कोविड 19 वैक्सीन 'कोविशिल्ड' और 'कोवैक्सीन' के आपातकालीन इस्तेमाल की इजाजत मिली

एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने यह जानकारी शनिवार को दी.

एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने यह जानकारी शनिवार को दी.

एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने शनिवार को कहा कि ड्रग रेगुलेटर के एक्सपर्ट पैनल ने ऑक्फोर्ड एस्ट्राजेनिका के 'कोविशिल्ड' और भारत बायोटेक के 'कोवैक्सीन' के आपातकालीन उपयोग की इजाजत दे दी है.

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  • Last Updated: January 2, 2021, 9:52 PM IST
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नई दिल्ली. एम्स (AIIMS) के निदेशक रणदीप गुलेरिया (Director Dr. Randeep Guleria) ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 (Covid-19) के रोलआउट के लिए भारत आने वाले 10-14 दिनों में तैयार हो जाएगा. क्योंकि ड्रग रेगुलेटर के एक्सपर्ट पैनल (expert panel) ने ऑक्फोर्ड एस्ट्राजेनिका के 'कोविशिल्ड' (Oxford AstraZeneca's Covishield) और भारत बायोटेक के 'कोवैक्सीन' (Bharat Biotech's Covaxin) के आपातकालीन उपयोग की इजाजत दे दी है.

डॉक्टर गुलेरिया ने कहा, 'हमलोग बहुत धीमी गति से वैक्सीनेशन शुरू करेंगे, तब तक और वैक्सीन आ जाएंगे. डॉक्टर गुलेरिया ने जोर देकर कहा कि वैक्सीनेशन प्रोसेस जब शुरू होगी तब एक प्रॉपर टाइ्म टेबल के साथ-साथ भीड़ को मैनेज करने के तरीके की भी जरूरत होगी. हमलोगों को यह भी तय करना होगा कि कोल्ड स्टोरेज की कमी की वजह से वैक्सीन बेकार न जाए. इस बात में ड्राइ रन हमारी मदद करेगा. आपको बता दें कि यह सुनिश्चत करने के लिए कि जब हमारे पास वैक्सीन आए तो देश के हर आदमी तक सही तरीके से पहुंचे, शनिवार को देश के तमाम राज्यों में ड्राइ रन चलाया गया था.

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि ड्राइ रन का उद्देश्य कोल्ड चेन प्रबंधन सहित वैक्सीन सप्लाई, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स के पूरे प्रशासन और प्रबंधन को दुरुस्त करना है. केंद्र सरकार यह प्लान कर रही है कि पहले फेज में (जो 6 से 8 महीने लंबा होगा) 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जाए. यह वैक्सीन एक करोड़ हेल्थकेयर वर्कर्स, 2 करोड़ फ्रंटलाइन और आवश्यक वर्कर्स और 27 करोड़ बुजुर्गों को पेश किया जाएगा, जो ज्यादा जरूरतमंद और 50 साल से अधिक उम्र के हैं.
देश के ड्रग रेगुलेटर के एक्सपर्ट पैनल ने शुक्रवार को ऐस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुशंसा की थी. भारत के ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी की ओर से फाइनल अप्रूवल आने के बाद आनेवाले हफ्ते में ही वैक्सीन के पहले डोज दिए जा सकते हैं. शनिवार को नैशलन ड्रग रेगुलेटर के सब्जेक्ट एक्पर्ट कमिटी ने भारत बायोटेक कोविड 19 वैक्सीन के अप्लिकेंट 'कोवैक्सीन' को अतिआपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल के लिए अनुशंसित किया है. यह देसी वैक्सीन दूसरी ऐसी वैक्सीन है जिसे एक्सपर्ट पैनल की ओर से 'हां' मिली है.

ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के पुणे के मैन्यूफैक्चरर 'सिरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया' ने कहा कि हमारे पास 5 करोड़ के ज्यादा डोज स्टॉक में हैं. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, एक बार आधिकारिक इजाजत मिल जाए तो फिर इन शॉट्स को कोल्ड स्टोरेज से हर स्टेट में ट्रांसपोर्ट करना शुरू कर सकते हैं. हालांकि सिरम इंस्टिट्यूट के साथ भारत सरकार ने अभी तक कोई खरीद का अग्रीमेंट साइन नहीं किया है फिर भी कंपनी ने कहा कि हमलोग पहले देशी मार्केट पर ध्यान देंगे उसके बाद ही इसके निर्यात की बात सोचेंगे.

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