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हनुमान बेनीवाल की चेतावनी- किसानों के हक में फैसला करे केंद्र वर्ना उसकी सहयोगी पार्टी बने रहना मुश्किल

बेनीवाल ने केन्द्र सरकार से स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग की है. (फाइल फोटो)
बेनीवाल ने केन्द्र सरकार से स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग की है. (फाइल फोटो)

आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनिवाल ने लिखा 'एनडीए का घटक दल है परन्तु आरएलपी की ताकत किसान व जवान हैं. इसलिए अगर इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो मुझे किसान हित में एनडीए का सहयोगी दल बने रहने के विषय पर पुनर्विचार करना पड़ेगा!'

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 30, 2020, 10:29 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो हनुमान बेनिवाल ने कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को लेकर दो ट्वीट किए हैं. उन्होंने अपने पहले ट्वीट में लिखा है कि अगर किसानों को लेकर कोई सकारात्मक फैसला केंद्र सरकार नहीं करती है तो उनकी पार्टी को एनडीए का घटक दल बने रहने पर विचार करना पड़ेगा. उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा 'एनडीए का घटक दल है परन्तु आरएलपी की ताकत किसान व जवान है. इसलिए अगर इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो मुझे किसान हित में एनडीए का सहयोगी दल बने रहने के विषय पर पुनर्विचार करना पड़ेगा!'

इसके तत्काल बाद किए गए अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को टैग किया. उन्होंने लिखा कि किसान आंदोलन की भावना को देखते हुए नए कृषि कानूनों को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए. स्वामीनाथन आयोग की पूरी सिफारिशों को लागू करें और किसानों से बातचीत के लिए उनकी इच्छा के मुताबिक उचित जगह दी जाए. इस बारे में उन्होंने ट्वीट किया 'श्री @AmitShah जी, देश में चल रहे किसान आंदोलन की भावना को देखते हुए हाल ही में कृषि से सम्बंधित लाये गए 3 बिलों को तत्काल वापस लिया जाए व स्वामीनाथन आयोग की सम्पूर्ण सिफारिशों को लागू करें व किसानों को दिल्ली में त्वरित वार्ता के लिए उनकी मंशा के अनुरूप उचित स्थान दिया जाए!'






आपको ध्यान दिला दें कि केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ हरियाणा-पंजाब के किसान लगातार आंदोलनरत हैं. केंद्र सरकार से बातचीत के लिए दिल्ली चलो अभियान के तहत वह पिछले कई दिनों से दिल्ली के बॉर्डरों पर जमे हुए हैं. दिल्ली पुलिस केंद्र के निर्देश पर इन बॉर्डरों पर सख्ती के साथ डटी है और किसी भी आंदोलनकारी किसानों को दिल्ली में प्रवेश की इजाजत नहीं दे रही. इस बीच दिल्ली सरकार ने ऐलान किया कि वे किसानों के साथ हैं. आम आदमी पार्टी के विधायक राहुल चड्ढा ने साफ तौर पर कहा कि मुख्यमंत्री का आदेश है कि किसानों के लिए सेवादार के रूप में उनकी पार्टी काम करे. आज दिल्ली सरकार की ओर से दिल्ली बॉर्डरों पर किसानों की दैनिक जरूरतों की चीजें उपलब्ध कराई गई हैं.
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