Ghaziabad News: कमर्शियल बिल्डिंग्‍स पर 4 से 6 गुना तक बढ़ जाएगा हाउस टैक्‍स, जानें पूरा गणित

गाजियाबाद चार से छह गुना तक हो जाएगा टैक्‍स-संकेतिक फोटो

गाजियाबाद चार से छह गुना तक हो जाएगा टैक्‍स-संकेतिक फोटो

गाजियाबाद नगर निगम (Ghaziabad municipal corporation) की नई हाउस टैक्‍स (House Tax) पॉलिसी लागू होने के बाद कॉलोनियों के व्‍यावसायिक भवनों पर अप्रैल से चार से छह गुना तक टैक्‍स बढ़ जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 11, 2021, 8:32 AM IST
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गाजियाबाद. दिल्‍ली-एनसीआर के प्रमुख शहर गाजियाबाद के नगर निगम (Ghaziabad municipal corporation) की नई हाउस टैक्‍स (House Tax) पॉलिसी लागू होने के बाद शहर के व्‍यावसायिक भवनों पर चार से छह गुना तक टैक्‍स बढ़ जाएगा. यह बढ़ोत्‍तरी उन इलाकों में की जाएगी, जहां आवासीय क्षेत्रों में व्‍यावसायिक संपत्तियां मसलन दुकानें, रेस्‍त्रां, बैंक्‍वेट हॅल, फैक्ट्रियां और होटल बने हैं. हालांकि, निगम पार्षद इसका विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि लोगों पर इतना अधिक टैक्‍स एक साथ बढ़ने से उन पर बोझ अधिक बढ़ेगा. वहीं, नगर निगम का कहना है कि अगर कुछ इलाकों में टैक्‍स बढ़ाया जा रहा है तो कई इलाकों में टैक्‍स कम भी होगा.

साल 2013 में उत्तर प्रदेश में व्‍यावसायिक भवनों पर संपत्ति कर का निर्धारण करने के लिए नई पॉलिसी बनाई गई थी. इसमें व्यावसायिक भवनों पर टैक्स लगाने के लिए आवासीय दरों को आधार माना गया था. इस पॉलिसी के मुताबिक जिम, थियेटर, सिनेमाहॉल आदि पर आवासीय दरों का दोगुना, क्लीनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर, नर्सिंग होम, मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी पर तीन गुना, दुकानें, बैंक, होटल, कॉमर्शियल कांप्लेक्स पर पांच गुना टैक्स लगाया गया है. ऐसे में आवासीय दरों में अगर दोगुना की बढ़ोतरी की गई तो इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर टैक्स का बोझ चार से छह गुना बढ़ सकता है.

नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि नई पॉलिसी से कम सुविधाओं वाली कॉलोनियों को राजनगर, कविनगर जैसी पॉश कॉलोनियों के बराबर टैक्स नहीं देना पड़ेगा. इस पॉलिसी के लागू हो जाने के बाद कई कॉलोनियों में टैक्स की दरें पहले से कम हो जाएंगी. उनका कहना है कि यह पॉलिसी पूरे प्रदेश में लागू होनी है और इसकी मॉनीटरिंग भी शासन के स्तर से की जा रही है. पॉलिसी का विज्ञापन जारी कर उस पर आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं, 20 फरवरी तक मिलने वाली आपत्तियों पर सुनवाई की जाएगी.
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