• Home
  • »
  • News
  • »
  • delhi-ncr
  • »
  • यमुना में मछली पकड़ना बैन, दिल्ली सरकार ने जारी किया ऑर्डर, प्रतिबंध से बेखबर मछुआरे

यमुना में मछली पकड़ना बैन, दिल्ली सरकार ने जारी किया ऑर्डर, प्रतिबंध से बेखबर मछुआरे

ओखला बैराज के मछुवारे का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी भी प्रतिबंध की जानकारी नहीं है.

ओखला बैराज के मछुवारे का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी भी प्रतिबंध की जानकारी नहीं है.

Delhi News: दिल्ली सरकार के एनिमल हसबेंडरी डिपार्टमेंट ने नोटिफिकेशन निकाला है कि दिल्ली में मछली पकड़ने के काम को बैन किया जा रहा है. हिंडन केनाल, ग़ाज़ीपुर नाला, शाहदरा नाला के पास की जगह को पूरी तरह बैन किया गया है.

  • Share this:
नई दिल्ली. नई दिल्ली में यमुना का पानी प्रदूषित है और यह पानी इतना प्रदूषित है कि ओखला बैराज के पास पानी के ऊपर झाग की एक मोटी परत नज़र आती है. ये झाग की परत यहां पर पिछले काफ़ी समय से बनी हुई है. पानी से भयंकर बदबू भी आती है और दो पल भी वहां खड़े हो पाना मुश्किल लगता है. इस प्रदूषित पानी को ध्यान में रखते हुए ही दिल्ली सरकार के एनिमल हसबेंडरी डिपार्टमेंट ने नोटिफिकेशन निकाला है कि दिल्ली में मछली पकड़ने के काम को बैन किया जा रहा है. हिंडन केनाल, ग़ाज़ीपुर नाला, शाहदरा नाला के पास की जगह को पूरी तरह बैन किया गया है. इसके अलावा यमुना की एक बेल्ट जो ओखला बैराज तक मिलती है, वहां पर भी मछली पकड़ने के काम को बंद करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है. हालांकि प्रतिबंध से मछुआरे बेख़बर हैं. गुरुवार को भी मछुआरे यमुना किनारे जाल फेंकते और मछली पकड़ते नज़र आए.

ओखला बैराज के मछुवारे का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी भी प्रतिबंध की जानकारी नहीं है. साथ ही यह भी बताया कि ऐसे झाग वाले पानी में मछलियां न के बराबर होती है. उन्होंने आशा जतायी कि जल्द ही उत्तरी भारत में बारिश होगी जिसके चलते नदियां भी साफ़ होगी और यमुना में भी ये झाग जैसी स्थिति ख़त्म होगी.

पानी में कैसे बनता है झाग
यमुना अभियान के कन्वेयर मनोज मिश्रा बताते हैं कि वेस्ट वॉटर और इंडस्ट्रियल वेस्ट के चलते ही ऐसी झाग जैसी स्थिति बनती है. ऐसे पानी में ऑक्सिजन भी डिज़ॉल्व हो जाता है और इस वजह से भी यह झाग जैसी स्थिति बनती है. इतने टॉक्सिक पानी में मछलियों की होने के चांसेस बहुत कम हैं लेकिन हिंडन कैनाल जैसी जगह जहां गंगा का भी पानी आता है, वहां जो मछलियां होती है, वो बेहद टॉक्सिक पानी को कंज्यूम करती हैं. उनको नहीं खाना चाहिए.

ख़तरनाक है ऐसी मछलियों का सेवन
डॉक्टर श्रुति मलिक बताती हैं कि ऐसे पानी में पनपी मछलियों को नहीं खाना चाहिए. वैसे भी यमुना में हो रही सब्ज़ियों को लेकर भी डॉक्टर हमेशा मना ही करते हैं क्योंकि टॉक्सिक पानी में होने वाली चीज़ें कई बीमारियों के साथ साथ कैंसर का सबब भी बन सकती है. इतना ही नहीं छोटे बच्चों में भी ऐसे पानी की मछलियों के सेवन से या भोजन के सेवन से कई तरह की बीमारियां हो सकती है.

प्रदूषित यमुना, खोखले सरकारी दावे
यमुना की सफ़ाई को लेकर तमाम सरकारी दावे करती हैं जो खोखले वादे बनकर रह जाते हैं. यमुना की सफ़ाई का ज़िक्र हर किसी के चुनावी मैनिफेस्टो में होता है लेकिन चुनाव के बाद किसी को यमुना याद तक नहीं आती. यही कारण है कि दिल्लीभर में यमुना नदी से ज़्यादा एक नाले की तरह दिखती है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज