डीयू के 12 कॉलेजों के शिक्षकों पर गहराया वित्तीय संकट, चार माह से नहीं मिली सेलरी, घर चलाना हुआ मुश्किल!

कॉलेज शिक्षकों ने वेतन और ग्रांट नहीं मिलने को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक अधिकार रैली निकाली.

कॉलेज शिक्षकों ने वेतन और ग्रांट नहीं मिलने को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक अधिकार रैली निकाली.

आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार का दिन प्रतिदिन का मनमाना रवैया 12 वित्तपोषित कॉलेजों के प्रशासन, पढ़ाई और माहौल पर विपरित प्रभाव डाल रहा है. महीनों तक वेतन रोक दिया जाता है. पेंशन, मेडिकल, घर की किश्तों और किराए तथा जीविका चलाने तक के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों को कोरोना महामारी (Corona Pandemic) में बहुत मुसीबतों का सामना करना पड़ा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 15, 2021, 10:55 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार के 12 पूर्ण वित्त पोषित कॉलेजों में वेतन और ग्रांट नहीं मिलने को लेकर अब दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) के शिक्षक सड़कों पर उतर गए हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (DUTA) के तत्वाधान में आज इन 12 कॉलेजों के साथ अन्य कॉलेज शिक्षकों ने मुख्यमंत्री आवास तक अधिकार रैली निकाली. इस रैली में बड़ी संख्या में कॉलेज शिक्षकों ने हिस्सा लेकर अपना विरोध दर्ज कराया.




अधिकार रैली को संबोधित करते हुए नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (National Democratic Teachers Front) के अध्यक्ष डॉ ए के भागी ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय पार्लियामेंट एक्ट से संचालित एक स्वायत्त केंद्रीय संस्थान है.





आम आदमी पार्टी (Aam Adami Party) की दिल्ली सरकार (Delhi Government) कभी पैटर्न ऑफ असिस्टेंस के बहाने तो कभी ऑडिट या प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति या अन्य तरीकों से 12 वित्तपोषित कॉलेजों के कामकाज में निरन्तर हस्तक्षेप कर रही है. यह दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे केंद्रीय संस्थान की ऑटोनमी पर सीधा प्रहार है.

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कॉलेज शिक्षकों ने वेतन और ग्रांट नहीं मिलने को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक अधिकार रैली निकाली.






आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार का दिन प्रति दिन का मनमाना रवैया कॉलेजों के प्रशासन, पढ़ाई और माहौल पर विपरित प्रभाव डाल रहा है. महीनों तक वेतन रोक दिया जाता है. पेंशन, मेडिकल, घर की किश्तों और किराए तथा जीविका चलाने तक के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों को कोरोना महामारी (Corona Pandemic) में बहुत मुसीबतों का सामना करना पड़ा.




डॉ भागी ने कहा कि दिल्ली सरकार का यह रवैया बहुत ही अनैतिक, अवैधानिक और अमानवीय है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार नए कॉलेज खोलने के अपने चुनावी वादे को पूरा करने में विफल रही है.






इसलिए इन कॉलेजों के अधिग्रहण पर अपनी नजर लगाए हुए है. डॉ भागी ने दोहराया कि एनडीटीएफ (NDTF) दिल्ली सरकार के इस कदम का भी विरोध करता है जिसमें वह स्टूडेंट फंड से वेतन देने की बात करता है.

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डॉ भागी ने जोर देते हुए कहा कि स्टूडेंट फंड का इस्तेमाल वेतन देने के लिए नहीं किया जा सकता है. अगर दिल्ली सरकार ऐसा करेगी तो इससे 12 कॉलेजों में सार्वजनिक शिक्षा के निजीकरण की शुरुआत होगी. इससे उच्च शिक्षा महँगी हो जाएगी और इसका सीधा दुष्परिणाम कमजोर वर्गों को झेलना पड़ सकता है. अधिकार रैली में 12 कॉलेजों के शिक्षकों सहित अन्य कई कॉलेजों के हजारों शिक्षकों  ने भी भाग लिया.

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