होम /न्यूज /दिल्ली-एनसीआर /गाजियाबाद: अब खेतों में पराली नहीं जला सकते किसान, 15 हजार तक का लगेगा जुर्माना!

गाजियाबाद: अब खेतों में पराली नहीं जला सकते किसान, 15 हजार तक का लगेगा जुर्माना!

गाजियाबाद प्रशासन ने पराली जलाने वाले किसानों पर जुर्माना लगाने का फैसला लिया है. (सांकेतिक तस्वीर)

गाजियाबाद प्रशासन ने पराली जलाने वाले किसानों पर जुर्माना लगाने का फैसला लिया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Fine on Stubble Burning: गाजियाबाद जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 2 एकड़ से कम जमीन पर पराली ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

2 एकड़ से कम जमीन पर पराली जलाने वाले किसानों पर 2500 रुपये का जुर्माना.
5 एकड़ तक की कृषि भूमि वाले किसान पर लगेगा 5000 रुपये का जुर्माना.
5 एकड़ से अधिक भूमि पर फसल अवशेष जलाने वालों पर 15000 रुपये का जुर्माना.

नोएडा. गाजियाबाद में किसान अपने खेतों में अब पराली नहीं जला सकते हैं. गाजियाबाद प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के लागू होने पर पराली जलाने वाले किसानों पर न्यूनतम 2500 रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया है. जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 2 एकड़ से कम जमीन पर पराली जलाने वाले किसानों पर 2500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं जिनके पास 5 एकड़ तक की कृषि भूमि है, उन्हें प्रत्येक उल्लंघन के लिए 5000 रुपये का भुगतान करना होगा. 5 एकड़ से अधिक भूमि पर फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर 15000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार राकेश कुमार सिंह ने आगे कहा कि सर्दियों के दौरान, हवा की रफ्तार के कारण हवा की गुणवत्ता वैसे भी बिगड़ जाती है. इस दौरान खेतों में पराली जलाने से स्थिति और बिगड़ती है और पूरे क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ता है. यह न केवल बच्चों बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा है.

डीएम ने प्रदूषण के स्तर को कम रखने और जीआरएपी नियमों का पालन करने में किसानों से पुलिस और प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की. उन्होंने अधिकारियों से किसानों के बीच अधिक जागरूकता अभियान चलाने और पराली जलाने के विकल्प सुझाने को भी कहा है. उन्होंने कहा कि फसल अवशेष का खेतों में प्रबंधन करने के लिए मल्चर, बेलर, सुपर सीडर, श्रब मास्टर यंत्रों का इस्तेमाल कर खेतों में ही मिला दें. इसके अलावा किसान वेस्ट डी कंपोजर का प्रयोग कर फसल अवशेष को खाद में परिवर्तित सकते हैं.

मालूम हो कि बीते शनिवार को पूरे एनसीआर में जीआरएपी लागू किया गया है. उल्लंघन की जांच के लिए केंद्रीय और यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें अभियान चला रही हैं.

Tags: Agriculture, Farming, Stubble Burning

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें