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सीबीएसई ने कहा हम स्कूलों को मान्यता नहीं देते, फीस के लिए ये हैं जिम्मेदार

सीबीएसई ने कहा हम स्कूलों को मान्यता नहीं देते, फीस के लिए ये हैं जिम्मेदार

फाइल फोटो.

फाइल फोटो.

बढ़ी फीस के मामले में स्कूल, एजुकेशन बोर्ड और सरकार अपनी बात कहते रहते हैं. लेकिन बढ़ी हुई फीस कभी भी कम नहीं होती.

हर साल पब्लिक स्कूल फीस बढ़ा देते हैं. 15 से 20 प्रतिशत तक बच्चों की फीस बढ़ा दी जाती है. अभिभावक बढ़ी हुई फीस के विरोध में यहां-वहां गुहार लगाते रह जाते हैं. बढ़ी फीस के मामले में स्कूल, एजुकेशन बोर्ड और सरकार अपनी बात कहते रहते हैं. लेकिन बढ़ी हुई फीस कभी भी कम नहीं होती.

इस दौरान फीस के मामले में सीबीएसई ने एक बड़ा बयान जारी किया है. सीबीएसई की ओर से मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा है कि सीबीएसई स्कूलों को मान्यता देने का काम नहीं करता है. सीबीएसई का काम सिर्फ स्कूलों को संबद्ध (एफीलिएशन) करना है. इसके तहत सीबीएसई उस स्कूल की क्लास 10 और 12वीं की परीक्षा कराता है.

मंत्रालय ने ये भी साफ किया है कि सीबीएसई स्कूलों का निरीक्षण और सभी नियम पूरे करने के बाद ही स्कूलों को संबद्धता प्रदान करता है. हर साल उन्हें चेक भी करता है. मंत्रालय ने ये भी कहा है कि स्कूलों में फीस की निगरानी करने का काम राज्य सरकार और स्थानीय शिक्षा विभाग का होता है.

वहीं सहायक जिला विद्वालय निरीक्षक (रिटायर्ड) यूपी, कमलेश कुमार ने बताया, “किसी भी जिले में स्कूल को मान्यता और एनओसी देने का काम मण्डलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) करता है.” ध्यान रहे कि स्कूलों को मान्यता देने का काम राज्य सरकार का होता है.

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वहीं बढ़ी हुई फीस के मामले में सीबीएसई का बयान ऐसे वक्त आया है जब देशभर में नर्सरी क्लास की एडमिशन प्रक्रिया चल रही है. ये वो वक्त है जब अभिभावक बढ़ी फीस को लेकर आवाज़ भी बुलंद करते हैं. गौरतलब रहे कि देश और विदेश में सीबीएसई से संबंधन वाले स्कूलों की संख्या करीब 20 हजार है.

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Tags: Cbse, Nursery Admission, Nursery School, School Admission

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