• Home
  • »
  • News
  • »
  • delhi-ncr
  • »
  • HEAT AND HUMIDITY IN DELHI PEAK DEMAND FOR ELECTRICITY REACHED 6499 MW TWO YEAR RECORD BROKEN

दिल्ली में गर्मी और उमस का सितम, बिजली की पीक डिमांड पहुंची 6,499 मेगावाट, दो साल का टूटा रिकॉर्ड

आज दिल्ली में बिजली की पीक डिमांड 6,499 रिकॉर्ड की गई है जो कि 2 साल की सर्वाधिक मांग रिकॉर्ड की गई है.

अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के साथ अब बिजली की डिमांड भी बढ़ने लगी है. इसके चलते BSES का 2 साल पीक डिमांड का रिकॉर्ड भी टूट गया है. आज दिल्ली में बिजली की पीक डिमांड 6,499 रिकॉर्ड की गई है जो कि 2 साल की सर्वाधिक मांग दर्ज की गई है. टाटा पावर-डीडीएल ने भी आज दोपहर सीजन की सबसे ज्यादा बिजली डिमांड 1,836 मेगावाट तक रिकॉर्ड की है.

  • Share this:
    नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के चलते करीब 2 माह से लॉकडाउन (Lockdown) लागू है. लेकिन कोरोनावायरस के सुधरते हालातों के बीच अनलॉक (Unlock) की प्रक्रिया को शुरू किया गया है. इसके बाद अब बिजली की डिमांड भी बढ़ने लगी है.

    इसके चलते 2 साल की बिजली की पीक डिमांड का रिकॉर्ड भी टूट गया है. आज दिल्ली में बिजली की पीक डिमांड 6,499 रिकॉर्ड की गई है जो कि 2 साल की सर्वाधिक मांग रिकॉर्ड की गई है.

    बताते चलें कि करीब 1 सप्ताह से मौसम में भी उमस और गर्मी ज्यादा हो गई है. इसके चलते घरों में रह रहे लोग एसी, कूलर और बिजली के दूसरे उपकरणों का ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं जिसकी वजह से भी बिजली की डिमांड के ज्यादा बढ़ने की संभावना जताई गई है. अगर मौसम आगे भी उमस और गर्मी से भरा रहता है और कोई राहत नहीं मिलती है, तो आने वाले समय में बिजली की डिमांड के और बढ़ने के आसार हैं.

    दिल्ली की निजी बिजली कंपनी बीएसईएस के प्रवक्ता के मुताबिक 2019 में 2 जुलाई को बिजली की मांग ऑल-टाइम हाई 7409 मेगावाॅट पहुंची थी. लेकिन, पिछले साल गर्मियों में लाॅक डाउन (Lockdown) आदि के कारण पीक डिमांड में कमी दर्ज की गई और यह सिर्फ 6314 मेगावाॅट के आंकड़े को छू पाई. 29 जून, 2020 को पिछले वर्ष की पीक डिमांड 6,314 मेगावॉट दर्ज की गई थी.

    इस साल के लिए डिस्काॅम्स (Discoms) ने अनुमान लगाया गया था कि बिजली की मांग 7,900 मेगावाॅट तक जा सकती है. लेकिन, लाॅकडाउन और बारिश-तूफान आदि को देखते हुए लग रहा है कि पीक डिमांड अपेक्षाकृत कम रह सकती है. इस बार पीक डिमांड 7,000 मेगावाॅट से 7,400 मेगावाॅट के बीच रहने की संभावना है.

    कोविड के इस दौर में, आवश्यक सेवा के तौर पर बीएसईएस (BSES) अपनी अहम भूमिका निभा रही है. अस्पतालों, पैथ-लैब्स, क्वारंटीन सेंटरों, वैक्सीनेशन सेंटरों व अन्य जरूरी सेवाओं को विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ, बीएसईएस अपने 45 लाख उपभोक्ताओं को भी बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध करा रही है. बीएसईएस विभिन्न स्टेकहोल्डरों के साथ कोविड की स्थिति पर नजर रखे हुए है.

    उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए बीएसईएस ने न सिर्फ बिजली की पर्याप्त व्यवस्था की है, बल्कि बिजली की मांग का लगभग सटीक अनुमान लगाने के लिए वह अत्याधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल कर रही है. इसमें मौसम का अनुमान लगाने वाली तकनीक भी शामिल है.

    बताते चलें कि लोड का लगभग सटीक अनुमान लगाने में तापमान, बारिश, बादल, हवा की गति, हवा की दिशा और उमस आदि की अहम भूमिका होती है.

    टाटा पावर ने भी सीजन की सबसे ज्यादा बिजली डिमांड 1,836 MW रिकॉर्ड की
    उधर, नॉर्थ और नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली की 70 लाख की आबादी को बिजली सप्लाई करने वाली टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन (टाटा पावर-डीडीएल) ने भी आज दोपहर सीजन की सबसे ज्यादा बिजली डिमांड 1,836 मेगावाट तक रिकॉर्ड की है. इस डिमांड को पूरा करते हुए पावर सप्लाई नेटवर्क में ना कोई कमी आई है, ना ही कोई बिजली कटौती की गई है.

    टाटा पावर के प्रवक्ता के मुताबिक कंपनी अपने बिजली नेटवर्क और मजबूत करने के लिए पूरी तरीके से तैयार है. कंपनी की ओर से उपभोक्ताओं को गर्मी के सीजन में भी निर्बाध बिजली आपूर्ति करने के लिए पूरी तरीके से व्यवस्था की हुई है.