• Home
  • »
  • News
  • »
  • delhi-ncr
  • »
  • अफगानिस्तान में सरकार बनाने वाले राजा के नाम पर यूनिवर्सिटी का शिलान्यास करेंगे PM नरेंद्र मोदी

अफगानिस्तान में सरकार बनाने वाले राजा के नाम पर यूनिवर्सिटी का शिलान्यास करेंगे PM नरेंद्र मोदी

14 सितंबर को जाट आइकॉन राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखेंगे प्रधानमंत्री. फोटो— Twitter

14 सितंबर को जाट आइकॉन राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखेंगे प्रधानमंत्री. फोटो— Twitter

State University in UP: अफगानिस्तान की संसद के उद्घाटन के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने राजा महेंद्र प्रताप का जिक्र किया था. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में राजा की तस्वीर लगाने को लेकर भी उठा था विवाद.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

    नई दिल्ली. पीएम नरेन्द्र मोदी यूपी के अलीगढ़ में राजा महेन्द्र प्रताप सिंह (Raja Mahendra Pratap Singh) के नाम पर स्टेट यूनिवर्सिटी का शिलान्यास करने जा रहे हैं. राजा का संबंध हाथरस के पास मुरसान रियासत से रहा है. वे एक क्रांतिकारी भी रहे. लेकिन बीते कुछ वक्त से वो खासे चर्चाओं में हैं. अफगानिस्तान (Afghanistan) की संसद के उद्घाटन के मौके पर खुद पीएम मोदी उनका जिक्र कर चुके हैं. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) और राजा को लेकर भी खूब विवाद हुआ था.

    राजा महेन्द्र प्रताप सिंह 1952 में पहली लोकसभा का चुनाव मथुरा सीट पर लड़े थे. लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार के सामने उनकी हार हुई थी. 1957 में एक बार फिर वो लोकसभा का चुनाव लड़े. इस बार निर्दलीय के तौर उनका मुकाबला अटल बिहारी वाजपेयी के सामने था. यह चुनाव राजा जीत गए और अटलजी की जमानत जब्त हुई.

    लेकिन मथुरा निवासी वीरेन अग्रवाल के चुनावी किस्सों की मानें तो पहले चुनाव में अटलजी एक क्रांतिकारी (राजा) की हार से दुखी थे. इसलिए उन्होंने मथुरा वालों से राजा को वोट देने की अपील की थी. अटलजी खुद बलरामपुर सीट से चुनाव जीते थे.

    Noida News: …तो क्या फिर खुल गई है नोएडा-ग्रेटर नोएडा को नगर निगम बनाने वाली फाइल!

    अंग्रेजों से लड़ाई के दौरान अफगानिस्तान में बनाई थी सरकार
    दुनिया के कई दूसरे देशों में जा-जाकर राजा महेन्द्र प्रताप अंग्रेजों के खिलाफ जंग का बिगुल फूंक रहे थे. वो एक दिसंबर 1915 का दिन था, उस वक्त उनकी उम्र महज 28 साल थी. राजा महेंद्र प्रताप ने भारत से बाहर अफगानिस्तान में देश की पहली निर्वासित सरकार का गठन किया. राजा उस सरकार का राष्ट्रपति बनाया गया. मौलवी बरकतुल्लाह को राजा का प्रधानमंत्री घोषित किया गया.

    राजा की इस काबुल सरकार ने बाकायदा ब्रिटिश सरकार के खिलाफ जेहाद का नारा दिया. लगभग हर देश में राजा की सरकार ने अपने राजदूत नियुक्त कर दिए. लेकिन उस वक्त ना कोई बेहतर सैन्य रणनीति थी और ना ही उन्हें इस रिवोल्यूशरी आइडिया के लिए भरपूर समर्थन मिला और सरकार प्रतीकात्मक रह गई.

    लेकिन राजा की लड़ाई थमी नहीं. राजा के सिर पर ब्रिटिश सरकार ने इनाम रख दिया, रियासत अपने कब्जे में ले ली और राजा को भगोड़ा घोषित कर दिया. 25 दिसंबर 2015 को पीएम मोदी ने अफगानिस्तान दौरे के वक्त वहां के नए संसद भवन का उद्घाटन किया था. इस मौके पर वो राजा महेन्द्र प्रताप का जिक्र करना नहीं भूले थे.

    एएमयू को लेकर हो चुका है विवाद
    राजा महेंद्र प्रताप की पढ़ाई मोहम्मडन एंग्लो ओरियंटल कॉलेज, अलीगढ़ में हुई थी, जो आज AMU के तौर पर जाना जाता है. अपने क्रांतिकारी अभियान के दौरान राजा ने एएमयू को जमीन भी दान की थी. साल 2015 से अलीगढ़ में राजा के नाम को लेकर विवाद होने लगा. एक संगठन की मांग थी कि एएमयू में राजा महेन्द्र प्रताप की तस्वीर लगाई जाए. एएमयू का नाम राजा के नाम पर रखा जाए. जबकि एएमयू के पूर्व पीआरओ डॉ. राहत अबरार बताते हैं कि यह सब सिर्फ विवाद खड़ा किया गया था, जबकि एएमयू में राजा महेन्द्र की तस्वीर पहले से ही लगी हुई है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज