दिल्ली पुलिस का फोरेंसिक जांच सिस्टम होगा मजबूत, कई साल नहीं, अब थोड़े समय में मिल जाया करेंगी रिपोर्ट!

मोबाइल फॉरेंसिक क्राइम सीन यूनिट गठित Mobile Forensic Crime Science Invetigation Unit Delhi Government

मोबाइल फॉरेंसिक क्राइम सीन यूनिट गठित Mobile Forensic Crime Science Invetigation Unit Delhi Government

दिल्ली की विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने क्राइम सीन मैनेजमेंट डिविजन के लिए वैज्ञानिक स्टॉफ की भर्ती की है. इससे रेंज स्थानों पर आगे तैनाती के लिए मोबाइल फॉरेंसिक क्राइम सीन यूनिट का गठन किया जा सकेेे. इससे उच्चतम गुणवत्ता वाली फोरेंसिक रिपोर्ट देने की‌ प्रतिबद्धता बनी रहेगी.अभी तक फॉरेंसिक रिपोर्ट आने में 4 से 5 साल तक का लंबा समय लग जाता था. लेकिन अब इन यूनिट्स के शुरू होने जाने के बाद सिर्फ एक से दो महीनों में रिपोर्ट मिल जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 5, 2021, 11:57 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार की विधि विज्ञान प्रयोगशाला (Forensic Science Laboratory)


के प्रसार के लिये क्राइम सीन मैनेजमेंट डिविजन की टीम को बढ़ाने का काम किया जा रहा है‌. प्रयोगशाला के लिए वैज्ञानिक स्टॉफ की भर्ती की है ताकि उच्चतम गुणवत्ता वाली फोरेंसिक रिपोर्ट देने की‌ प्रतिबद्धता बनी रहे.




एफएसएल की निदेशक दीपा वर्मा के मुताबिक प्रयोगशाला ने क्राइम सीन मैनेजमेंट डिविजन के लिए वैज्ञानिक स्टॉफ की भर्ती की है ताकि रेंज स्थानों पर आगे तैनाती के लिए मोबाइल फॉरेंसिक क्राइम सीन यूनिट का गठन किया जा सकेेे.



प्रयोगशाला के वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्टों की समीक्षा करने, उनके कामकाज की निगरानी करने और इन इकाइयों का नेतृत्व करने के लिए सौंपा गया है. दिल्ली पुलिस द्वारा रेंज वार स्थानों में स्थान आवंटित किए गए हैं. अब टीमों को आधिकारिक तौर पर छह स्थानों पर ईस्टर्न रेंज (न्यू उस्मानपुर पुलिस स्टेशन), वेस्टर्न रेंज (द्वारका पुलिस स्टेशन), सेंट्रल रेंज (सदर बाज़ार पुलिस स्टेशन), न्यू दिल्ली रेंज (दिल्ली कैंट), साउदर्न रेंज (ग्रेटर कैलाश पुलिस स्टेशन) और  नॉदर्न रेंज (रोहिणी गृह विभाग) में नियुक्त किया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि "दिल्ली प्रयोगशाला दिल्ली पुलिस के लिए रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान/डीएनए फिंगर प्रिंटिंग, जनरल फिजिक्स, वॉयस विश्लेषण, बैलिस्टिक्स, फोटो, दस्तावेज, फॉरेंसिक मनोविज्ञान और कंप्यूटर फॉरेंसिक के प्रदर्शनों की फोरेंसिक जांच में लगी हुई है.






गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में छह नए मोबाइल फॉरेंसिक क्राइम सीन यूनिट का उद्घाटन करते हुये कहा कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में छह नए मोबाइल फॉरेंसिक क्राइम सीन यूनिट खोला है. इस यूनिट के खुलने के बाद पुलिस के सामने आ रही विभिन्न समस्याओं का समाधान हो सकेगा और पुलिस को कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा. यह यूनिट्स दिल्ली के अंदर किसी भी जगह पर पहुंचने में सक्षम होंगी और यह 24 घंटे उपलब्ध होंगी.




उन्होंने कहा कि अभी तक फॉरेंसिक रिपोर्ट आने में 4 से 5 साल तक का लंबा समय लग जाता था. लेकिन अब इन यूनिट्स के शुरू होने जाने के बाद सिर्फ एक से दो महीनों में रिपोर्ट मिल जाएगी.  यह यूनिट्स दिल्ली के अंदर किसी भी जगह तक पहुंचने में सक्षम होंगी और यह 24 घंटे उपलब्ध होंगी. अभी तक फॉरेंसिक रिपोर्ट को आने में लंबा समय लग जाता था. लेकिन अब वह सिर्फ एक से 2 महीनों में मिल जाया करेगा.




गृह मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन ने क्राइम सीन मैनेजमेंट डिवीजन, एफएसएल रोहिणी के साथ सभी छह श्रेणियों के लिए प्राधिकरण प्रमाण पत्र प्रदान किये. इस अवसर नारायण सह निदेशक, संजीव गुप्ता प्रभारी क्राइम सीन मैनेजमेंट डिविजन, अनुराग शर्मा सहायक निदेशक, डॉ वीरेंद्र सिंह सहायक निदेशक, वीआर आनंद असिस्टेंट निदेशक, डीएस पालीवाल सहायक निदेशक, सर्वेश एसएसओ, डॉ रजनीश सिंह   सहायक जन संपर्क और प्रयोगशाला के अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

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