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गाजियाबाद नगर निगम ने 21 करोड़ के टेंडर निरस्‍त किए, ये है वजह

गाजियाबाद नगर निगम ने 21 करोड़ के टेंडर निरस्‍त किए, ये है वजह

सोमवार को वित्‍त आयोग की बैठक होने वाली है.

सोमवार को वित्‍त आयोग की बैठक होने वाली है.

नगर निगम ने करीब 21 करोड़ रुपये के टेंडर निरस्‍त कर दिए हैं. यह कार्रवाई 15वें वित्‍त आयोग की बैठक से दो दिन पूर्व की गयी है. निगम सूत्रों का दावा है कि निर्माण विभाग को इस मद से करीब 121 करोड़ रुपये मिले थे. नगर निगम के निर्माण विभाग ने करीब 150 करोड़ रुपये के टेंडर छोड़ दिए. यानी नगर निगम को जितना पैसा मिला, उससे कहीं अधिक पैसे के विकास कार्य के टेंडर छोड़ दिए गए.

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    गाजियाबाद. गाजियाबाद नगर निगम (Ghaziabad Municipal Corporation) ने करीब 21 करोड़ रुपये के टेंडर (tenders) निरस्‍त (canceled) कर दिए हैं. नगर निगम द्वारा यह कार्रवाई 15वें वित्‍त आयोग की बैठक से दो दिन पूर्व की गयी है. सोमवार को बैठक होने वाली है. निगम की इस कार्रवाई से यहां ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है. कई ठेकेदार अब अपने टेंडर बचाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं.

    नगर निगम गाजियाबाद को 15 वें वित्त आयोग से पैसा पिछले वर्ष मिला था. निगम सूत्रों का दावा है कि निर्माण विभाग को इस मद से करीब 121 करोड़ रुपये मिले थे. नगर निगम के निर्माण विभाग ने करीब 150 करोड़ रुपये के टेंडर छोड़ दिए. यानी नगर निगम को जितना पैसा मिला, उससे कहीं अधिक पैसे के विकास कार्य के टेंडर छोड़ दिए गए.

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    इस प्रकरण को लेकर जब नगर निगम अधिकारियों के होश उड़े जब पता चला कि इस मामले में कमेटी ने रिपोर्ट मांगी. इसको लेकर नगर निर्माण विभाग ने अपने आप को फंसता देख टेंडर को निरस्‍त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है. नगर निगम के निर्माण विभाग अभी तक करीब 21 करोड़ रुपये के टेंडर निरस्‍त कर चुका है. संभावना है कि अभी और भी टेंडर निरस्‍त किए जा सकते हैं.

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    नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी का कहना है कि केवल उन टेंडरों को ही निरस्‍त किया गया है जिनका टेंडर लेने के बाद ठेकेदारों ने विकास कार्य शुरू नहीं किए थे. वहीं, टेंडर निरस्‍त होने से ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है.

    Tags: Ghaziabad News, Uttar pradesh news

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