• Home
  • »
  • News
  • »
  • delhi-ncr
  • »
  • Fear of Corona: DU के कॉलेज तो खुले, लेकिन विद्यार्थी नदारद, बहुत कम उपस्थिति

Fear of Corona: DU के कॉलेज तो खुले, लेकिन विद्यार्थी नदारद, बहुत कम उपस्थिति

परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा.

परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा.

Colleges Open in Delhi: दौलत राम कॉलेज की प्रिंसिपल सविता रॉय ने कहा कि हम एक महीने के लिए कॉलेज खोलेंगे और देखेंगे कि प्रयोग कितना सफल होता है. एक छात्रा का कहना कि केवल प्रैक्टिकल के लिए कॉलेज आना बेहतर विकल्प नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

    नई दिल्ली. कोरोना के घटते असर के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने भले ही प्रैक्टिकल कक्षाओं के लिए पांच दिन पहले ही कॉलेज के गेट खोल दिए हैं, लेकिन अब भी विद्यार्थियों (Students) की उपस्थिति काफी कम बनी हुई है. क्योंकि राजधानी दिल्ली से बाहर के अधिकांश विद्यार्थी अभी और इंतजार करना चाहते हैं.

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, डीयू ने अंतिम वर्ष के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए प्रयोगशाला और प्रैक्टिकल कार्यों के लिए 16 सितंबर को अपने कॉलेज खोले थे, छात्र-छात्राएं इन कक्षाओं में ऑफलाइन भी भाग ले सकते हैं. चरणबद्ध तरीके से फिर से खोले गए कॉलेजों में कमरों को आधी क्षमता का इस्तेमाल किया जाना है और सभी थ्योरी कक्षाएं पूरी तरह से ऑनलाइन जारी रहेंगी. पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या काफी कम रही थी, लेकिन ऐसी उम्मीदें थीं कि कालांतर में संख्या और बढ़ेगी, परन्तु कॉलेजों में, अभी भी बहुत कम छात्र पहुंच रहे हैं.

    उपस्थिति का प्रतिशत बहुत कम, बाहरी छात्र आ नहीं रहे

    हंसराज कॉलेज की प्रिंसिपल रमा ने कहा कि बहुत से छात्र नहीं आ रहे हैं. प्रतिशत के लिहाज से यह कम संख्या है, लेकिन वे लैब और ट्यूटोरियल की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसा लगता है कि अधिकांश छात्रों की फिलहाल कॉलेज आने में कोई दिलचस्पी नहीं है. आशंका जताई जा रही है कि तीसरी लहर भी आ सकती है और अभी जो छात्र आ रहे हैं, उन्हें भी ज्यादातर टीकाकरण की एक ही खुराक मिली है. हमारे पास केवल स्थानीय छात्र हैं, बाहरी छात्र वास्तव में नहीं आ रहे हैं.

    बाहरी स्टूडेंट्स के लिए आवास भी समस्या

    हिंदू कॉलेज की प्रिंसिपल अंजू श्रीवास्तव ने भी कहा कि विज्ञान विषयों में लगभग 10 से 12 छात्र ही कॉलेज आ रहे थे, यह संख्या बहुत कम है. हमने सिर्फ प्रैक्टिकल के लिए कॉलेज खोला है, थ्योरी के लिए नहीं. साथ ही आवास भी एक समस्या है और माता-पिता भी अपने बच्चों को तीसरी लहर की आशंका के कारण कॉलेज भेजने को उत्साहित नहीं है.

    कई कारणों से छात्र कॉलेज नहीं आ रहे

    वहीं दौलत राम कॉलेज की प्रिंसिपल सविता रॉय ने कहा कि सिर्फ 30 फीसदी छात्र ही लैब के काम के लिए कॉलेज आ रहे हैं. कई छात्र विभिन्न कारणों से उत्सुक नहीं हैं, खासकर जब थ्योरी क्लासेज अब भी ऑनलाइन हैं. उन्होंने कहा कि खास पाठ्यक्रम, बीएससी लाइफ साइंसेज के कई छात्रों ने मुझे संदेश लिखा है कि वे आना चाहेंगे. इसलिए उनके लिए हमने एक कार्यक्रम तैयार किया है. हम एक महीने के लिए कॉलेज खोलेंगे और देखेंगे कि प्रयोग कितना सफल होता है.

    केवल प्रैक्टिकल के लिए आना विकल्प नहीं

    मिरांडा हाउस में कम्प्यूटर साइंस के अंतिम वर्ष की छात्रा आरुषि शर्मा ने कहा कि दिल्ली से बाहर के छात्रों के लिए केवल प्रैक्टिकल क्लासेज के लिए कॉलेज आना बेहतर विकल्प नहीं है. आरुषि ने कहा कि मैं तो दिल्ली में रहती हूं, इसलिए एक दिन आ भी गई, लेकिन ज्यादातर छात्राएं नहीं आ रही हैं.

    इस बीच डीयू रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने हालांकि कहा कि यूनिवर्सिटी ने दूसरे चरण में कॉलेजों के फिर से खोलने की कोई योजना नहीं बनाई है. उन्होंने कहा कि हम डीडीएमए द्वारा आगे कोई और दिशानिर्देश जारी किये जाने के बाद इस बारे में सोचेंगे.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज