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Gang War in Delhi: कभी जिगरी दोस्त थे गोगी और टिल्लू, ऐसा क्या हुआ कि बन गए खून के प्यासे!

दिल्ली के रोहिणी कोर्ट परिसर में ही जितेंद्र गोगी को गोलियों से भून दिया गया.

दिल्ली के रोहिणी कोर्ट परिसर में ही जितेंद्र गोगी को गोलियों से भून दिया गया.

Jitendra Gogi Shot Dead: जितेंद्र और टिल्लू ताजपुरिया में ऐसी दोस्ती थी कि कुख्यात गलियों में उसकी मिसाल दी जाती थी. लेकिन वर्चस्व की चाह ने दोनों के रास्ते बदल दिए और एक दूसरे के खून का प्यासा बना दिया. दोनों के बीच पिछले करीब दस साल से चल रहे गैंगवार में दर्जनों लोगों की जान गई.

  • News18Hindi
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नई दिल्ली. राजधानी के रोहिणी कोर्ट में शुक्रवार को ऐसी वारदात हुई जिसके बारे में कभी किसी ने सोचा नहीं होगा. कोर्ट के अंदर जज के सामने ही ताबड़तोड़ फायरिंग हुई और इसका शिकार हुआ कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र गोगी. सूत्रों के अनुसार गोगी की हत्या के पीछे टिल्लू ताजपुरिया के गैंग का हाथ है और हत्या उसी के गुर्गों ने की है. लेकिन एक समय ऐसा भी था जब टिल्लू ताजपुरिया और जितेंद्र गोगी जिगरी यार थे. दोनों हर समय साथ ही रहते थे और हालात तो ये भी थे कि लोग दोनों को भाई समझते थे. एक ही गाड़ी में चलना, एक ही कॉलेज के बाहर बैठक. उसी समय से गोगी और ‌टिल्लू ने छोटी मोटी वारदातों को अंजाम दे अपना खौफ बनाना शुरू कर दिया था. इसके साथ ही दोनों ने साथ ही एक गैंग भी खड़ा कर लिया था.

ऐसे शुरू हुई रंजिश
गोगी और ‌टिल्लू के बीच मन मुटाव बाहरी दिल्ली के एक कॉलेज छात्र संघ चुनाव के दौरान हुआ. साल 2010 में गोगी और टिल्लू दोनों ही छात्रसंघ की राजनीति में अपना दबदबा कायम करना चाहते थे और यहीं से वर्चस्व की लड़ाई गैंगवार में तब्दील हो गई. अपने सा‌थियों के साथ टिल्लू ने अलग रास्ता पकड़ा और गोगी को छोड़ दिया. बाद में मामला इतना बढ़ा कि आपस में गोलियां तक चलने लगीं. हालात ये रहे कि इस खूनी खेल में अब तक 24 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई.

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गोलीबारी के बाद पुलिस गोगी को तत्काल अस्पताल भी लेकर गई लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया था.

दिल्ली पर वर्चस्व की लड़ाई
दिल्ली एनसीआर में दो बड़े गैंगस्टर का दबदबा था. नीतू दाबोदिया और नीरज बवानिया दोनों ही दिल्ली में अपना खौफ बरकरार रखना चाहते थे. ऐसे में टिल्लू या गोगी के के लिए अपनी जगह बनाना मुश्किल हो रहा था. इसी बीच 2013 में नीतू को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया. इसके बाद खुद को दिल्ली का डॉन कहने वाला नीरज बवानिया तेजी से ऊपर चढ़ा लेकिन वो भी ज्यादा दिनों तक खुला नहीं घूम सका और पुलिस ने उसे पकड़ लिया. वो जेल गया और इधर गोगी और टिल्लू के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई. दोनों पुलिस के हत्‍थे चढ़े लेकिन कहा जाता है कि दोनों ही लगातार जेल से अपना गैंग ऑपरेट करते रहे.

रंजिश इनकी दंश झेलती रही दिल्ली
इन दोनों की रंजिश का दंश आए दिन दिल्ली के लोगों को झेलना पड़ता. करीब 7 साल से रोहिणी, रोहिणी नॉर्थवेस्ट और दिल्ली के आउटर नॉर्थ जिलों में दोनों के गुर्गे भिड़ते रहते और फायरिंग होना आम हो गया था. हालांकि अब इन दोनों गैंगस्टर्स में से एक बड़ा नाम जितेंद्र गोगी भी इसी गैंगवार का शिकार हो गया. रोहिणी कोर्ट में ही जितेंद्र को दिन दहाड़े गोलियों से भून दिया गया. बताया जा रहा है कि टिल्लू गैंग के ही दो गुर्गे वकीलों का भेष लेकर कोर्ट में घुसे थे. इन दोनों ने कोर्ट परिसर में गोगी को देखते ही गोलियां बरसा दीं. पुलिस जब तक कुछ समझती गोगी ढेर हो गया था. उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया था.

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