Delhi Crime: नेशनल लेवल का गोल्ड मेडलिस्ट पहलवान करता था लूटपाट, स्पेशल स्टॉफ ने दबोचा

स्पेशल स्टॉफ की टीम ने एक ऐसे गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है जो कि राष्ट्रीय स्तर पर जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुका है.

Delhi Crime: दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टॉफ की टीम ने एक ऐसे गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है जो कि राष्ट्रीय स्तर पर जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में गोल्ड मेडलिस्ट रह चुका है. इस वांछित कुख्यात बदमाश की तलाश दिल्ली पुलिस के अलावा स्पेशल स्टॉफ भी कर रही थी.

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    नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के स्पेशल स्टॉफ की टीम ने एक ऐसे गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है जो कि राष्ट्रीय स्तर (National Level) पर जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीत चुका है. इस वांछित कुख्यात बदमाश की तलाश दिल्ली पुलिस के अलावा स्पेशल स्टाफ (Special Staff) भी कर रही थी.

    जानकारी के मुताबिक द्वारका जिला (Dwarka District) पुलिस के स्पेशल स्टाॅफ ने जिस आरोपी को अरेस्ट किया है वो कौशल गिरोह का कुख्यात बदमाश है. आरोपी की पहचान झज्जर, हरियाणा निवासी (36) मनजीत उर्फ लुहार के तौर पर की गई है. आरोपी राष्ट्रीय जूनियर स्तर पर कुश्ती (Wrestling) प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीत चुका है.

    आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने एक कट्टा और कारतूस जब्त किया. साथ ही पुलिस ने एक लूटा गया मोबाइल फोन जब्त किया है. पूछताछ में पता चला कि आरोपी गलत संगत में पड़ गया था। इस कारण वारदात को अंजाम दे रहा था.

    जिला पुलिस के उपायुक्त संतोष कुमार मीणा ने गुरुवार को बताया कि बीते फरवरी में आरोपी ने जाफरपुर कलां थाना क्षेत्र में लूट की वारदात को अंजाम दिया था और इस मामले में आरोपी की तलाश पुलिस कर रही थी. स्थानीय पुलिस के अलावा स्पेशल स्टाॅफ की पुलिस भी आरोपी की तलाश में थी.

    इसी बीच स्पेशल स्टाफ ने सूचना के आधार पर बदमाश को बीते 24 मई को आरोपी को धर दबोचा. पूछताछ के दौरान आरोपी मंजीत ने बताया कि उसने 10वीं तक पढ़ाई की है. स्कूल के दिनों में उसने कुश्ती शुरू की और साल 2010 में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर जूनियर कुश्ती स्पर्धा में 55 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था.

    उसके बाद वह बुरी संगत में पड़ गया और छोटे-मोटे अपराध करने लगा. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर साल 2012 में हरियाणा से एक कार लूट ली थी और उसे पहली बार साल 2013 में गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद, उसे साल 2019 में फिर से गिरफ्तार किया गया. गुरुग्राम और कापसहेड़ा दिल्ली के इलाके से तीन कार चोरी की है. वह फरवरी 2021 के महीने में जेल से बाहर आया और हरियाणा से दिल्ली में अपने सहयोगी भूपेंद्र उर्फ खली के साथ अवैध शराब की आपूर्ति करने लगा.

    भूपेंद्र उर्फ खली ने उसे लूटा हुआ मोबाइल फोन भी दिया है. आठ मई को वह अपने सहयोगी खली के साथ कंझावला क्षेत्र में अवैध शराब की आपूर्ति करने जा रहा था. लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया और खली को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया. लेकिन वह मौके से फरार हो गया. भोंडसी जेल (Bhondsi Jail) में वह कौशल गैंग (Kaushal Gang) के संपर्क में आया और इस खूंखार गैंग का सदस्य बन गया.