Home /News /delhi-ncr /

exclusive mundka fire 2 crane drivers became angels in midst of a fierce fire saved 50 lives read horrifying story ssp

मुंडका में आग की लपटों के बीच जब देवदूत बने 2 क्रेन ड्राइवर; रोंगटे खड़े कर देगा आंखों देखा किस्सा

मुंडका आग में क्रेन के जरिए 50 से ज्यादा लोगों की जान बचाने वाले देवदूत. (News18 Hindi)

मुंडका आग में क्रेन के जरिए 50 से ज्यादा लोगों की जान बचाने वाले देवदूत. (News18 Hindi)

Mundka Fire Exclusive: मुंडका अग्निकांड में क्रेन के जरिए 50 से ज्यादा लोगों की जान बचाने वाले दो देवदूत क्रेन चालकों अनिल तिवारी और दयानंद तिवारी का न्यूज़18 इंडिया ने Exclusive इंटरव्यू किया है. जिसमें उन्होंने मुंडका अग्निकांड में फंसे लोगों को क्रेन के जरिए बाहर निकालने और उस खौफनाक मंजर को बयान किया है.

अधिक पढ़ें ...

नई दिल्ली. मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास एक 4 मंजिला बिल्डिंग में शुक्रवार की शाम को लगी आग में जलकर 27 लोगों की मौत हो गई और करीब 29 लोग लापता हैं. मृतकों की ये संख्या और बढ़ जाती अगर मौके पर देवदूत बनकर क्रेन लेकर दो चालक नहीं पहुंचते. आग लगने की अफरातफरी में वहां से दो क्रेन वाले गुजर रहे थे, उन्होंने देखा बिल्डिंग आग से धधक रही है तो उन्होंने  और उन्होंने रॉन्ग साइड लेकर लोगों को बचाने में बड़ी भूमिका निभाई क्रेन से 50 से ज्यादा लोगों को बचाने वाले क्रेन के ड्राइवरों से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किया है.

चालक दयानंद तिवारी ने बताया कि शाम को जब हम अपनी क्रेन लेकर वहां से गुजर रहे तो देखा कि वहां पर मुंडका के पास एक बिल्डिंग में बड़ी आग लगी दिखाई दी तो हमने क्रेन रोकी और वहां पर ले गए, इसके बाद हमने कोशिश की, कि जितने लोगों को बचाया जा सके. हमने 50 लोगों को बचाया है, जिसमें सबसे ज्यादा महिलाएं थी, जो ऊपर वाली मंजिल में फंसी हुई थीं. वहां बिजली का तार था. वहां हम नहीं पहुंचा सकते थे, हमें दूसरे मंजिल तक क्रेन के अगले हिस्से पहुंचाया.

हम फुटपाथ पर चढ़कर वहां पर पहुंचे 

हमने फुटपाथ पर क्रेन को चढ़ा लिया, उसके बाद बीच में से निकालकर हम लेकर गए. हम फुटपाथ पर चढ़कर से वहां तक पहुंचे थे. आग में फंसे लोगों को निकालने के लिए एक आदमी आया था. उसने बोला कि उधर आग लगी है. क्रेन लेकर आओ जिसके बाद हमने वहां पर लोगों को क्रेन के जरिए निकालना शुरू किया.

हमने 50-55 लोगों की जिंदगी बचाई 

चालक अनिल तिवारी ने बताया कि हमने 50 से 55 के आसपास लोगों को निकाला था. हमने जब नीचे से शीशा फटा तो आग लपट मारने लगी. हमें वहां से हटना पड़ा. क्योंकि हम भी जल सकते थे. जब तक दमकल नहीं आई. तब तक हम वहां पर थे. उसके बाद हम लोग हट गए, बहुत मुश्किल हो रहा था. वहां पर आकर लपटों के बीच में खड़ा होना. बहुत मुश्किल था. एसी में से उनके गैस निकल रही थी. ऊपर 11000 बिजली का हाई टेंशन वायर भी था. उस से भी बचना था. हमें बहुत घबराहट हो रही थी. इतनी भीड़ और गर्मी इतनी ज्यादा थी कि वहां पर शरीर काम भी नहीं कर रहा था. जब हम आ रहे थे तो हमें पता था कि सड़क पर जाम रहता है और लोग जितने भी सड़क खाली करेंगे उतना फायदा होगा.

कुछ लोग रस्सी से कूद रहे थे, जिन्हें हमने बेल्ट दिया 

हमें भी क्रेन वहां पर लगाने में दिक्कत नहीं आई कुछ लोग रस्सी से कूद रहे थे हमने बेल्ट दिया था. ताकि पकड़कर लोग नीचे आ जाएं. लेडीज ही हाथ छूट रहा था. कई लेडीस को दी थी, जिनमें 25 के आसपास लेडीस कूद गई थी. हमारी क्रेन से कोई भी बंदा नहीं गिरा. हमने तो आराम से बैठाया था, जितना हम से हो सका. हम लोग उसी रास्ते से आ रहे थे तो हमने देखा कि आग लगी है. हमें अगर पता होता कि यहां पर आग लगी तो हमारे पास कुछ और चीजें थी, जिनमें झूला था. बचाने की चीजें थी. उसको भी हम ले जाते हैंए हमसे जो मदद हो सकती थी वह हमने कर दी.

विज्ञापन
विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर