निर्भया कांड: दोषियों की फांसी में देरी पर परिजन नाराज, मां ने लगाया ये आरोप
Delhi-Ncr News in Hindi

निर्भया कांड: दोषियों की फांसी में देरी पर परिजन नाराज, मां ने लगाया ये आरोप
निर्भया की मां आशा देवी. (फोटो साभार: ANI)

निर्भया मामले (Nirbhaya Case) में दोषियों की फांसी में देरी को लेकर दायर याचिका पर निर्भया के परिजन (Family Members) काफी नाराज हैं. निर्भया की मां ने फांसी में देरी के सवाल पर जमकर गुस्सा निकाला.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 15, 2020, 8:22 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. निर्भया मामले (Nirbhaya Case) में दोषियों की फांसी में देरी को लेकर दायर याचिका पर निर्भया के परिजन (Family Members) काफी नाराज हैं. निर्भया की मां ने मीडिया से बातचीत में फांसी में देरी के सवाल पर जमकर गुस्सा निकाला. आशा देवी का मानना है कि या तो आरोपियों के वकील (Advocates) फांसी में देर कराना चाहते हैं या हमारा सिस्टम अंधा है, जो अपराधियों को संरक्षण दे रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि मैं अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए 7 साल से संघर्ष कर रही हूं. मीडिया के सवालों पर निर्भया की मां ने कहा कि मुझसे पूछने की जगह आप सरकार से पूछें कि आरोपियों को 22 जनवरी को फांसी हो रही है या नहीं. निर्भया की मां ने आरोप लगाया कि दोषियों की फांसी में दिल्ली सरकार की वजह से देरी हो रही है.

वहीं दिल्ली सरकार ने निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में चार दोषियों में से एक मुकेश सिंह की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की है.

दिल्ली हाईकोर्ट में दायर हुई थी याचिका


बता दें, निर्भया कांड के एक दोषी मुकेश ने निचली अदालत की ओर से जारी डेथ वारंट रुकवाने के लिए दिल्‍ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. इस पर बुधवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान दिल्‍ली सरकार के वकील ने कहा कि दोषियों को 22 जनवरी को फांसी की सजा नहीं दी जा सकती है. वकील की दलील थी कि दया याचिका खारिज होने के 14 दिनों बाद फांसी होगी, ऐसे में मुकेश की याचिका प्रीमेच्‍योर (समयपूर्व) है. बता दें कि निचली अदालत ने निर्भया कांड के दोषियों को 22 जनवरी को फांसी देने का फैसला सुनाया है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला
मामले में दिल्‍ली सरकार की ओर से हाई कोर्ट में पेश हुए वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता राहुल मेहरा ने कहा कि 21 जनवरी को ट्रायल कोर्ट के पास जाया जाएगा. यदि तब तक दया याचिका खारिज होती है तब भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, 14 दिन की मोहलत वाला नया डेथ वारंट जारी करना होगा. ऐसे में किसी भी सूरत में 22 जनवरी को डेथ वारंट पर अमल करना संभव नहीं है, लिहाजा यह याचिका (डेथ वारंट रुकवाने वाली अर्जी) प्रीमेच्‍योर है.

निर्भया कांड, याचिका, परिजन, दोषी, निर्भया गैंग रेप केस, Nirbhaya Case, Plea, Famile Members, Accussed, Delhi Gang rape Case
निर्भया केस के दोषियों को 2 2जनवरी को फांसी होने वाली है. (फाइल फोटो)


कोर्ट ने भी उठाया सवाल
मुकेश की याचिका पर दिल्‍ली हाई कोर्ट ने भी सवाल उठाया. मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस मनमोहन ने कहा कि (तिहाड़) जेल अधिकारियों की ओर से दोषियों को पहला नोटिस जारी करने में इतनी देर क्‍यों हुई? साथ ही तल्‍ख‍ टिप्‍पणी करते हुए जज ने कहा कि यह साफ है कि दोषियों ने कैसे सिस्‍टम का दुरुपयोग किया...ऐसे में तो लोग सिस्‍टम पर भरोसा ही खो देंगे.

दिल्‍ली पुलिस ने भी जताई आपत्ति
कोर्ट में मामले पर सुनवाई के दौरान दिल्‍ली पुलिस ने भी डेथ वारंट रुकवाने संबंधी दोषी मुकेश की याचिका पर आपत्ति जताई. पुलिस की ओर से दलील दी गई, 'वर्ष 2017 में सुप्रीम कोर्ट दोषियों की अपील खारिज करता है और साल 2020 में दया याचिका दाखिल की जाती है. यह एक बड़ा गैप है. दोषी ने इस मामले में जानबूझकर देरी की. जेल मैनुअल के हिसाब से अपील खारिज होने के बाद दोषी को दया याचिका दाखिल करने के लिए सात दिन का वक्‍त मिलता है.'

ये भी पढ़ें:- 

निर्भया कांड: एक दिन पहले तिहाड़ पहुंचेगा 'जल्लाद', फांसी के बाद मिलेगी इतनी फीस

निर्भया कांड: कोर्ट में बोले दिल्‍ली सरकार के वकील- दया याचिका के कारण 22 जनवरी को नहीं दी जा सकती दोषियों को फांसी
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading