ऑक्सीजन टैंकर की कमी पर HC की दिल्ली सरकार को फटकार, कहा- आपको लगता है सब कुछ घर पर मिल जाए

दिल्ली में ऑक्सीजन कलेक्शन के लिए ऑक्सीजन टैंकरों की कमी पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है.

दिल्ली में ऑक्सीजन कलेक्शन के लिए ऑक्सीजन टैंकरों की कमी पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है.

दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi Highcourt) ने राजधानी के अस्पतालों में ऑक्सीजन के लिए टैंकरों की कमी पर दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा कि केंद्र आवंटन के बाद भी दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन टैंकर की व्यवस्था क्यों नहीं की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 25, 2021, 3:17 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi Highcourt) ने ऑक्सीजन एकत्र करने के लिए टैंकरों की व्यवस्था नहीं करने के लिए दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. दिल्ली उच्च न्यायालय ने शनिवार को दिल्ली सरकार को ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए क्रायोजेनिक टैंक खरीदने और पर्याप्त उपलब्धता के लिए जरूरी कदम उठाने के आदेश दिए हैं. साथ ही कहा कि शहर के विभिन्न कोविड-19 (Covid 19) अस्पतालों में उनके आवागमन की व्यवस्था की जाए.

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि 'आपको लगता है कि सब कुछ आपको घर के दरवाजे पर मिल जाए.' महाराजा अग्रसेन अस्पताल की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की बेंच ने ये निर्देश दिल्ली सरकार को दिए हैं. बेंच ने यह माना कि दिल्ली सरकार द्वारा क्रायोजेनिक टैंकों की व्यवस्था नहीं होने के कारण ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हुई है, बेंच ने दिल्ली शहर के अंदर ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से राज्य सरकार की सहायता करने को कहा है.

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दो जजों की बेंच ने कहा कि "नागरिकों को इस तरह मरने के लिए नहीं छोड़ सकते हैं. अगर क्रायोजेनिक टैंक आपूर्ति में कम हैं, तो हम उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्र और दिल्ली सरकार इस पर समन्वय के साथ काम करेंगे, इसे पूरी तरह से केंद्र पर नहीं छोड़ सकते हैं।" सुनवाई के दौरान, केंद्र और दिल्ली सरकार परिवहन के लिए क्रायोजेनिक टैंकरों की कमी के बीच ऑक्सीजन की आपूर्ति के संबंध में लॉगरहेड्स पर थे. जबकि केंद्र ने जोर देकर कहा कि दिल्ली को अन्य राज्यों की तरह अपने स्वयं के टैंकों की व्यवस्था करनी चाहिए, इस पर दिल्ली सरकार ने अपने जवाब में कहा कि दिल्ली औद्योगिक राज्य नहीं है और इसलिए उसके पास क्रायोजेनिक टैंक नहीं हैं.
केंद्र सरकार की ओर से SG तुषार मेहता ने कहा कि 'अगर दिल्ली सरकार के पास टैंकरों की समस्या है, तो उन्हें सीधे आपूर्तिकर्ताओं से बात करनी चाहिए. जैसा दूसरे राज्य कर रहे हैं. डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार के आवंटन के बाद भी ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए अपने स्वयं के क्रायोजेनिक टैंकरों की व्यवस्था नहीं करने के लिए दिल्ली सरकार को फटकार लगाई.

बेंच ने कहा कि 'केंद्र के आवंटन के बाद आपने टैंकरों को ऑक्सीजन एकत्र करने के लिए कोई प्रयास किया है? नहीं क्योंकि आपको लगता है कि सब कुछ आपके सामने परोस दिया जाएगा.' हर राज्य ऑक्सीजन के लिए टैंकरों की व्यवस्था खुद कर रहा है, यदि आपके पास अपने स्वयं के टैंक नहीं हैं, तो इसकी व्यवस्था करें. आपको यह करना ही होगा, केंद्रीय सरकार के अधिकारियों से संपर्क करें. कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि हम यहां पर अधिकारियों के बीच संपर्क कराने की सुविधा के लिए नहीं हैं.

दिल्ली सरकार की ओर से पेश डॉ. आशीष वर्मा ने खंडपीठ को बताया कि वे टैंकरों की खरीद के लिए सभी संभव कदम उठा रहे हैं, हालांकि, शहर नाइट्रोजन और आर्गन टैंकरों से कम है क्योंकि यह एक औद्योगिक शहर नहीं है. इस पर कोर्ट ने जवाब दिया, कि 'अगर 3 दिन पहले आवंटन किया गया था, तो आपने टैंकरों की तलाश के लिए अपने विकल्प का अभ्यास क्यों नहीं किया? आपके राजनीतिक प्रमुख यानि सीएम अरविंद केजरीवाल खुद एक प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं और वह वह जानते हैं कि इसके लिए क्या किया जाना चाहिए.'
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