जेएनयू फीस विवाद: प्रशासन ने बढ़ी फीस आंशिक तौर पर वापस ली, जारी रहेगा प्रोटेस्ट
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जेएनयू फीस विवाद: प्रशासन ने बढ़ी फीस आंशिक तौर पर वापस ली, जारी रहेगा प्रोटेस्ट
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद हॉस्टल की बढ़ी फीस से आंशिक तौर पर राहत दी है. जेएनयू ने हॉस्टल फीस में कटौती की है.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद हॉस्टल की बढ़ी फीस से आंशिक तौर पर राहत दी है. जेएनयू ने हॉस्टल फीस में कटौती की है.

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  • Last Updated: November 14, 2019, 6:32 AM IST
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नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद हॉस्टल की बढ़ी फीस से आंशिक तौर पर राहत दी है. जेएनयू एक्जिक्यूटिव कमिटी की मीटिंग के बाद फीस में आंशिक तौर पर कमी की गई है, हालांकि ये कमी सिर्फ आर्थिक तौर पर कमज़ोर (EWS) कैटेगरी के छात्रों के लिए ही है. इन छात्रों के लिए जेएनयू ने हॉस्टल फीस में कटौती की है.

हालांकि जेएनयूएसयू (JNUSU) ने इस कमी को नाकाफी करार दिया है और प्रोटेस्ट जारी रखने का फैसला लिया है. छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल फीस के अलावा यूटिलिटी चार्ज और मेस सिक्योरिटी फीस अभी भी बेतहाशा तौर पर बढ़ा दी गई है.

मिली जानकारी के मुताबिक प्रशासन के इस ऐलान के बाद UGC के बाहर से छात्रों ने धरना प्रदर्शन बंद कर दिया है लेकिन जेएनयू कैंपस में अभी भी प्रोटेस्ट जारी है. UGC ने जेएनयू छात्रों से वादा किया है कि वो जल्द ही यूटिलिटी चार्जेज के 1700 रुपए और सर्विस चार्ज की रकम भी उपलब्ध कराएगी. हालांकि यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन इसलिए जारी है क्योंकि छात्र जेएनयू प्रशासन से इस आश्वासन की लिखित में मांग कर रहे हैं. छात्रों की मांग है कि इसके बजट की मांग जब जेएनयू प्रशासन यूजीसी से कर देगा तभी प्रदर्शन ख़त्म किया जाएगा.



कितनी आई है कमी



-रूम रेंट- सिंगल के लिए 200 और डबल के लिए 100 रुपए कम किए गए हैं.
-मेस सिक्योरिटी फीस- 12,000 से घटाकर 5,500 आर दी गई है, पहले ये होती ही नहीं थी.
-सर्विस चार्ज- सभी पर इस्तेमाल के हिसाब से लागू होगा. (बिजली-पानी का बिल)
-यूटिलिटी चार्ज- ये सभी के लिए 1700 लागू होगा, पहले ये नहीं था.

जेएनयू में बढ़ी फीस में आंशिक तौर पर राहत मिलने को लेकर गृहमंत्रालय की ओर से ट्वीट कर कहा गया है कि जेएनयू प्रशासन ने बढ़ी हॉस्टल फीस आंशिक तौर पर वापस लेने का ऐलान किया है. सरकार भी गरीब छात्रों को आर्थिक सहायता के लिए  योजना बनाती है. छात्रों से अपील है कि वो कक्षाओं में वापस लौट जाएं.

 



इसके जवाब में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष एन. साई बालाजी ने हॉस्टल फीस में आंशिक तौर पर राहत मिलने पर कहा कि यह झूठ है, यह एक जाल है. बढ़ी फीस पर कोई रोल बैक नहीं है. सेवा शुल्क जो एक बड़े हिस्से का गठन करते हैं, अभी भी बने हुए हैं. कमरे के किराए के रूप में 100 रुपये कम कर दिए गए हैं. केवल ईडब्ल्यूएस छात्रों पर अधिक. उन एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक छात्रों का क्या? दूसरों के बारे में क्या?

पीटीआई के सूत्रों के मुताबिक, होस्टल के एक कमरे के लिए 20 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया था. अब इसके लिए 200 रुपये देने होंगे. वहीं दो लोगों वाले कमरे के लिए रेंट 10 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया था. इसके लिए अब 100 रुपये देने होंगे.

बता दें, दीक्षांत समारोह के लिए छात्रों ने सोमवार को एआईसीटीई के बाहर धरना दिया था. विरोध बढ़ने पर मौके पर पहुंचे केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' को छात्रों से घेर लिया था. छात्रों के विरोध के चलते रमेश पोखरियाल छह घंटे से अधिक समय तक कैंपस के अंदर रहे थे.

क्या है फीस का ड्राफ्ट?
प्रदर्शनकारी छात्र मसौदा छात्र नियमावली को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, जिसमें 1,700 रुपये का सेवा शुल्क का प्रावधान है. साथ ही छात्रावास सिक्योरिटी के लिए ली जाने वाली राशि को 5,500 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया गया है. हालांकि इसे बाद में वापस कर दिया जाता है.
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