Auraiya Accident के बाद यूपी सरकार ने दिया यह आदेश, दिल्ली बॉर्डर पर भारी संख्या में जुटे मजदूर
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Auraiya Accident के बाद यूपी सरकार ने दिया यह आदेश, दिल्ली बॉर्डर पर भारी संख्या में जुटे मजदूर
दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर गाजीपुर पर सैंकड़ों की संख्या में इकट्ठा हुए मजदूर

औरैया में सड़क हादसे (Auraiya Road Accidend) के बाद यूपी सरकार ने पैदल चलने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए बसों की व्यवस्था करने का आदेश दे दिया. इसके कुछ ही घंटे बाद दिल्ली-यूपी बॉर्डर गाजीपुर में सैंकड़ों की संख्या में मजदूर इकट्ठा हो गए.

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नई दिल्ली. दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा (delhi-UP Border) पर गाजीपुर में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर (Migrant Workers) इकट्ठा हो गए. दरअसल औरैया सड़क हादसे (Auraiya Road Accidend) के बाद यूपी की योगी सरकार (Yogi Government) ने अपने जिला मजिस्ट्रेटों को पैदल चलने वाले प्रवासियों के लिए बसों की व्यवस्था करने का आदेश दिया है. इस आदेश के बाद ही यहां कुछ ही घंटों बाद दिल्ली में रह रहे उत्तर प्रदेश के अप्रवासी मजदूर इकट्ठे होने लग गए. देखते ही देखते कुछ ही घंटों में यहां सैंकड़ों की संख्या में मजदूर इकट्ठा हो गए और वे अब बस का इंतजार कर रहे हैं.

गौरतलब है कि यूपी के औरैया में 16 मई को भीषण सड़क हादसा हो गया. हरियाणा से 81 मजदूरों को ला रहे ट्रॉला में एक डीसीएम यानी छोटे ट्रक ने टक्कर मार दी. इससे मौके पर ही 24 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.

'हमें घर जाना है, पुलिस हमें आगे बढ़ने नहीं दे रही'



उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अपने गांव, कस्बों या शहरों की ओर जाने वाले प्रवासी मजदूर दिल्ली-यूपी सीमा के पास गाजीपुर में इकट्ठा हो गए. इन अप्रवासियों में शामिल पिंकी ने कहा कि हम गुरुग्राम से आए हैं और हमें हरदोई जाना है. मुझे नहीं पता कि हम घर कैसे पहुंचेंगे क्योंकि पुलिस हमें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दे रही है.
 
उत्तर प्रदेश में बिना वैध पास के प्रवेश की अनुमति नहीं: यूपी पुलिसउत्तर प्रदेश के उप-निरीक्षक प्रचंड त्यागी ने कहा कि दिल्ली-यूपी सीमा पर स्थित गाज़ीपुर में बहुत भीड़ इकट्ठा हो गई है. हम उन्हें ट्रेन या बस लेने के लिए कह रहे हैं. बिना वैध पास के किसी भी व्यक्ति को उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है.


जम्मू, हैदराबाद और हैदराबाद से आए थे मजदूर

दिल्ली-यूपी बॉर्डर स्थित गाजीपुर में जमा मजदूरों की भीड़ में कोई जम्मू से आया है तो कोई हैदराबाद और कोई अहमदाबाद से. हर किसी के सामने इस समय एक ही परेशानी है कि कैसे अपने घर पहुँच जाए. ये वो प्रवासी मजदूर हैं जो देश के अलग-अलग राज्यों में काम करते थे लेकिन काम नहीं मिलने की वजह से 2 महीने से खाली पड़े थे. अब जब पैसा खत्म हो चुका है तो घर वापस जाने को तैयार हैं. आज सुबह दिल्ली के गाजीपुर पहुंचे मजदूरों में बहुत से भूखे हैं यहां पहुंचे मजदूरों को वहां रोक दिया गया. उन्होंने अपने हाथों में रेलवे टिकट भी दिखाए कि वो बाहर से आए हैं फिर भी उन्हें जाने नही दिया जा रहा है.

ठेले से बदायूं के लिए निकले थे लाल सिंह को पुलिस ने रोका

उत्तर प्रदेश के बदायूं के रहने वाले लाल सिंह दिल्ली की गांधी नगर मार्केट में काम करते थे. वे एक हाथ रिक्शा (स्कूटर इंजन) से माल ढोने का काम करते थे और अपने परिवार का भरण—पोषण करते थे. लॉक डाउन के लगभग 60 दिन में उन्हें कोई काम नहीं मिला. वे गाजीपुर बॉर्डर पर परिवार के साथ पहुंचे हैं. उनके पास जितना पैसा था, सब खर्च हो चुका इसलिए अब परिवार का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है. यही वजह है कि लाल सिंह अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों के साथ अपने ठेला रिक्शा में बदायूं की तरफ निकल पड़े लेकिन गाजीपुर के पास पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया. अब वह इंतजार कर रहे हैं कि प्रशासन कब उन्हें आगे जाने देगा.

(इनपुट: दीपक बिष्ट)

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