क्‍या थॉयराइड से पीड़‍ित सभी महिलाएं लगवा सकती हैं कोरोना वैक्‍सीन, जानें

थॉयराइड से पीड़‍ि‍त महिलाएं भी वैक्‍सीन ले सकती हैं लेकिन सभी नहीं. . (File Pic)

कोरोना वैक्सीन केवल संक्रमण के कारक वायरस के प्रति शरीर में प्रतिरक्षा तंत्र विकसित करती है, इसका हार्मोन्स या व्यक्ति के डीएनए पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ता है, इसलिए थॉयरॉयड की दवाओं का सेवन करने के दौरान भी वैक्सीन ली जा सकती है.

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    नई दिल्‍ली. भारत के लोगों में थॉयराइड की समस्‍या आम हो गई है. इंडियन थॉइराइड सोसायटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में हर दसवां व्‍यक्ति इससे पीड़‍ित है. इसकी वजह से शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल, डायबिटीज, अस्‍थमा तनाव और दिल की बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है वहीं हाल ही में चल रही कोरोना महामारी में ये सभी बीमारियां रोग की गंभीरता को और बढ़ा रही हैं.

    थॉयराइड की बीमारी पुरुषों के अलावा महिलाओं को बड़ी संख्‍या में अपनी चपेट में ले रही है. वहीं गर्भवती महिलाओं में यह सामान्‍य रूप से देखी जा रही है. इसके लिए महिलाओं और पुरुषों को लगातार दवा का सेवन भी करना पड़ता है. जिसके चलते महिलाओं में थॉयराइड होने के बाद कोरोना वैक्‍सीन लगवाने या न लगवाने को लेकर असमंजस है. हालांकि स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ इस मामले में महिलाओं को सलाह दे रही हैं.

    दिल्‍ली लाजपत नगर स्थित मूलचंद अस्‍पताल में गायनेकोलॉजिस्‍ट, इन्‍फर्टिलिटी एक्‍सपर्ट और लैप्रोस्‍कोपिक सर्जन प्रोफेसर साधना काला कहती हैं कि अगर किसी महिला को थॉयराइड की समस्‍या है और वह लगातार इससे संबंधित दवाओं का सेवन कर रही है तो भी वैक्‍सीन लगवा सकती है. कोरोना वैक्‍सीन से कोई नुकसान नहीं है.

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    हां अगर कोई गर्भवती महिला है और उसे थॉयराइड की समस्‍या है तो उसे वैक्‍सीन के लिए मना किया जा रहा है. प्रोफेसर काला कहती हैं कि ऊपर से मिली गाइडलाइंस के बाद अभी सभी गर्भवती महिलाओं को वैक्‍सीन के लिए मना किया जा रहा है. इसके कुछ प्रभाव भी देखने को मिले हैं ऐसे में सिर्फ वे महिलाएं ही वैक्‍सीन लगवाएं जो प्रेग्‍नेंट नहीं हैं या तीन महीने से पहले गर्भवती नहीं होने वाली हैं.

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    वहीं लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट की हेड डॉ. मंजु पुरी कहती हैं कि कोरोना वैक्सीन केवल संक्रमण के कारक वायरस के प्रति शरीर में प्रतिरक्षा तंत्र विकसित करती है, इसका हार्मोन्स या व्यक्ति के डीएनए पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ता है, इसलिए थॉयरॉयड की दवाओं का सेवन करने के दौरान भी वैक्सीन ली जा सकती है. चूंकि थॉयराइड का संबंध हार्मोन्‍स से है इसलिए थॉयराइड से ग्रस्‍त महिलाएं वैक्‍सीन लगवा सकती हैं.

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