दिल्ली NCR में ब्लैक फंगस इंजेक्शन के नाम पर ठगी का गोरखधंधा, 10 लाख ठगे, अब चढ़ा पुलिस के हत्थे

 द्वारका पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो ब्लैक फंगस की दवाई के नाम पर लोगों से ठगी करता था.

द्वारका पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो ब्लैक फंगस की दवाई के नाम पर लोगों से ठगी करता था.

ब्लैक फंगस के इलाज में काम आने वाले इंजेक्शन लिपोसोमल के नाम पर लोगों से अब तक 10 लाख रुपए ठगने वाले को दिल्ली पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है. गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ दिल्ली, एनसीआर, यूपी, गुरुग्राम समेत देश भर से शिकायतें मिली थीं. इन शिकायतों के आधार पर ही गिरफ्तारी की गई है.

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नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना (Corona) महामारी के दौरान ठगों ने इसका पूरा फायदा उठाया है. कोरोना के दौरान ऑक्सीजन (Oxygen) और दवाइयां मुहैया कराने के नाम पर जहां लोग खूब ठगी कर रहे थे. वहीं, अब ब्लैक फंगस (Black Fungus) मामलों के तेजी‌ से बढ़ने के बाद ठग गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं. और ब्लैक फंगस की दवा मुहैया कराने के नाम पर लगातार ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं.

इस तरह के ठगी के मामलों में द्वारका पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो ब्लैक फंगस की दवाई के नाम पर लोगों से ठगी करता था. आरोपी की पहचान आयुष के रूप में हुई है.

आरोपी ब्लैक फंगस के इलाज में काम आने वाले इंजेक्शन लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी (Liposomal Amphotericin B) के नाम पर लोगों को ठगता था. आरोपी ने लोगों से ठगी करके 10 लाख रुपए कमा लिए थे.

द्वारका जिला डीसीपी संतोष कुमार मीणा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ दिल्ली, एनसीआर, यूपी (Uttar Pradesh), गुरुग्राम (Gurugram) समेत देश भर से शिकायतें मिली थीं और उन्हीं शिकायतों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया है.
पुलिस के अनुसार, आरोपी आयुष ने ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की सप्लाई के लिए सोशल मीडिया पर अपना नंबर डाला था और लोगों से संपर्क करने के लिए कहता था. इंजेक्शन दिलाने के नाम पर वह लोगों से अपने खाते में पैसे मंगाता और फिर उनका नम्बर ब्लॉक कर देता. हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि शुरुआत में अपने कुछ जानने वालों को आयुष ने इंजेक्शन मुहैया कराए थे, जिसके बाद इसका नम्बर लोगों ने सोशल मीडिया पर डाला.

मूलरूप से जौनपुर का रहने वाला आयुष बीकॉम पास है और मुम्बई में मैट्रिक्स कंपनी में सुपरवाइजर का काम कर चुका है. बाद में वह यूपी के सीतापुर में रियल एस्टेट का काम करने लगा था. लेकिन कोविड काल में रियल एस्टेट के कारोबार में उसे घाटा हुआ और उसके बाद उसने लोगों को ठगने का काम शुरू कर दिया.

पुलिस का कहना है कि अब तक कि जांच में पता लगा है आरोपी आयुष ने देशभर में इंजेक्शन दिलाने के नाम पर तकरीबन 10 लाख रुपए की ठगी की है. पुलिस को आरोपी के पास से 17 हजार रुपये बरामद किये है. वहीं पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी से गुरुग्राम, दिल्ली, यूपी, एनसीआर समेत देशभर में ठगी के मामले सुलझने का दावा कर रही है.

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