अस्थमा पीड़ित कैदी की मेडिकल रिपोर्ट नहीं भेजी तो HC ने जेल अधीक्षक पर लगाया 5000 का जुर्माना

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है.

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) का आदेश न मानने पर जेल अधीक्षक के ऊपर लगा जुर्माना. अदालत ने आदेश के एक सप्ताह के भीतर अधीक्षक की सैलरी से 5000 रुपए काट कर 'भारत के वीर' अकाउंट में जमा कराने का आदेश दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 15, 2020, 8:51 PM IST
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नई दिल्ली. अस्थमा पीड़ित कैदी (Asthma Patient) की मेडिकल रिपोर्ट न भेजने के अपराध में दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने आज अपने एक फैसले में जेल अधीक्षक (Jail Superintendent) के ऊपर 5000 रुपए का जुर्माना लगाया. अदालत ने जुर्माने की राशि जेल अधीक्षक के वेतन से काटने का आदेश दिया. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अदालत के निर्णय के एक सप्ताह के भीतर 5000 रुपए की राशि 'भारत के वीर' (Bharat Ke Veer) अकाउंट में जमा कराई जाए. हाईकोर्ट की जस्टिस सुरेश कुमार कैत की बेंच ने यह भी कहा कि जेल अधीक्षक ने 17 सितंबर को दिए गए कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है.

दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने जेल अधीक्षक को पिछले महीने 17 सितंबर को जेल अधीक्षक को यह आदेश दिया था कि अस्थमा पीड़ित कैदी की मेडिकल रिपोर्ट पेश करें. कोर्ट ने जानना चाहा था कि क्या याचिकाकर्ता अस्थमा का मरीज है और उसे किस तरह का इलाज मुहैया कराया जा रहा है. लेकिन जेल अधीक्षक ने कोर्ट के इस आदेश का पालन नहीं किया. इसी वजह से आज कोर्ट ने उन पर जुर्माना लगाते हुए उनकी सैलरी से 5000 रुपए काटने का आदेश दिया. इस मामले में कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 45 दिनों के लिए अंतरिम जमानत दे दी. कोर्ट ने 15000 हजार रुपए के बॉन्ड पर याचिकाकर्ता को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया.

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आपको बता दें कि दिल्ली के नंदनगरी थाने में याचिकाकर्ता के ऊपर मामला दर्ज किया गया था. आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत पुलिस ने याचिकाकर्ता को गिरफ्तार किया है. याचिकाकर्ता ने मामले में अंतरिम जमानत के लिए कोर्ट से गुहार लगाई थी. इस याचिका में उसने कहा था कि वह पिछले एक साल से कान की बीमारी (COM) से पीड़ित है, जिसके कारण उसे सुनाई देने में दिक्कत है. उसे इलाज के लिए पहले जीटीबी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां बेहतर इलाज कराने की सलाह दी गई. याचिकाकर्ता ने मेडिकल रिपोर्ट का भी हवाला दिया.
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याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि जीटीबी के बाद उसे डीडीयू हॉस्पिटल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे जिस तरह के इलाज की सलाह दी, जेल की ओपीडी में उसे वही उपलब्ध कराया जा रहा है. याचिकाकर्ता ने कहा कि वह अस्थमा से भी पीड़ित है, जिसके कारण जेल में इलाज कराने में दिक्कत हो रही है और वह निजी अस्पताल में अपना इलाज कराना चाहता है. अदालत ने इसी याचिका को लेकर जेल अधीक्षक से मेडिकल रिपोर्ट मांगी थी, जो उन्होंने कोर्ट को उपलब्ध नहीं कराई.
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