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Farmer Protest: भारती किसान यूनियन का बड़ा बयान, कहा- हमने मोदी जी का सशर्त निमंत्रण अस्वीकार किया

भारती किसान यूनियन ने बातचीत से किया इंकार.
भारती किसान यूनियन ने बातचीत से किया इंकार.

Farmer Protest: भारती किसान यूनियन (दकौंडा) के महासचिव जगमोहन सिंह (Jagmohan Singh) ने कहा कि हमने मोदी जी के सशर्त निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 1, 2020, 8:53 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, उत्‍तर प्रदेश और हरियाणा से आए किसान 'दिल्ली चलो' मार्च के तहत राजधानी के बॉर्डरों पर जमे हैं. यही नहीं, किसानों ने अपनी मांगें नहीं माने जाने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है. जबकि हरियाणा की खाप पंचायतों ने भी इस आंदोलन में भाग लेने के लिए मंगलवार से दिल्‍ली कूच का ऐलान कर दिया है. हालांकि केंद्र सरकार की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर आदि किसानों से बैठकर बातचीत की पेशकश कर चुके हैं. इस बीच, सिंधु बॉर्डर पर अपने साथियों के साथ जमे भारती किसान यूनियन (दकौंडा) के महासचिव जगमोहन सिंह (Jagmohan Singh) ने बड़ा बयान दिया है. उन्‍होंने कहा कि हम सभी राज्यों के किसान संगठनों के साथ बैठक नहीं कर सकते. हम केवल पंजाब के 30 संगठनों के साथ ही बैठक कर सकते हैं. हमने मोदी जी के सशर्त निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया.

आपको बता दें कि उत्‍तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के किसान केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों को लेकर पिछले कई दिनों से विरोध कर रहे हैं. इस बीच, किसानों के संगठनों ने दिल्‍ली को चारों तरफ से घेरने का ऐलान करने के साथ ही कहा है कि जब तक हमारी समस्‍या का समधान नहीं होगा, तब तक हम दिल्‍ली छोड़ने वाले नहीं है. हालांकि केंद्र सरकार उन्‍हें बातचीत का निमंत्रण दे चुकी है. यही नहीं, किसान आंदोलन को लेकर विपक्षी राजनीतिक दल केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं. किसानों के प्रतिनिधि ने दावा किया कि यदि सत्तारूढ़ पार्टी उनकी चिंता पर विचार नहीं करती तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी.






पीएम ने बनारस में कही ये बात
इससे पहले कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ देश में जगह-जगह हो रहे किसानों के आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लेकर विपक्षी दलों पर करारा हमला करते हुए बनारस में कहा कि छल का इतिहास रखने वाले लोग' नए 'ट्रेंड' के तहत पिछले कुछ समय से सरकार के फैसले पर भ्रम फैला रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के खजूरी गांव में छह लेन मार्ग चौड़ीकरण के लोकार्पण अवसर पर संबोधित करते हुए कहा 'पहले सरकार का कोई फैसला अगर किसी को पसंद नहीं आता था, तो उसका विरोध होता था लेकिन बीते कुछ समय से हमें नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है. अब विरोध का आधार फैसला नहीं बल्कि भ्रम और आशंकाएं फैलाकर उसको आधार बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा 'दुष्प्रचार किया जाता है कि फैसला तो ठीक है लेकिन पता नहीं इससे आगे चलकर क्या-क्या होगा. फिर कहते हैं कि ऐसा होगा जो अभी हुआ ही नहीं है, जो कभी होगा ही नहीं उसको लेकर समाज में भ्रम फैलाया जाता है. ऐतिहासिक कृषि सुधारों के मामले में भी जानबूझकर यही खेल खेला जा रहा है. हमें याद रखना है यह वही लोग हैं जिन्होंने दशकों तक किसानों के साथ लगातार छल किया है.
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