देश के दुश्मनों को धूल चटाने वालों से हार गया कोरोना, जानें BSF ने किस तरह महामारी पर पाया काबू

बीएसएफ ने जवानों और रिटायर्ड कर्मियों के लिए इलाज का बेहतर इंतजाम किया.

बीएसएफ ने जवानों और रिटायर्ड कर्मियों के लिए इलाज का बेहतर इंतजाम किया.

BSF के 20,730 कर्मियों में कोरोना महामारी का संक्रमण पाया गया था, जिनमें से 19094 संक्रमित मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं. 2 लाख से ज्यादा जवानों को लग चुकी है कोरोना वैक्सीन की पहली डोज.

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नई दिल्ली. कोरोना महामारी के इस दौर में सीमा सुरक्षा बल के जवान भी संक्रमण से नहीं बच पाए हैं. बीएसएफ की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 20,730 जवानों व अधिकारियों में इस महामारी का संक्रमण पाया गया था. इनमें से 19094 संक्रमित मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं. यानी बीएसएफ का रिकवरी रेट 92 प्रतिशत से अधिक है. BSF में अभी कोरोना के 1551 एक्टिव केस है. वहीं, 2 लाख 19 हजार 225 जवानों को अभी तक इस बीमारी से बचाने के लिए कोरोना वैक्सीन की पहली डोज पड़ चुकी है. वहीं 1 लाख 78 हजार 60 जवान वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं. अपने जवानों को इस महामारी से बचाने के लिए संगठन ने चिकित्सकीय सुविधाओं का बेहतर इंतजाम किया है.

BSF ने कोविड-19 संकट से उबरने के लिए छावला और तिगरी में 20 बेड्स के कोविड केयर सेंटर बनाए हैं. इन दोनों सेंटरों के सभी 20 बेड्स ऑक्सीजन और मल्टीपैरा मॉनिटर सुविधा से युक्त हैं. छावला और तिगरी कोविड केयर सेंटर में बाई-पैप मशीनों और वेंटिलेटर्स की भी सुविधा है, ताकि संक्रमित जवानों या रिटायर्ड कर्मियों को बेहतर इलाज मिल सके. इन बेड्स के अलावा छावला सेंटर पर जहां 30 ऑक्सीजन बेड्स का इंतजाम किया गया है, वहीं तिगरी में इसकी संख्या 10 है.

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छावला और तिगरी में बीएसएफ ने बनाए कोविड केयर सेंटर.

इससे पहले बीएसएफ ने 25 बटालियन छावला कैंप में 182 बिस्तरों वाला कोविड केयर सेंटर भी बनाया है. इस सेंटर पर कोविड केयर सेंटर लेवल-1 की सुविधा उपलब्ध है. वहीं, संगठन की ओर से 50 बेड्स वाले 8 और 100 बेड्स के दो हॉस्पिटल भी लेवल-2 कोविड केयर सेंटर के रूप में काम कर रहे हैं. बीएसएफ की तरफ से बताया गया कि इन कोविड केयर सेंटरों के अलावा जवानों, सैनिकों और फील्ड में काम करने वाले अन्य कर्मियों के लिए 900 से ज्यादा क्वारंटीन सेंटर भी बनाए हैं, ताकि कोविड-19 महामारी के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके. वहीं बीएसएफ के जवानों और रिटायर्ड कर्मियों के टीकाकरण के लिए अलग-अलग स्थानों पर 49 वैक्सीनेशन सेंटर भी बनाए गए हैं.
दिल्ली में बीएसएफ के जवानों, रिटायर्ड कर्मियों और उनके परिवार के लिए 24 घंटे काम करने वाला हेल्पलाइन सेंटर भी स्थापित किया गया है, ताकि लोगों को सही चिकित्सकीय परामर्श मिल सके. इसके जरिये टेलीमेडिसिन की सुविधा भी मिलती है, यानी लोग फोन के जरिये भी डॉक्टर से जानकारी ले सकते हैं. संक्रमित मरीजों के घर तक सही समय पर दवाएं पहुंचे और जरूरत पर एंबुलेंस मिल जाए, इसका भी इंतजाम किया गया है.

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जवानों और रिटायर्ड कर्मियों के लिए दिल्ली में 24 घंटे काम करती है हेल्पलाइन सेवा.

कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए बीएसएफ लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है. सोशल मीडिया, बैनर-पोस्टर, पेंपलेट और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए बीएसएफ इन अभियानों को संचालित कर रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत कोविड गाइडलाइंस का पालन कराने के लिए चल रहे इन अभियानों में जहां जरूरत होती है, स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी मदद ली जा रही है.

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