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गुरुग्राम: जल्द तय हो जाएगा अरावली में NCZ का दायरा, कंस्ट्रक्शन पर लगेगा बैन

गुरुग्राम: जल्द तय हो जाएगा अरावली में NCZ का दायरा, कंस्ट्रक्शन पर लगेगा बैन

वर्ष 1999 से लेकर 2019 तक एनसीजेड 40 प्रतिशत तक कम हुआ है.

वर्ष 1999 से लेकर 2019 तक एनसीजेड 40 प्रतिशत तक कम हुआ है.

अरावली एरिया में जल्द नेशनल कंजर्वेशन जोन National Conversation Zone) का दायरा तय करने के आदेश जारी कर दिए गए है. टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (Town And Country Planning) के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने आदेश जारी करते हुए अधिकारियों को कहा कि 20 दिसम्बर तक एनसीजेड का दायरा तय कर विभाग को सौंपे जाए.

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गुरुग्राम. अरावली एरिया में जल्द नेशनल कंजर्वेशन जोन (National Conversation Zone) का दायरा तय करने के आदेश जारी कर दिए गए है. दरअसल इसको लेकर कल यानी सोमवार को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (Town And Country Planning) के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (principal Secretary)  ने आदेश जारी करते हुए तमाम संबंधित अधिकारियों को कहा कि 20 दिसम्बर तक एनसीजेड का दायरा तय कर विभाग को सौंपे जाए. यह तय होने के बाद इसे 23 दिसंबर को सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. यानी अब अरावली के इस गैर मुमकिन पहाड़ी श्रृंखला को संजोने की तैयारी शुरु कर दी गयी है. वहीं इस मामले में गुरुग्राम के जिला उपायुक्त की मानें तो एनसीजेड दायरा तय करने का काम तेजी से किया जा रहा है. इस काम के लिए सैटेलाइट व अन्य तकनीकी माध्यमों से अरावली के पहाड़ और इसकी श्रृंखलाओं के आसपास के एरिया को चिन्हित कर 20 दिसंबर तक पूरा कर रिपोर्ट टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को सौंपी जाएगी.

गुरुग्राम जिला के उपायुक्त अमित खत्री ने बताया कि नेशनल कंजर्वेशन जोन का दायरा तय होने के बाद इस गैर मुमकिन पर्वत श्रृंखला पर किसी भी तरह के भवन निर्माण पर पूर्णतः प्रतिबंध लग जाएगा. इसके दायरे में अरावली पर्वत श्रृंखला के साथ साथ गैर मुमकिन पहाड़ और तालाब शामिल हैं.

NCZ Meeting
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने अधिकारियों को 20 दिसंबर तक एनसीजेड का दायरा तय करने का आदेश दिया है.


मौजूदा समय मे 29,431 एकड़ एरिया एनसीजेड के दायरे में

आपको बात दें कि मौजूदा समय मे 29,431 एकड़ एरिया एनसीजेड के दायरे में है. वहीं इसका दायरा निश्चित होने से जहां अरावली में होने वाली माइनिंग, अवैध तौर पर की जा रही पेड़ों की कटाई व फार्म हाउस व निजी फायदों के लिए इजाजत दिए जाने पर प्रतिबंध लग जाएगा. वहीं इस मामले में गुरुग्राम के जिला उपायुक्त की मानें तो दायरा तय हो जाने पर्यावरण की दृष्टि से और बेहतरीन होगा. वहीं आपको बता दें कि वर्ष 1999 से लेकर 2019 तक एनसीजेड 40 प्रतिशत तक कम हुआ है.

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Tags: Gurugram, Haryana news, Wildlife Conservation in India

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