हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगी तब्लीगी जमात से जुड़े विदेशी नागरिकों की FIR रिपोर्ट
Delhi-Ncr News in Hindi

हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगी तब्लीगी जमात से जुड़े विदेशी नागरिकों की FIR रिपोर्ट
हालांकि, पहली एफआईआर पर निचली अदालत में चार्जशीट दायर हो चुकी थी. (फाइल फोटो)

विदेशी जमातियों ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi high court) में याचिका दायर कर कहा है कि दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ दूसरी एफआईआर भी दर्ज कर ली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 2:14 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली.  देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में एक बड़ी खबर सामने आई है. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi high court) ने दिल्ली पुलिस से तब्लीगी जमात (Tablighi Jamat) के जलसे में शामिल हुए विदेशी नागरिकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की रिपोर्ट मांगी है. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि जितने भी एफआईआर इस मामले में दर्ज की गई हैं, उसकी रिपोर्ट की जानकारी दी जाए. जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट ने कहा है कि खास तौर से वो विदेशी नागरिक जो अपनी गलती निचली अदालत में कबूल कर चुके हैं, उनके भी खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर रिपोर्ट (FIR Report) की जानकारी अदालत को दी जाए.

दरअसल, विदेशी जमातियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ दूसरी एफआईआर भी दर्ज कर ली है, जबकि दूसरी एफआईआर पहली एफआईआर की तरह ही है. दूसरी एफआईआर भी उसी मामले पर दर्ज है. हालांकि, पहली एफआईआर पर निचली अदालत में चार्जशीट दायर हो चुकी थी और अधिकतर विदेशी नागरिकों ने अपनी गलती कबूल कर ली है. लिहाजा, दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज दूसरी एफआईआर रद्द होनी चाहिए.

जमात के विदेशी सदस्यों की वापसी की मांग की गई थी
बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने याचिकाकर्ताओं को आदेश दिया था कि वे तब्लीगी जमात के उन विदेशी सदस्यों की सूची केंद्र सरकार को सौंपे, जिन्हें हिरासत में रखा गया है. याचिकाओं में तब्लीगी जमात के विदेशी सदस्यों की वापसी की मांग की गई है. जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि केंद्र सरकार को सूची सौंपने के बाद ही इस मामले पर विचार किया जाएगा.
अब तक अपने देश वापस नहीं लौट पाए हैं


सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि वे अब तक अपने देश वापस नहीं लौट पाए हैं. विदेशी तब्लीगी जमात सदस्यों का पासपोर्ट भी वापस नहीं किया गया है. केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पहले ही सुप्रीम कोर्ट को बता चुके हैं कि 34 में 23 याचिकाकर्ता दोषी पाए गए हैं और उन पर जुर्माना लगाने के बाद उन्हें घर लौटने के लिए कह दिया गया है. कई याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील सीयू सिंह ने पीठ से आग्रह किया था कि उनके 23 मुवक्किलों की घर वापसी जल्द से जल्द होनी चाहिए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज