5 रुपए के कैप्सूल से 20 दिनों के भीतर खेत में ही गल गई पराली, देखने पहुंचे CM केजरीवाल

20 दिन पहले दिल्ली के एक खेत में पूसा का बना कैप्सूल डाला गया था पराली गलाने के लिए.
20 दिन पहले दिल्ली के एक खेत में पूसा का बना कैप्सूल डाला गया था पराली गलाने के लिए.

Delhi Pollution: कृषि वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला जलाए बिना पराली (Stubble) से निजात पाने का तरीका. कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा तैयार केमिकल वाले कैप्सूल से जैविक खाद के रूप में पराली का किया जा सकता है इस्तेमाल.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 7:56 PM IST
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नई दिल्ली. 20 दिन पहले हिरनकी गांव, नरेला, दिल्ली (Delhi) के एक खेत में पराली लगी हुई थी. किसान पराली को जलाना चाहते थे, लेकिन दिल्ली सरकार ने पराली पर भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक घोल का छिड़काव किया. इस छिड़काव का पराली पर क्या असर हुआ, यह देखने के लिए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) आज हिरनकी गांव पहुंचे. पूसा (Pusa) के वैज्ञानिकों ने उन्हें जब पराली वाला खेत दिखाया तो वहां अब खाद के रूप में गली हुई पराली (Stubble) पड़ी हुई थी. इस मौके पर वहां मौजूद वैज्ञानिकों ने बताया कि खेत अब अगली फसल के लिए पूरी तरह से तैयार है.

पराली गलाने के लिए यह डाला था पूसा के वैज्ञानिकों ने
पराली गलाने के लिए पूसा के वैज्ञानिकों ने अपने बनाए कैप्सूल से एक घोल तैयार किया था. इस कैप्सूल के साथ और भी दूसरी चीज़े मिलाई गईं थी. वैज्ञानिकों के अनुसार घोल बनाने के लिए सबसे पहले एक भगोने में 25 लीटर पानी लेकर उसमें 750 ग्राम गुड़ डालना है. जब पानी में गुड़ पूरा घुल जाए और उबाल आने लगे. उसके बाद उसके बाद चूल्हे से उतारकर ठंडा करना है. जब इसका तापमान सामान्य हो जाये तो उसमें 250 ग्राम बेसन और पूसा द्वारा बनाये गए पूसा डिकम्पोज़र के 20 कैप्सूल मिलाने है.

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फिर 3 दिन तक इसे एक कपड़े से ढक कर रखना है. चौथे दिन इसमें फंगस आ जायेगा. जिसके बाद 25 लीटर पानी मे 750 ग्राम गुड़ का घोल बनाकर इसके मिलाया जाएगा और इस तरह इस घोल की मात्रा 50 लीटर तक बढ़ जाएगी. जिसे 5 एकड़ तक खेती की ज़मीन पर इसका छिड़काव किया जा सकता है. जिसके बाद पराली डिकम्पोज़ हो जाएगी.



सिर्फ 5 रुपए के कैप्सूल से तैयार हो रहा है घोल
दरअसल, एक एकड़ जमीन में लगी पराली को जैविक खाद में बदलने के लिए सिर्फ 4 कैप्सूल की जरूरत पड़ती है यानी 20 रुपए में कोई भी किसान एक एकड़ कृषि भूमि में खड़ी पराली को आसानी से कंपोस्ट में बदल सकता है. फ़िलहाल दिल्ली सरकार इसका छिड़काव मुफ़्त में करवा रही है.
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