नहीं माना दिल्ली सरकार का आदेश, अब गंगाराम अस्पताल के खिलाफ दर्ज हुई FIR
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दिल्ली में कोरोना का करने के लिए जरूरी है कि सैंपल RT PCR App के जरिए ही लिए जा सकते हैं. लेकिन गंगाराम अस्पताल में 3 जून को भी RT PCR का इस्तेमाल नहीं किया गया. इसे सरकारी आदेश की अवहेलना मानते हुए दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी की शिकायत पर FIR दर्ज की गई है.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण की रोकथाम को लेकर अस्पतालों के खिलाफ सख्त हुई दिल्ली सरकार ने राजधानी के मशहूर गंगाराम अस्पताल के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. यह एफआईआर सरकारी आदेश न मानने को लेकर दर्ज की गई है. बताया गया है कि दिल्ली में कोरोना का करने के लिए जरूरी है कि सैंपल RT PCR App के जरिए ही लिए जा सकते हैं. लेकिन गंगाराम अस्पताल में 3 जून को भी RT PCR का इस्तेमाल नहीं किया गया. इसे सरकारी आदेश की अवहेलना मानते हुए दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी की शिकायत पर FIR दर्ज की गई है. आईपीसी की धारा 188 के तहत गंगाराम अस्पताल के खिलाफ यह रिपोर्ट दर्ज हुई है.

जरूरी था एप का प्रयोग
दरअसल, दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के सही आंकड़ों के लिए सरकार ने इस ऐप के इस्तेमाल को अनिवार्य किया है. कोरोना सैंपल लेने वाली सभी लैब RT-PCR app के जरिए ही सैंपल ले सकती हैं, ताकि कोरोना से संबंधित डाटा रियल टाइम में सरकार के डेटाबेस में आ सके और इसमें कोई दोहराव या गलती भी न हो. लेकिन गंगाराम अस्पताल में इसी ऐप का इस्तेमाल नहीं किया गया, जिसकी वजह से उसके खिलाफ सरकार ने एफआईआर दर्ज कराई है.

सीएम ने लगाया निजी अस्पतालों पर आरोप



इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने दोटूक लहजे में कहा कि दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों (Private Hospital) को कोरोना मरीजों का इलाज करना ही होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि इलाज से इनकार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों द्वारा मरीजों को एडमिट करने के नाम पर पैसा वसूली के मामले सामने आने के बाद सीएम ने ये चेतावनी दी है. सीएम ने कहा कि ऐसे कुछ ही अस्पताल हैं, जो इस तरह के काले कारोबार में लगे हैं. अधिकतर निजी अस्पताल सही तरीके से काम कर रहे हैं.



हर प्राइवेट अस्पताल में नियुक्त होगा दिल्ली सरकार का एक प्रतिनिधि
दिल्ली सरकार का एक प्रतिनिधि हर प्राइवेट अस्पताल में नियुक्त किया जाएगा, जो वहां उपलब्ध बेड के बारे में जानकारी सरकार को देगा. अगर किसी अस्पताल ने बेड के बारे में लोगों को गलत जानकारी दी तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सीएम ने यह भी कहा कि कोरोना संदिग्ध मरीज के इलाज से भी अस्पताल इनकार नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि अगर कोई अस्पताल जांच के नाम पर मरीजों के इलाज से इनकार करता है. मरीजों को खुद ही टेस्ट कराने को कहता है, तो इस पर कार्रवाई होगी. अगर कोरोना का संदिग्ध मरीज प्राइवेट अस्पताल पहुंचता है, तो उसका टेस्ट कराने और इलाज करने की जिम्मेदारी भी अस्पताल की ही होगी. कोई भी निजी अस्पताल अपनी इस जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकता.

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