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किसान आंदोलन: कल रात 11 बजे तक दिल्‍ली के तीनों बॉर्डर पर बंद रहेगी इंटरनेट सेवा

दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में उपद्रव की घटना को लेकर गृह मंत्रालय बेहद गंभीर है. (सांकेतिक तस्वीर)
दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में उपद्रव की घटना को लेकर गृह मंत्रालय बेहद गंभीर है. (सांकेतिक तस्वीर)

Farmers Protest: अब गृह मंत्रालय ने सिंघु बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और उसके आसपास के इलाकों में 29 जनवरी रात्रि 11 बजे से 31 जनवरी रात्रि 11 बजे तक इंटरनेट सेवा को बंद रखने के आदेश दिए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 30, 2021, 7:22 PM IST
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नई दिल्ली. कृषि कानूनों को वापस करने की मांग को लेकर दिल्ली के बॉर्डर पर अभी भी किसान अड़े हुए हैं. ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्रालय (Home Affairs) ने भी दिल्ली में हालात खराब ना हो, ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर 31 जनवरी रात 11 बजे तक इंटरनेट सेवा को अस्थाई रूप से बंद रखने के आदेश दिए हैं.

दिल्ली पुलिस कमिश्नर (Delhi Police Commissioner) SN Srivastava को जारी किए आदेश में सिंघु बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और उसके आसपास के क्षेत्रों में इंंटरनेट सेवा को अस्थाई रूप से बंद रखने को कहा है.


गृह मंत्रालय के गृह सचिव ने इन आदेशों को मंजूरी दी है. इसको लेकर गृह मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी शैलेंद्र विक्रम सिंह की ओर से दिल्ली पुलिस कमिश्नर को 29 जनवरी को यह आदेश जारी किये गये थे.


कमिश्नर को 29 जनवरी रात्रि 11 बजे से 31 जनवरी रात्रि 11 बजे तक इंटरनेट सेवा को बंद रखने के आदेश दिए हैं. इंटरनेट सेवा को बंद करने के पीछे मंत्रालय ने पब्लिक इमरजेंसी और पब्लिक सेफ्टी का हवाला दिया है.




बताते चलें कि गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur Border) पर भारतीय किसान यूनियन (BKU) के प्रवक्ता किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) किसान आंदोलन का पूरा मोर्चा संभाले हुए हैं. प्रशासन की ओर से वहां पर धारा 144 लगाकर आंदोलन को समाप्त करने का भी प्रयास किया गया था. लेकिन किसानों के अड़ियल रवैया के चलते प्रशासन को अपने हाथ खींचने पड़े थे.





वहीं, अब किसान आज सद्भावना दिवस के रूप में उपवास कर रहे हैं. कल बागपत में एक बड़ी पंचायत भी किसानों की होने जा रही है. उसके बाद उन सभी के दिल्ली कूच करने की बातें भी सामने आ रही हैं. इसके चलते गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरीके से नजर बनाए हुए हैं. किसान आंदोलन को तेज करने के लिये सोशल मीडिया पर भी लगातार अभियान चलाया जा रहा है.
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