ममता बनर्जी से मुलाकात पर बोले राकेश टिकैत- क्‍या मैं अफगानिस्‍तान के राष्‍ट्रपति से मिला हूं?

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत. (पीटीआई फाइल फोटो)

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत. (पीटीआई फाइल फोटो)

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) से मुलाकात के बाद सियासी पारा गर्म है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 10, 2021, 12:03 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) से मुलाकात के बाद सियासी पारा गर्म है. इस मामले में उठ रहे तमाम सवालों के बीच राकेश टिकैत का जवाब आया है. टिकैत ने कहा कि मैं सीएम से मिला, पार्टी प्रमुख से नहीं. क्या मैं अफगानिस्तान के राष्ट्रपति से मिला, जिसके लिए मुझे भारत सरकार की अनुमति लेनी पड़े? क्या सीएम से मिलने के लिए वीजा की जरूरत होती है? हम राज्य की नीतियों को लेकर सभी मुख्यमंत्रियों से मिलेंगे. उत्तराखंड में भाजपा की सरकार है और पंजाब में कांग्रेस की सरकार है, हम उनसे भी मिलेंगे.

राकेश टिकैत ने कहा कि देश में विपक्ष मजबूत रहता तो हम लोगों को बैठने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती. पश्चिम बंगाल तो हिंदुस्तान का ही है न, वहां के लिए क्या वीज़ा लगता है? हम तो सबसे मिलेंगे. उन्‍होंने आगे कहा कि मैं कोई पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से थोड़ी मिला हूं. मैं तो जनता द्वारा चुने हुए मुख्यमंत्री से मिला हूं. अब पंजाब में कांग्रेस के मुख्यमंत्री हैं, मैं उनसे भी मिलूंगा. उत्तराखंड में बीजेपी के मुख्यमंत्री हैं, मैं उनसे भी मिलूंगा.

ममता बनर्जी से की थी मुलाकात

बता दें कि राकेश टिकैत ने बीते 9 जून को कोलकाता स्थित सचिवालय में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी. राकेश टिकैत ने इस दौरान किसानों का मुद्दा उठाया. गौरतलब है कि राकेश टिकैत ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में सभाएं भी की थीं. मुलाकात के बाद राकेश टिकैत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्‍हें आश्वासन दिया कि वह किसान आंदोलन का समर्थन करना जारी रखेंगी. इस आश्वासन के लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं. पश्चिम बंगाल को आदर्श राज्य के रूप में काम करना चाहिए और किसानों को अधिक लाभ दिया जाना चाहिए. वहीं, मुख्यमंत्री ममता ने कहा कि उद्योगों को नुकसान हो रहा है और दवाओं पर जीएसटी लगाया जा रहा है. पिछले 7 महीनों से उन्होंने (केंद्र सरकार) किसानों से बात करने की जहमत नहीं उठाई. मेरी मांग है कि तीनों कृषि कानून वापस लिए जाएं.

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