केंद्र और दिल्ली सरकार को कोर्ट का निर्देश- Lockdown के दौरान गर्भवती महिलाओं को न हो परेशानी
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केंद्र और दिल्ली सरकार को कोर्ट का निर्देश- Lockdown के दौरान गर्भवती महिलाओं को न हो परेशानी
दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल (Justice DN Patel) की बेंच ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एक वीडियो को देखने के बाद ये निर्देश दिए हैं. (फाइल फोटो)

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में कहा गया कि हेल्प लाइन नंबर गर्भवती महिलाओं (pregnant women) के लिए भी उपलब्ध कराया जाए और इसका व्यापक प्रचार किया जाए.

  • News18India
  • Last Updated: April 24, 2020, 6:24 PM IST
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नई दिल्ली. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (Pandemic Coronavirus) के चलते देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown) है. ऐसे में बीमार बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को होने वाली दिक्कतों के मद्देनजर दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने केंद्र (Central Government) और दिल्ली सरकार (Delhi Government) से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि कोरोना वायरस के चलते हॉटस्पॉट (Hotspot) इलाकों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं तथा उनके परिवार के लोगों को लॉकडाउन के दौरान कोई परेशानी न हो.

हेल्पलाइन नंबर का करें प्रचार
दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति एस प्रसाद की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि वरिष्ठ नागरिकों (Senior citizens) की मदद के लिए दो दिन के अंदर जिस प्रस्तावित हेल्पलाइन नंबर की व्यवस्था की जानी है, उसके नंबर को गर्भवती महिलाओं (pregnant women) के लिए भी उपलब्ध कराया जाए. अदालत के आदेश में कहा गया है, 'इस हेल्पलाइन नंबर का, समाचार पत्रों, सोशल मीडिया, दिल्ली पुलिस और अन्य जो माध्यम हो सकें इनका प्रचार किया जाना चाहिए.'


यह आदेश एक चैरिटेबल ट्रस्ट की याचिका पर उच्च न्यायालय द्वारा गत 22 अप्रैल यानी बुधवार को पारित किया गया था जिसे आज दिल्ली उच्च न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया. इस आदेश में कहा गया है, 'भारत सरकार और राष्ट्रीय राजधानी की सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लॉकडाउन के दौरान कोविड-19 के हॉटस्पॉट इलाकों में रह रही गर्भवती महिलाओं और उनके परिवार के लोगों को कोई दिक्कत न होने पाए.’ पीठ ने यह आदेश एक चैरिटेबल ट्रस्ट ‘एमए- रिसोर्स ग्रुप फॉर वूमन एंड हेल्थ’ की याचिका का निपटारा करते हुए दिया. याचिका में दावा किया गया था कि कोविड-19 के संक्रमण को फैलने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन की वजह से दिल्ली में गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो रही है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी देख-रेख तथा प्रसव संबंधी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं.



(इनपुट-भाषा)

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