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दिल्ली हिंसा के दौरान राष्ट्रगान के लिए मजबूर करने के मामले की जांच में देरी पर हाई कोर्ट सख्त

दिल्ली हाईकोर्ट ने  दिल्ली हिंसा के दौरान राष्ट्रगान गान के मामले में पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं. (फाइल फोटो)

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली हिंसा के दौरान राष्ट्रगान गान के मामले में पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं. (फाइल फोटो)

Delhi Violence 2020: पीड़ित फैजान की मां किस्मतुन ने अपनी याचिका में दावा किया कि पुलिस ने उसके बेटे को अवैध रूप से हिर ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. दिल्ली में 2020 में हुई हिंसा (Delhi Violence) के दौरान 23 वर्षीय फैजान को राष्ट्रगान गाने के लिए मजबूर करने की घटना की जांच में देरी होने पर दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने कड़ा रुख दिखाते हुए दिल्ली पुलिस (Delhi Police) पर सवाल उठाया है.

न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की पीठ ने संबंधित पुलिस उपायुक्त के हस्ताक्षर के साथ जांच की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं. इस दौरान पीठ को पुलिस ने सूचित किया कि इस मामले में एक हेड कांस्टेबल से पूछताछ की है. इस पर पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “घटना को दो साल हो गए हैं और आप किसी व्यक्ति को पहचानने में सक्षम हैं?” पीठ ने यह भी सवाल किया कि अभी तक वीडियो की उत्पत्ति का पता क्यों नहीं चला. मामले में अगली सुनवाई 22 फरवरी को होगी.

पुलिसकर्मी को फैजान को पीट रहे और राष्ट्रगान गाने के लिए मजबूर कर रहे

यह घटना वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ा है. जिसमें कुछ पुलिसकर्मी फैजान को पीट रहे थे और राष्ट्रगान और वंदे मातरम गाने के लिए मजबूर किया गया था. फैजान की मां किस्मतुन ने याचिका दायर कर उसके बेटे की मौत की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने की मांग की थी. इस वीडियो में 4 अन्य मुस्लिम पुरुषों के साथ देखा गया था.

कांस्टेबल ने भ्रामक जानकारी दी 

किस्मतुन ने अपनी याचिका में दावा किया कि पुलिस ने उसके बेटे को अवैध रूप से हिरासत में लिया और स्वास्थ्य देखभाल से वंचित कर दिया. इसके कारण उनके बेटे की 26 फरवरी 2020 को उसकी मौत हो गई. प्रारंभिक जांच अधिकारी पंकज अरोड़ा ने इससे पहले अदालत को सूचित किया था कि वीडियो एक हेड कांस्टेबल के फोन से बनाया गया था. हालांकि, पूछताछ में हेड कांस्टेबल ने शूट करने से इंकार किया था.

हेड कांस्टेबल का लाई डिटेक्टर टेस्ट किया गया था और इसमें पता चला था कि वह जो कुछ भी कह रहा था वह भ्रामक था. उन्होंने कहा कि हेड कांस्टेबल की आवाज के नमूने लिए गए और एफएसएल को भेजे गए, लेकिन अभी इसकी रिपोर्ट नहीं आई है.

Tags: Delhi riots, Delhi riots case

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