दिल्ली में साइबर ठगों ने फोन कॉल से सरकार को ऐसे लगाया एक हजार करोड़ का चूना

दिल्ली पुलिस ने अपने एक सब-इंसपेक्टर और दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है. (FILE PHOTO)
दिल्ली पुलिस ने अपने एक सब-इंसपेक्टर और दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है. (FILE PHOTO)

दिल्ली साइबर सेल (Delhi Cyber Cell) की जांच में पता चला है कि आरोपी वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (VOIP) के जरिये फोन (Phone) करते थे. कॉल (Call) करने के लिए वो कनाडा (Canada) के नंबरों का इस्तेमाल करते थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 18, 2019, 10:32 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की साइबर सेल (Cyber Cell) ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जिसने सरकार (Government) को ही एक हजार से अधिक का चूना लगा दिया है. इतना ही नहीं ये गिरोह कनाडा (Canada) के लोगों को पुलिस (Police) कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे बिटकॉइन (Bitcoin) में रकम भी ऐंठ रहा था. पुलिस ने इस संबंध में 32 लोगों को गिरफ्तार किया है.

ये तरीका अपनाकर सरकार को लगाया चूना

दिल्ली साइबर सेल की जांच में पता चला है कि आरोपी वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) के जरिये फोन करते थे. कॉल करने के लिए वो कनाडा के नंबरों का इस्तेमाल करते थे. इस तरह की सुविधा लेने के लिए सरकार से लाइसेंस लेना जरूरी है. लाइसेंस लेने के लिए मोटी फीस भी देनी होती है. लेकिन ये साइबर ठग बिना किसी अनुमति के गतिविधियां चला रहे थे.



टेलीकॉम विभाग की टीम की जांच में पता चला कि आरोपी वीओआईपी कॉल की प्रक्रिया में गेटवे को दरकिनार कर रहे थे. सूत्रों के अनुसार ठगों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार से अनधिकृत वीओआईपी खरीदे थे. इससे भारत सरकार को करीब 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है.
कनाडा के नागरिकों को ऐसे दिखाते थे पुलिस का डर

साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि ठगों ने बीते चार महीने में कनाडा मूल के करीब पांच सौ लोगों को ठगी का शिकार बनाया है. पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को कनाडा पुलिसकर्मी बताकर वहां के नागरिकों से बात करते थे. साथ ही ये डर दिखाते थे कि आपके सिन नंबर (सरकार की ओर से जारी व्यक्ति का पहचान नम्बर) से आपराधिक गतिविधि में शामिल होने की बात सामने आई है. आपके सिन से आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा ट्रांसफर हुआ है. फिर केस को रफा-दफा करने के लिए सेटिंग शुरु हो जाती है. बिटकॉइन में उगाही करते थे.

पुलिस ने ऐसे किया फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा

साइबर सेल के अनुसार कनाडा निवासी एल्विस हेनरी ने ठगी की शिकायत की थी. जांच के बाद पुलिस व दूरसंचार की टीम ने शनिवार रात डीएलएफ औद्योगिक क्षेत्र मोती नगर स्थित एक कार्यालय पर छापा मारा. तीन फ्लोर पर एक कॉल सेंटर चलाया जा रहा था. वहां एक मैनेजर सहित 32 लोग काम कर रहे थे. जांच में पता चला कि कॉल सेंटर को फर्जी तरीके से चलाया जा रहा है.

पुलिस ने वहां मौजूद सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन सेंटर चलाने वाले पांचों आरोपी अभी तक फरार हैं. सेंटर से पुलिस ने 55 कम्प्यूटर, तीन पैच प्वाइंट, तीन इंटरनेट डिस्टीब्यूशन स्वीच, दो इंटरनेट राउटर, 35 मोबाइल फोन, टेली कम्यूनिकेशन साफ्टवेयर और वीओआईपी(इंटरनेट) कॉलिंग डाइलर बरामद किया है.

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