Lockdown: सरकार के मना करने के बाद भी यह App किया यूज़, हैकर अब मांग रहे रैनसम मनी
Delhi-Ncr News in Hindi

Lockdown: सरकार के मना करने के बाद भी यह App किया यूज़, हैकर अब मांग रहे रैनसम मनी
हरियाणा सरकार ने राज्य में ऑनलाइन पढ़ाई का तरीका बदलने के निर्देश दिए

आईटी फॉरेंसिक एक्सपर्ट (IT Expert) दानिश शर्मा बताते हैं कि जब आप इस खास ऐप (App) को डाउनलोड करते हैं तो वो अपने नियम और शर्त बता देता है कि हम आपका डाटा (Data) बेचेंगे नहीं, लेकिन कंपनियों संग शेयर करेंगे

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 3:49 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. खास तौर से वीडियो चैट (Video Chat) के लिए मशहूर हुई एक ऐप के लिए गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने चेतावनी जारी की थी. सुरक्षा और निजी जानकारियों के संबंध में इस ऐप (App) को सुराक्षित नहीं बताया गया था. लेकिन सरकार की चेतावनी को अनदेखा करना एक नामी स्कूल (School) और एक प्राइवेट कंपनी को महंगा पड़ गया. दोनों ही लोगों के सिस्टम को हैकर्स (Hacker) ने हैक कर दिया है. अब ये हैकर सिस्टम के बदले रैनसम मनी मांग रहे हैं. खास बात है कि रैनसम मनी भी बिटकाइन (Bitcoin) में मांगी गई है.

कोलकाता का स्कूल तो दिल्ली-एनसीआर की है कंपनी

आईटी के फॉरेंसिक एक्सपर्ट दानिश शर्मा बताते हैं कि इस बात के लक्षण तो पहले ही दिखाई देने लगे थे कि इस ऐप से लोगों की निजी जानकारियां चुराई जा रही हैं. लेकिन इस ऐप के वीडियो चैट इस्तेमाल करने में कई सहूलियते मिलती हैं तो लोग इसे ज्यादा डाउनलोड करते हैं. अब इसके गंभीर नतीजे आने शुरू हो गए हैं. अभी तो यह शुरुआत है. फाइनेंशियत साइबर फ्रॉड का यह आंकड़ा अभी आगे चलकर और बढ़ेगा. क्योंकि ऑनलाइन क्लास इसी ऐप पर चल रही हैं तो एक स्कूल वाला इसका शिकार बना है. दूसरा मीटिंग करने को लेकर एक प्राइवेट कंपनी को हैकर ने अपना शिकार बनाया है.



ऐसे बच सकते हैं इस ऐप के खतरों से
आईटी फॉरेंसिक एक्सपर्ट दानिश शर्मा बताते हैं कि जब आप एक खास ऐप को डाउनलोड करते हैं तो वो अपने नियम और शर्त बता देता है कि हम आपका डाटा बेचेंगे नहीं, लेकिन कंपनियों संग शेयर करेंगे. दूसरा यह कि ऐप का इस्तेमाल करने के दौरान बहुत सारी जानकारियां चुराई जा रही हैं.

जिनकी अपनी तकनीकी भाषा अलग है. इन जानकारियों के चोरी होने का खतरा अभी नहीं दिखाई दे रहा है. लेकिन कुछ समय बाद ऑनलाइन फ्रॉड के रूप में हमें इस खतरे से निपटना होगा. सुरक्षा के लिहाज से आउटलुक भी यूज किया जा सकता है.

हर बार मीटिंग के लिए उपयोगकर्ता एक नई आईडी और पासवर्ड बनाए.

होस्टिंग से पहले जॉइन फीचर को डिसेबल करें.

केवल होस्ट द्वारा स्क्रीन शेयर करें.

रिकॉर्डिंग सुविधा को बंद कर दें.

जब मीटिंग और क्लास में सभी लोग शामिल हो गए जाएं तो बैठक को बंद करने की सलाह दी जाती है.

ऐप में एक वेटिंग रूम बनाएं जिससे उपयोगकर्ता मीटिंग में तभी प्रवेश कर सकेगा जब होस्ट उसे अनुमति देगा.

ये भी पढ़ें-

Covid 19: किसने कहा, हम 500ml प्लाज़्मा ही नहीं खून की आखिरी बूंद भी देने को तैयार

COVID-19: पहली बार सोसाइटी के अंदर घुसकर पुलिस ने बिना मास्क वालों पर की FIR
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज