सुशील कुमार ने मांगा हाई प्रोटीन वाला खाना, तिहाड़ जेल प्रशासन बोला- वह कैदी हैं, गेस्‍ट नहीं

सुशील कुमार. फाइल फोटो.

सुशील कुमार. फाइल फोटो.

पहलवान सागर धनखड़ हत्या (Murder) मामले में आरोपी पहलवान सुशील कुमार की याचिका पर दिल्ली के रोहिणी कोर्ट (Court) में मंगलवार को सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया.

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नई दिल्ली. पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड (Murder) मामले में आरोपी पहलवान सुशील कुमार की याचिका पर दिल्ली के रोहिणी कोर्ट (Court) ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. रोहिणी कोर्ट बुधवार को फैसला सुनाएगा. पहलवान सुशील कुमार ने तिहाड़ जेल में अपने लिए हाई सिक्योरिटी सेल और हाई प्रोटीन वाले खाने की मांग की है. दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में आरोपी पहलवान सुशील कुमार की याचिका पर आधे घंटे से ज्यादा देर तक सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान आरोपी पहलवान के वकील ने कोर्ट से कहा कि जेल में आरोपी सुशील कुमार की जान को खतरा है, लिहाजा वह बाकी आरोपियों की तरह जेल में नहीं रह सकते.

आरोपी सुशील कुमार की ओर से पेश अधिवक्‍ता ने उन्‍हें हाई सिक्योरटी सेल में रखने की मांग की है. इस पर तिहाड़ जेल की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि सुशील कुमार की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें दूसरे कैदियों से अलग रखा गया है. उन्हें हाई सिक्योरिटी सेल में रख दिया गया है. तिहाड़ जेल के इस दलील पर आरोपी सुशिल कुमार के वकील संतुष्ट हो गए और कहा कि तिहाड़ जेल के इस काम की सराहना करते हैं. वहीं, आरोपी सुशील कुमार के तरफ से कोर्ट से ये भी मांग की गई थी कि वो अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं, ऐसे में उन्‍हें हाई प्रोटीनयुक्‍त खाना दिया जाना चाहिए.

तिहाड़ जेल प्रशासन का कड़ा विरोध

आरोपी सुशील कुमार के वकील की इस मांग का तिहाड़ जेल प्रशासन ने कड़ा विरोध किया और कहा कि सुशील एक कैदी हैं, अतिथि नहीं कोई गेस्ट नहीं कि उन्हें हाई प्रोटीन का खाना मुहैया कराया जाए. जेल में और भी कैदी हैं जो अच्छे भोजन या हाई प्रोटीन वाले खाने की मांग करते हैं. अगर सुशील को हाई प्रोटीनयुक्‍त भोजन दिया जाएगा तो दूसरे कैदियों पर इसका असर पड़ेगा. तिहाड़ जेल के इस दलील के बाद सुशील कुमार के वकील ने कोर्ट से कहा कि तब आरोपी सुशील को दोनों टाइम घर का खाना खाने की इजाजत दी जाए. श्‍ह जेल मैन्युअल में भी है. इसका भी तिहाड़ जेल ने विरोध किया और कहा की हम डॉक्टर से सलाह लेकर इस बारे में बताएंगे.
सुशील कुमार के वकील ने कोर्ट से कहा कि पहले भी कैदियों को घर का खाना खाने की इजाजत मिलती रही है. इस पर डॉक्टर के सलाह का कोई मतलब नहीं बनता. बहरहाल, रोहिणी कोर्ट ने आरोपी सुशील की याचिका पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट बुधवार को सुनायेगा फैसला. आपको बता दे की आरोपी सुशील कुमार फिलहाल न्यायिक हिराशत में है और तिहाड़ जेल में बंद है.

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