाजपा को काफी कम सीटें मिलती दिख रही थीं, वहीं अब वह काफी बेहतर प्रदर्शन करने का दावा सामने आया है.


शाहीन बाग मुद्दा
AAP के संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और भाजपा के सांसद और दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने इस लड़ाई को बखूबी लड़ा. सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी ने शाहीन बाग मुद्दे को उठा कर आम आदमी पार्टी को घेरने की कोशिश की. वहीं आम आदमी पार्टी की तरफ से इसे शुरुआत में न तो बयान दिया गया और न ही इसका विरोध किया गया. हालांकि, बाद में इस मुद्दे पर जब पीएम ने एक चुनावी रैली में कहा था कि शाहीन बाग संयोग नहीं प्रयोग है. इसके बाद आम आदमी पार्टी भी इस पर मुखर हो गई. आम आदमी पार्टी ने इसके पीछे भाजपा को बताते हुए आरोप लगाए.



रोजगार संबंधी मुद्दा
दिल्ली में रोजगार की बात करें तो भाजपा को इस मुद्दे पर आप ने जमकर घेरा. भाजपा ने अपने घोषणापत्र में यह कहा था कि हम हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देंगे. वहीं, इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने के लिए आप शुरुआत से ही मुखर रही. उसने इसको लेकर कहा कि भाजपा इस वादे को भूल रही है. इन सबके अलावा केजरीवाल ने शिक्षा और कई मुफ्त योजनाओं की बात कर भाजपा को करारा जवाब दिया था.

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