शहीद कोरोना योद्धाओं के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने रखा उपवास

कोरोना वारियर्स को बिना भेदभाव के जल्द मुआवजे की मांग को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने उपवास रखा.

कोरोना वारियर्स को बिना भेदभाव के जल्द मुआवजे की मांग को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने उपवास रखा.

पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने कहा है कि दिल्ली कैबिनेट के 13 मई, 2020 के प्रस्ताव के अनुसार कोविड 19 में कोरोना वारियर्स जैसे डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ व सेनिटेशन स्टाफ, पुलिस कर्मचारी, सरकारी अधिकारी की मृत्यु होती है तो उन्हें एक-एक करोड़ रुपया देने की बात कही थी. लेकिन अभी तक वह क्यों नहीं दिया गया?

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नई दिल्ली. कोरोना वारियर्स (Corona warriors) को बिना भेदभाव के जल्द व सही मुआवजे की मांग को लेकर भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल (Vijay Goel) ने आज दिनभर का उपवास रखा.

गोयल के समर्थन में उनके साथ प्रमुख रूप से विधायक विजेंद्र गुप्ता, ओम प्रकाश शर्मा, जीतेन्द्र महाजन, अभय वर्मा, अनिल वाजपेयी, अजय महावर व महापौर जय प्रकाश एवं प्रदेश प्रवक्ता हरीश खुराना, गुलशन विरमानी उपवास पर उपस्थित रहे.

गोयल ने पत्रकारों से बात करते हुए कई मुद्दे भी उठाये. गोयल ने कहा कि दिल्ली कैबिनेट के 13 मई 2020 के प्रस्ताव के अनुसार कोविड-19 (Covid-19) में कोरोना वारियर्स जैसे डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ व सेनिटेशन स्टाफ, पुलिस कर्मचारी, सरकारी अधिकारी की मृत्यु होती है तो उन्हें एक-एक करोड़ रुपया देने की बात कही थी. लेकिन अभी तक वह क्यों नहीं दिया गया. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का कहना है कि अकेले दिल्ली में ही 107 से ज्यादा डॉक्टर कोरोना में शहीद हुए हैं जिन्हे अभी तक मुआवजा नहीं मिला है.

गोयल ने कहा प्राइवेट हॉस्पिटलों में इन्ही श्रेणी में जो कर्मचारी काम कर रहे है क्या दिल्ली सरकार (Delhi Government) उन पर मुआवजा देने के लिए कोई विचार नहीं कर रही क्या वो मुआवजे के अधिकारी नहीं? ऐसे ही नगर निगम के जो डॉक्टर, नर्स व अन्य कर्मचारियों कोविद 19 की ड्यूटी पर शहीद हुए थे, उनको भी दिल्ली सरकार मुआवजा दे. ऐसे 93 लोगों की लिस्ट अभी तक बन चुकी है.
गोयल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने कोरोना से मरने वालों को 50-50 हजार रूपये देने की घोषणा की थी. दिल्ली में करीब 24 हजार लोगों की कोरोना संक्रमण से मरने की खबर है किन्तु दिल्ली सरकार मरने वालों की सही संख्या को छुपा रही है. ये मुआवजा एक तो काफी कम है और दूसरा अभी तक मिलना भी शुरू नहीं हुआ.

गोयल ने कहा ये सभी मुआवजे दिल्ली की जनता के टैक्स के पैसे से दिए जाते हैं. इसीलिए इस पैसे से केवल सरकारी कर्मचारियों को ही केवल मुआवजा न मिले बल्कि वे सब गैर-सरकारी कर्मचारी जो कोविड 19 के प्रबंधन के काम में मारे गए उन्हें भी दिया जाना चाहिए.

गोयल ने कहा दिल्ली सरकार की लापरवाही से ऑक्सीजन की कमी के कारण जो लोग मरे उन्हें दिल्ली सरकार ने 5-5 लाख रूपये देने की घोषणा की है. पर उसके लिए इतने कठिन नियम बनाये है जिससे ज्यादातर लोग ये मुआवजा नहीं ले पाएंगे क्योंकि कोई भी हॉस्पिटल इस बात की जिम्मेदारी नहीं लेगा कि उनके यहाँ ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई है.



गोयल ने मांग कि की मुआवजे के लिए दिल्ली सरकार अपनी विस्तृत पालिसी की घोषणा करे व इसके साथ साथ एक पोर्टल और अलग से मुआवजे की  हेल्पलाइन की घोषणा करे. मुआवजा अधिकार होना चाहिए न की खैरात.

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