Delhi Nursery Admission2021: यहां सरल भाषा में समझें नर्सरी दाखिले की पूरी प्रक्रिया  

दिल्‍ली में जल्‍द ही नर्सरी दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.

दिल्‍ली में जल्‍द ही नर्सरी दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.

Explainer: कोरोना की वजह से देरी होने के बाद दिल्ली में नर्सरी एडमिशन (Nursery admission process) प्रकिया जल्‍द शुरू हो सकती है. अगर आपको भी नर्सरी दाखिले को लेकर कोई उलझन है तो यह खबर आपके लिए है. यहां आसान शब्‍दों में आप पूरी प्रक्रिया समझ सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 3, 2021, 2:52 PM IST
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नई दिल्‍ली. दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के ऐलान के बाद दिल्‍ली में नर्सरी एडमिशन की प्रक्रिया (Nursery Admission process) जल्‍द शुरू हो सकती है. कोरोना (Corona) के चलते पहले ही देर होने के बाद अब अभिभावक भी नर्सरी दाखिले को लेकर सक्रिय हो गए हैं. बच्‍चे को सबसे अच्‍छे स्‍कूल में दाखिला दिलाने की यह दौड़ काफी उलझी हुई भी है. हालांकि अगर आप भी दिल्‍ली में अपने बच्‍चे को नर्सरी में दाखिला दिलाने की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है. यहां हम आपको बेहद आसान शब्‍दों में दिल्‍ली में नर्सरी एडमिशन प्रक्रिया की एबीसीडी समझा रहे हैं. जिसके बाद आपकी सभी उलझनें समाप्‍त हो जाएंगी और बेहद आसानी से आप बच्‍चे के एडमिशन (Admission) की प्रक्रिया में हिस्‍सा ले पाएंगे.

अगर आपके बच्‍चे की उम्र तीन साल हो गई है तो आप दिल्‍ली के प्राइवेट, सहायता प्राप्‍त और गैर सहायता प्राप्‍त स्‍कूलों में बच्‍चे का दाखिला करा सकते हैं. दिल्‍ली में कुल 1710 स्‍कूल हैं जहां इस बार नर्सरी, केजी और पहली कक्षा के बच्‍चों के दाखिले होने हैं. इन स्‍कूलों में सामान्‍य दाखिलों के अलावा आर्थिक रूप से पिछडे़ वर्ग के बच्‍चों के लिए ईडब्‍ल्‍यूएस (EWS category) और डिसएडवांटेज ग्रुप (DG) कोटे के तहत दाखिला दिया जाता है. ऐसे में पहले तो आपको यह तय करना है कि आप सामान्‍य वर्ग से हैं, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग से हैं या डिसएडवांटेज ग्रुप से हैं. उसी केटेगरी में आपको अपने बच्‍चे के दाखिले के लिए प्रक्रिया शुरू करनी होगी.

यहां यह बताना जरूरी है कि नर्सरी में दाखिले के लिए बच्‍चे की उम्र 3 से 4 साल तक होनी चाहिए. वहीं केजी के लिए उम्र सीमा चार से पांच साल है. इसके साथ ही पहली कक्षा में दाखिले के लिए उम्र सीमा 5 से 6 साल तक है. अगर आपका बच्‍चा इसी उम्र का है तो अब आप दाखिले के लिए आगे की प्रक्रिया देख सकते हैं जो यहां बताई जा रही है.

आपके पास होने चाहिए ये दस्‍तावेज
बच्‍चे की उम्र के बाद आपके पास जरूरी दस्‍तावेज (Documents) होने चाहिए. तभी आप बच्‍चे का फार्म भर सकते हैं. आपके पास बच्‍चे का बर्थ सर्टिफिकेट (Birth Certificate) या आधार कार्ड (Aadhar Card), माता-पिता का आधार कार्ड या कोई भी एड्रेस प्रूफ (Address Proof) होना जरूरी है. चूंकि अब दाखिले की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो गई है तो आपके पास इनकी सॉफ्ट कॉपी होनी चाहिए, जिसे आप आसानी से फार्म के साथ अपलोड कर सकें.

ये है ए‍डमिशन का नंबर या प्‍वाइंट सिस्‍टम

दिल्‍ली में नर्सरी में दाखिले की एक प्रक्रिया है. जिसके तहत सभी स्‍कूलों को दाखिला देना होता है. यह स्‍कूलों और बच्‍चों दोनों की सहूलियत के लिए है. इसके लिए प्‍वाइंट सिस्‍टम बनाया गया है. कुल 100 अंक होते हैं. जो बच्‍चे को हासिल करने होते हैं. नर्सरी के लिए आने वाले बच्‍चों की कोई प्रवेश परीक्षा तो होती नहीं है इसलिए यह प्‍वाइंट सिस्‍टम  रखा गया है. जैसे बच्‍चे की उम्र तीन से चार के बीच है तो उसके लिए भी अंक रखे गए हैं. जिस स्‍कूल में बच्‍चे ने दाखिले के लिए  आवेदन किया है वह उसके घर से कितना दूर है. जो स्‍कूल जितना पास होगा उतने ही ज्‍यादा प्‍वाइंट मिलेंगे. अगर दूरी ज्‍यादा है तो कम प्‍वाइंट मिलेंगे और दाखिले की संभावना कम होती जाएगी.



इसके बाद आता है अगर बच्‍चे का कोई भाई या बहन उस स्‍कूल में पढ़ता है तो उसे सिबलिंग के प्‍वाइंट मिलेंगे. पहला बच्‍चा  है तो उसके नंबर होंगे. अकेला बच्‍चा है तो उसके प्‍वाइंट होंगे. अगर बच्‍चे के माता-पिता उस स्‍कूल के छात्र रह चुके हैं तो उसे एल्‍यूमनाई के प्‍वाइंट मिलेंगे. इस तरह जिस बच्‍चे के प्‍वाइंट सबसे ज्‍यादा होंगे उसे सबसे पहले दाखिले का मौका मिलेगा.

अभिभावकों को करना होगा ये काम 

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