• Home
  • »
  • News
  • »
  • delhi-ncr
  • »
  • FEVER PATIENT DIES BECAUSE OF WRONG TREATMENT BY UNQUALIFIED DOCTOR IN UP

Noida News: बुखार पीड़िता का कोविड टेस्ट किए बगैर बोतलें चढ़ाता रहा डॉक्टर, युवती की मौत

कॉंसेप्ट इमेज

महामारी गांवों तक पहुंचकर बेहद घातक हो जाती है क्योंकि संसाधन और जागरूकता कम, डर और लापरवाहियां ज़्यादा होती हैं. ऐसा ही एक मामला गौतमबुद्ध नगर ज़िले से आया, जहां एक युवती की मौत गलत इलाज से हो गई.

  • Share this:
    नोएडा. महामारी का गांवों में फैलना अपने आप में बड़ा खतरा बनता जा रहा है क्योंकि यहां बीमारी और इलाज को लेकर जागरूकता काफी कम है. उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर के ग्रामीण इलाके से जो ताज़ा खबर आई है, उसके मुताबिक एक झोलाछाप डॉक्टर ने लगातार गलत इलाज किया जिससे कोविड पॉज़िटिव की मौत होने की खबर है. इस शिकायत पर सीधे कलेक्टर ने आनन फानन में सख्त जांच के आदेश दे दिए हैं.

    वास्तव में, यूपी में पंचायत चुनावों के बाद से ही कोरोना वायरस का संक्रमण ग्रामीण इलाकों में फैल चुका है और यहां से डर, अंधविश्वास और मौतों को लेकर कई तरह की खबरें अब लगातार आ रही हैं. ताज़ा मामला गौतमबुद्ध नगर के जेवर इलाके का है, ​जहां दाऊजी मोहल्ले निवासी रतनलाल की बेटी अलका की मौत कथित तौर पर गलत इलाज के चलते हुई. पूरा मामला और कलेक्टर की नाराजगी के बारे में पूरा ब्योरा जानिए.

    ये भी पढ़ें : पटना, मथुरा, इंदौर... कहां-कहां ब्लैक फंगस ने दी दस्तक, किन राज्यों में पसारे पैर?

    गलत इलाज ने ली जान
    सिर्फ़ बीमारी ही नहीं, बल्कि इलाज गलत हो या समय से न हो, तो भी जान जा सकती है. अलका को तेज बुखार की शिकायत होने पर जब परिजन उसे पास के ही एक डॉक्टर के पास ले गये, तो इलाज के नाम पर वह डॉक्टर उसे ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाने लगा. कुल 15 बोतलें चढ़ाने के बाद भी जब हालत और खराब हुई, तो इस झोलाछाप डॉक्टर ने हाथ खींच लिये. अलका के परिजनों ने कहा कि अलका का कोविड19 परीक्षण भी नहीं किया गया था.

    बहरहाल, अलका की हालत और बिगड़ी तब उसके परिजन उसे जेवर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गये, लेकिन वहां जांच के बाद मेडिकल स्टाफ ने पहले ही अलका की मौत हो जाने की तस्दीक कर दी. इसके बाद, झोलछाप डॉक्टर पर परिजनों का गुस्सा फूटता दिखा.

    सख्त कार्रवाई के आदेश
    झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही के चलते हुई युवती की मौत की खबर फैली तो आला अफसरों की सरगर्मियां बढ़ गईं. ज़िले के कलेक्टर सुहास एलवाई ने इस मामले में सख्त कार्रवाई के साथ ही कोतवाली को आदेश दिए कि कथित झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए.

    ये भी पढ़ें : दिल्ली, हरियाणा समेत कुछ राज्यों में पहल, ऑक्सीजन सप्लाई अब पहियों पर

    गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में एक तरफ शहरी क्षेत्रों में संक्रमण दर में गिरावट देखी जा रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में संक्रमण का विस्फोट देखा जा रहा है. ऐसे में, स्थिति बेहद गंभीर और चिंताजनक होती जा रही है.
    Published by:Bhavesh Saxena
    First published: