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Delhi Air Pollution: केजरीवाल सरकार का दावा-70 फीसदी बाहर के प्रदूषण से परेशान द‍िल्‍ली, केंद्र तुरंत बुलाए राज्‍यों की मीट‍िंग

Delhi Air Pollution: केजरीवाल सरकार का दावा-70 फीसदी बाहर के प्रदूषण से परेशान द‍िल्‍ली, केंद्र तुरंत बुलाए राज्‍यों की मीट‍िंग

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में 70 फीसदी प्रदूषण बाहर से आ रहा है. यहां के लोग स्रोत सिर्फ 30 फीसदी प्रदूषण पैदा कर रहे हैं.

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में 70 फीसदी प्रदूषण बाहर से आ रहा है. यहां के लोग स्रोत सिर्फ 30 फीसदी प्रदूषण पैदा कर रहे हैं.

Delhi Air Pollution: पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में 70 फीसदी प्रदूषण बाहर से आ रहा है. यहां के लोग स्रोत सिर्फ 30 फीसदी प्रदूषण पैदा कर रहे हैं. केंद्र सरकार की एजेंसी आईआईटीएम (IITM) के डाटा का सीएसई (CSE) ने विश्लेषण किया जिससे खुलासा हुआ कि पिछले पांच साल में दिल्ली के अंदर पैदा होने वाला प्रदूषण कम हुआ है. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से निवेदन कर रहे हैं कि संयुक्त बैठक करके संयुक्त एक्शन प्लान बनाना पड़ेगा. प्लान बनाए बिना और उसको जमीन पर लागू किए बिना दिल्ली वालों को निजात नहीं मिल सकती है.

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    नई दिल्ली. द‍िल्‍ली लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण (Air Pollution) की समस्‍या को दूर करने को लेकर द‍िल्‍ली सरकार प्रयासरत है. वहीं सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) भी इस समस्‍या को लेकर बेहद गंभीर है. कोर्ट ने द‍िल्‍ली सरकार (Delhi Government) और अन्‍य राज्‍यों को फटकार लगाते हुए इस समस्‍या को दूर करने या इसका ठोस समाधान न‍िकालने के सख्‍त आदेश द‍िए हैं.

    वहीं इस समस्‍या को लेकर आरोप प्रत्‍यारोप की राजनीत‍ि भी चरम पर है. एक दूसरी सरकारें प्रदूषण के ह‍िस्‍से को लेकर अपना बचाव कर रही हैं. अब द‍िल्‍ली सरकार ने केंद्र सरकार (Central Government) की एजेंस‍ियों को हवाला देते हुए द‍िल्‍ली में 70 फीसदी प्रदूषण को बाहर का बताते हुए प्रदूषण की गेंद दूसरे राज्‍यों के पाले में डाल दी है.

    दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने कहा कि दिल्ली में 70 फीसदी प्रदूषण बाहर से आ रहा है. यहां के लोग स्रोत सिर्फ 30 फीसदी प्रदूषण पैदा कर रहे हैं. केंद्र सरकार (Central Government) की एजेंसी आईआईटीएम (IITM) के डाटा का सीएसई (CSE) ने विश्लेषण किया जिससे खुलासा हुआ कि पिछले पांच साल में दिल्ली के अंदर पैदा होने वाला प्रदूषण कम हुआ है.

    मंत्री गोपाल राय ने जानकारी दी है क‍ि दिल्ली में 2016 में 64 फीसदी प्रदूषण बाहर का था और 36 फीसद प्रदूषण दिल्ली के अंदर का था. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में केंद्र सरकार ने माना कि पराली जलने की घटनाएं का प्रदूषण में हिस्सेदारी बढ़कर 35 से 40 फ़ीसदी तक हुई है. जिसका असर दिल्ली के अंदर दिख रहा है. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री दिल्ली-एनसीआर से जुड़े सभी पर्यावरण मंत्रियों की बैठक बुलाएं. दीर्घकालीन स्थायी समाधान के लिए वैज्ञानिक आधार पर संयुक्त एक्शन प्लान बनाकर हर राज्य की जिम्मेदारी तय की जाए.

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    पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार बहस चल रही है कि दिल्ली के अंदर जो प्रदूषण है, उसकी मुख्य वजह क्या है? दिल्ली के अंदर का प्रदूषण है, दिल्ली के बाहर का प्रदूषण है, गाड़ियों का प्रदूषण है या पराली का प्रदूषण है, निर्माण का प्रदूषण है या बायोमॉस बर्निंग का प्रदूषण है. कोर्ट से लेकर विशेषज्ञों के बीच में लगातार यह बात चल रही है.

    गोपाल राय ने कहा कि संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) प्रदूषण पर काम करने वाली एक जानमानी संस्था है. दिल्ली में केंद्र सरकार की संस्था इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मैनेजमेंट (आईआईटीएम) भी है. आईआईटीएम का एप सफर है. आईआईटीएम सफर के माध्यम से प्रदूषण का सारा डाटा जारी करता है. इसके द्वारा डिसिजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) का जो डाटा है, उसको लेकर सीएसई ने 24 अक्टूबर से 8 नवंबर तक 15 दिनों का प्रति घंटे के हिसाब से डाटा विश्लेषण किया.

    सीएसई की र‍िपोर्ट में 69 फीसदी प्रदूषण द‍िल्‍ली से बाहर का बताया
    सीएसई ने केंद्र सरकार के ऐप सफर द्वारा उपलब्ध कराए गए डाटा को विश्लेषण किया और विश्लेषण के आधार पर सीएसई ने रिपोर्ट जारी की है. वह रिपोर्ट कहती है कि 31 फीसदी प्रदूषण दिल्ली के अंदर का है और 69 फीसदी प्रदूषण दिल्ली के बाहर का है. दिल्ली के अंदर बाहर से 69 फीसदी प्रदूषण आ रहा है. अगर मोटा-मोटा कहें कि दिल्ली के अंदर का स्रोत 30 फीसदी प्रदूषण पैदा कर रहे हैं और 70 फीसदी बाहर से दिल्ली में प्रदूषण आ रहा है.

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    टेरी के डेटा में दिल्ली का प्रदूषण 36 से घट कर 31 फीसद हुआ
    सफर के डेटा का विश्लेषण करके सीएसई ने जो रिपोर्ट जारी की है, यह रिपोर्ट 2016 के टेरी की तरफ से जारी डाटा से मेल खाती है. टेरी के डेटा में दिल्ली का प्रदूषण 36 फीसद था और आज वह प्रदूषण घट कर 31 फीसद हो गया है. दिल्ली के अंदर जो बाहर से प्रदूषण आता था वह पहले 64 फीसद था. अब जो सीएसई की रिपोर्ट आई है उसके अनुसार बाहर का प्रदूषण बढ़कर 69 फीसद हो गया है.

    केंद्र ने भी माना-प्रदूषण में पराली का योगदान करीब 35 से 40 फीसदी
    इस रिपोर्ट में दिखाए गए चार्ट के अनुसार उस दौरान 14 फीसद बायोमॉस बर्निंग का प्रदूषण था. उसके बाद से लगातार पराली की घटनाएं बढ़ी हैं. सुप्रीम कोर्ट में भी कल केंद्र सरकार ने इस बात को स्वीकार किया कि जो 4 फीसदी का डाटा दिया था, वह पूरे साल का डाटा है. इस समय प्रदूषण में पराली का योगदान करीब 35 से 40 फीसदी है.

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    उन्होंने कहा कि इसलिए बार-बार केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से निवेदन कर रहे हैं कि संयुक्त बैठक करके संयुक्त एक्शन प्लान बनाना पड़ेगा. संयुक्त एक्शन प्लान बनाए बिना और उसको जमीन पर लागू किए बिना दिल्ली वालों को निजात नहीं मिल सकती है. दिल्ली के अंदर का जो प्रदूषण है उसके लिए हम लगातार काम कर रहे हैं. लेकिन दिल्ली के अंदर का प्रदूषण सिर्फ 30 फीसदी है और बाहर का प्रदूषण 70 फीसदी है. ऐसे में बाहर का प्रदूषण कैसे कम होगा.

    केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से निवेदन है कि इसको लेकर दिल्ली-एनसीआर से जुड़े सभी पर्यावरण मंत्रियों की बैठक बुलाई जाए. डाटा के आधार पर एक वैज्ञानिक आधार पर संयुक्त एक्शन प्लान बने. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान को क्या- क्या करना है, वह निश्चित किया जाए. इसके अलावा जिम्मेदारी तय की जाए. अगर कोई राज्य उसको लागू नहीं कर रहा है तो फिर उस पर कार्रवाई करने के लिए नीति बनाई जाए.

    Tags: Air pollution, Delhi air pollution, Delhi Government, Delhi news, Delhi-NCR Pollution, Gopal Rai

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