उर्वरक घोटाला मामले में अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत से ईडी करेगी पूछताछ
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उर्वरक घोटाला मामले में अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत से ईडी करेगी पूछताछ
उर्वरक घोटाला मामले में सीएम अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है. (फाइल फोटो)

ईडी (Enforcement Directorate) की टीम को उर्वरक घोटाला (Fertilizer scam) मामले में तफ्तीश के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं. जिसके आधार पर अगले दो दिन तक अग्रसेन गहलोत (Agrasen Gehlot) से पूछताछ हो सकती है.

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दिल्ली. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के भाई अग्रसेन गहलोत (Agrasen Gehlot) दिल्ली पहुंचने वाले हैं. उर्वरक घोटाले (Fertilizer scam) के आरोपी अग्रसेन गहलोत के काफी करीबी सूत्रों के मुताबिक वो पूछताछ की प्रकिया में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक 29 जुलाई या 30 जुलाई को पूछताछ की प्रकिया में शामिल होने के लिए ही अग्रसेन गहलोत दिल्ली आ रहे हैं. लेकिन दिल्ली आने के बाद वो कहां रहेंगे, इसको काफी गुप्त रखा गया है.

केन्द्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (Enforcement Directorate) की टीम को उर्वरक घोटाला मामले में तफ्तीश के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है. जिसके आधार पर अगले तीन दिनों के अंदर ही कई आरोपियों से ईडी की टीम पूछताछ कर सकती है. आरोपी अग्रसेन गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई हैं. कुछ दिनों पहले ही इस मामले में ईडी ने मामला दर्ज किया था. जिसमें अग्रसेन गहलोत सहित कुल चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. उसके बाद दिल्ली सहित पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात के कई लोकेशन पर ईडी की टीम ने छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान मिले कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों और सबूतों को आधार बनाते हुए ईडी की टीम आगे पूछताछ करने वाली है. ये पूछताछ 29 जुलाई से 31 जुलाई के बीच ही दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय में हो सकती है.

क्या है उर्वरक घोटाला मामला



उर्वरक घोटाला मामला यूपीए सरकार के समय का है. इस मामले में केन्द्रीय जांच एजेंसी डीआरआई यानी राजस्व खुफ़िया निदेशालय (Directorate of revenue intelligence) द्वारा दर्ज मामले को आधार बनाते हुए ईडी ने मामला दर्ज किया था. दरअसल अग्रसेन गहलोत की कंपनी अनुपम कृषि पर पोटाश यानि उर्वरक को रखने और उन्हें किसानों के बीच वितरित करने की ज़िम्मेदारी थी. इंडियन पोटाश लिमिटेड ने विदेश से पोटाश आयात कर सरकारी सब्सिडी के साथ सस्ते में अनुपम कृषि नाम की कंपनी को दे दिया था. मतलब साफ है कि सब्सिडी वाले सस्ते उर्वरक को किसानों को देने की वजाय उसे निर्यात कर दिया गया. निर्यात करने के लिए अग्रसेन गहलोत द्वारा फर्जी दस्तावेज़ों का सहारा लिया गया. उसके बाद अग्रसेन गलहोत और उसकी कंपनी के द्वारा उन तमाम फर्जी दस्तावेजों के सहारे ही वो सारे किसानों के हक वाली उर्वरक को विदेशों में निर्यात कर लिया था. जिससे काफी मुनाफ़ा अग्रसेन गहलोत और उसकी कंपनी को हुआ.
फर्जीवाड़े का ये मामला साल 2013 का है, उस वक्त देश में कांग्रेस पार्टी की सरकार थी. हालांकि इस मामले में उस कस्टम विभाग ने इसी मामले पर कार्रवाई करते हुए अग्रसेन गहलोत की कंपनी पर करीब 60 करोड रूपये का जुर्माना भी लगाया था. इसी महीने कस्टम विभाग ने इस मामले पर प्रोसीक्यूशन कंपलेंट दाखिल की थी. प्रोसीक्यूशन कंपलेंट में अग्रसेन गहलोत के खिलाफ काफी गंभीर आरोपों का जिक्र है. इसके साथ ही इस बात का भी जिक्र है कि अग्रसेन गहलोत उवर्रक को किसानों में वितरित करने के बजाय निर्यात के लिए सर्राफ इंपेक्स को दे दिया.
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